मतदान के लिए जाने से पहले जान लें यह जरूरी बात!
Thursday - April 11, 2019 10:16 am ,
Category : WTN HINDI
लोकसभा चुनाव में ‘सुरक्षा’ के मद्देनज़र निर्वाचन आयोग ने दिखाई ‘सख्ती’
लोकसभा चुनाव में मतदान केन्द्र पर मोबाइल फ़ोन ले जाना है मना
APR 11 (WTN) – विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में लोकसभा चुनाव-2019 के लिए आज से मतदान शुरू हो गया है। आज पहले चरण की वोटिंग में 91 सीटों पर मतदान हो रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 543 लोकसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा।

मतदान के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र निर्वाचन आयोग ने मतदान केन्द्रों पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। वहीं सुरक्षा के लिए स्थानीय बलों का भी सहयोग लिया गया है।

यदि आप मतदान करने जा रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार आप वोटिंग के दौरान मतदान केन्द्र पर अपने साथ मोबाइल फ़ोन नहीं ले जा सकते हैं। जीहां इस बार निर्वाचन आयोग ने मतदान केन्द्र पर मोबाइल फ़ोन ले जाने पर रोक लगा दी है। मतदान केन्द्र पर तैनात पीठासीन अधिकारी को ही अपना मोबाइल फ़ोन अन्दर ले जाने की अनुमति निर्वाचन आयोग ने दी है।

मतदान केन्द्र के अन्दर मतदान केन्द्र की टीम के अलावा सिर्फ़ मतदाता ही अन्दर प्रवेश कर सकते हैं। वहीं जब तक किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति नहीं आती या कॉल नहीं होती है, पुलिस अधिकारी को भी मतदान केन्द्र के अन्दर प्रवेश की अनुमति नहीं है।

मोबाइल फ़ोन के अलावा कोई भी मतदाता, मतदान केन्द्र में अपने साथ किसी भी प्रकार के हथियार और लिक्विड आइटम को नहीं ले जा सकता है। वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मतदान केन्द्र में एक साथ तीन-चार मतदाताओं को जाने की अनुमति नहीं है।

इस बार के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने नई पहल करते हुए ईवीएम पर चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की तस्वीर लगाई है। वहीं यदि आपको आचार संहिता उल्लंघन के बारे में कोई भी शिकायत निर्वाचन आयोग को करना है, तो आप एंड्रॉयड ऐप सी-विजल के माध्यम से निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी दे सकते हैं। निर्वाचन आयोग का दावा है कि शिकायत करने के 100 मिनट के अन्दर सरकारी अधिकारियों द्वारा इस शिकायत पर एक्शन लिया जाएगा साथ ही शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा।

इतना ही नहीं, ईवीएम मशीनों की हेराफेरी की शिकायतों के बाद निर्चावन आयोग इस बार जीपीएस के जरिये ईवीएम मशीनों को ट्रैक कर रहा है। निर्वाचन आयोग का दावा है कि जीपीएस लगा होने से ईवीएम मशीनों की पूरी लोकेशन ट्रैक हो सकेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोकसभा चुनाव-2019 के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरे देश में 10.35 लाख मतदान केन्द्र स्थापित किये हैं जो कि 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक हैं।
APR 11 (WTN) – विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में लोकसभा चुनाव-2019 के लिए आज से मतदान शुरू हो गया है। आज पहले चरण की वोटिंग में 91 सीटों पर मतदान हो रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 543 लोकसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा।

मतदान के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र निर्वाचन आयोग ने मतदान केन्द्रों पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। वहीं सुरक्षा के लिए स्थानीय बलों का भी सहयोग लिया गया है।

यदि आप मतदान करने जा रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार आप वोटिंग के दौरान मतदान केन्द्र पर अपने साथ मोबाइल फ़ोन नहीं ले जा सकते हैं। जीहां इस बार निर्वाचन आयोग ने मतदान केन्द्र पर मोबाइल फ़ोन ले जाने पर रोक लगा दी है। मतदान केन्द्र पर तैनात पीठासीन अधिकारी को ही अपना मोबाइल फ़ोन अन्दर ले जाने की अनुमति निर्वाचन आयोग ने दी है।

मतदान केन्द्र के अन्दर मतदान केन्द्र की टीम के अलावा सिर्फ़ मतदाता ही अन्दर प्रवेश कर सकते हैं। वहीं जब तक किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति नहीं आती या कॉल नहीं होती है, पुलिस अधिकारी को भी मतदान केन्द्र के अन्दर प्रवेश की अनुमति नहीं है।

मोबाइल फ़ोन के अलावा कोई भी मतदाता, मतदान केन्द्र में अपने साथ किसी भी प्रकार के हथियार और लिक्विड आइटम को नहीं ले जा सकता है। वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मतदान केन्द्र में एक साथ तीन-चार मतदाताओं को जाने की अनुमति नहीं है।

इस बार के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने नई पहल करते हुए ईवीएम पर चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की तस्वीर लगाई है। वहीं यदि आपको आचार संहिता उल्लंघन के बारे में कोई भी शिकायत निर्वाचन आयोग को करना है, तो आप एंड्रॉयड ऐप सी-विजल के माध्यम से निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी दे सकते हैं। निर्वाचन आयोग का दावा है कि शिकायत करने के 100 मिनट के अन्दर सरकारी अधिकारियों द्वारा इस शिकायत पर एक्शन लिया जाएगा साथ ही शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा।

इतना ही नहीं, ईवीएम मशीनों की हेराफेरी की शिकायतों के बाद निर्चावन आयोग इस बार जीपीएस के जरिये ईवीएम मशीनों को ट्रैक कर रहा है। निर्वाचन आयोग का दावा है कि जीपीएस लगा होने से ईवीएम मशीनों की पूरी लोकेशन ट्रैक हो सकेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोकसभा चुनाव-2019 के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरे देश में 10.35 लाख मतदान केन्द्र स्थापित किये हैं जो कि 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक हैं।