BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

मानव संग्रहालय में देखिये 'फर्रा' बांस की ढाल से बचकर निभाते हैं उत्तराखंड के प्राचीन मेले में पत्थरबाजी की रस्म

Friday - April 12, 2019 10:41 am , Category : WTN HINDI


भोपाल 11 अप्रैल: इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के अंतरंग भवन वीथि संकुल में आज “माह के प्रादर्श” श्रृंखला के अंतर्गत माह अप्रैल 2019 के प्रादर्श के रूप में उत्तराखण्ड के चम्पावत समुदाय का बॉस से बनी एक ढाल  ‘‘सजयाल / फर्र” का उदघाटन राजेश प्रसाद मिश्रा, प्रबंध निदेशक, मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद, भोपाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. सरित कुमार चौधुरी निदेशक, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस प्रादर्श का संकलन एवं संयोजन डॉ. आर. एम  नयाल द्वारा किया गया है।



प्रस्तुत प्रादर्श रिंगाल (बॉस) से बनी एक ढाल है। जिसका स्थानीय नाम फर्रा या छतोली है इसे यहाँ के प्रसिद्व मेले देवीधुरा में प्रयुक्त किया जाता है जो रक्षा-बन्धन के दिन बारही देवी के मंदिर में होता है। इसे लोक-गीत एवं नृत्यों का मेला भी कहा जाता  है । इसी को बगवाल के नाम से भी जाना जाता है बगवाल में दो समूहो जिन्हें खाम के नाम से जाना जाता है, एक दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं तब इस बॉस से बनी ढाल का प्रयोग अपने आप को बचाने के लिए किया जाता है। यह बहुत पुराना एवं रोमांचक अनुभव  है। यह मेला बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा है।

यह पारम्परिक फर्रा स्थानीय बॉस की प्रजाति से बनी होती है।  जिसे एक दूसरे पर पत्थर बरसाते समय अपनी रक्षा के लिए उपयोग में लाया जाता है। यह गोल एवं छतरी के आकार की पतली -पतली बॉस की  पिंचियों से बनी होती है, जिसमें खड़े में  मजबूत बॉस की पिंचियॉ लगी होती है। ताकि वह मजबूती से पत्थरों का सामना कर सके। इसका बीच का भाग नुकीला व बाहर की ओर निकला रहता है अन्दर की तरफ उसे पकड़ने के लिए एक हैंडिल रहता है ताकि इसको आसानी से उपयोग करते समय पकड़ा जा सके। -Window To News