भारत का पाकिस्तान को कड़ा सन्देश, एलओसी पर रोका व्यापार
Friday - April 19, 2019 12:08 pm ,
Category : WTN HINDI
भारत सरकार के फ़ैसले से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान
एलओसी पर दो जगह पर भारत ने रोका पाकिस्तान से व्यापार, नकली करेंसी और हथियारों की तस्करी पर लगेगी रोक
APR 19 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। जहां एक तरफ़ भारत ने बालाकोट में एअर स्ट्राइक करके जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया तो वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने अपने फ़ैसलों से आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है, जिसके कारण पाकिस्तान को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी कड़ी में भारत ने आज से जम्मू कश्मीर में दो स्थानों पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) के जरिए पाकिस्तान के साथ व्यापार अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीमा पार के तत्वों द्वारा हथियार, मादक पदार्थों और नकली मुद्रा की तस्करी के लिए इस रास्ते का दुरूपयोग किया जा रहा था, जिसके कारण सरकार ने यह फैसला लिया है।
अपने फ़ैसले के बारे में भारत सरकार का कहना है कि अवांछित और राष्ट्र विरोधी तत्व देश में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से से हवाला के जरिए पैसा और हथियार देश में पहुंचाते हैं जिसके कारण ऐसा कदम उठाना पड़ा है।
दरअसल, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक़ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि जो लोग भारत से पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन में शामिल हो गए हैं, उन्होंने वहां पर कम्पनियां खोल ली हैं। ये कम्पनियां आतंकवादियों के नियंत्रण में हैं और चालाकी से ये कम्पनियां सीमा पार व्यापार में संलग्न हो रही हैं।
भारत सरकार के मुताबिक़, इसको रोकने के लिए एक सख्त विनियामक और प्रवर्तन तंत्र तैयार किया जा रहा है और विभिन्न एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद इसे लागू किया जाएगा। उसके बाद नियंत्रण रेखा के जरिए कारोबार फिर शुरू करने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2007 में आपसी भरोसा कायम करने के उद्देश्य से नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार शुरू हुआ था। नियंत्रण रेखा के आर-पार से होने वाले इस व्यापार के तहत सीमा के दोनों ओर आम लोग विनिमय यानी अदला-बदली प्रक्रिया के तहत सामान भेजते हैं। यह व्यापार खासतौर से कश्मीर क्षेत्र के बारामूला के सलामाबाद और जम्मू क्षेत्र के पुंछ ज़िले के चक्कन-दा-बाग में होता है। सप्ताह में चार दिन होने वाला यह कारोबार जीरो ड्यूटी पर आधारित होता है।
इस व्यापार में दोनों देशों के सीमा क्षेत्र के व्यापारी मुख्य रूप से जीरा, चिली पेपर, कपड़े, इलायची, केला, अनार, अंगूर और बादाम का निर्यात करते हैं। वहीं पाकिस्तान की ओर से प्रेयर मैट, कालीन, कपड़ा, संतरे, आम और जड़ी-बूटियों का निर्यात होता है। कहा जा रहा है कि भारत सरकार के इस फ़ैसले के बाद पाकिस्तान से भारत को होने वाले व्यापार पर काफ़ी असर पड़ने वाला है। वहीं पाक अधिकृत कश्मीर से व्यापार के जरिये होने वाली हथियारों और नकली मुद्रा की तस्करी पर भी लगाम लगेगी।
APR 19 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। जहां एक तरफ़ भारत ने बालाकोट में एअर स्ट्राइक करके जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया तो वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने अपने फ़ैसलों से आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है, जिसके कारण पाकिस्तान को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी कड़ी में भारत ने आज से जम्मू कश्मीर में दो स्थानों पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) के जरिए पाकिस्तान के साथ व्यापार अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीमा पार के तत्वों द्वारा हथियार, मादक पदार्थों और नकली मुद्रा की तस्करी के लिए इस रास्ते का दुरूपयोग किया जा रहा था, जिसके कारण सरकार ने यह फैसला लिया है।
अपने फ़ैसले के बारे में भारत सरकार का कहना है कि अवांछित और राष्ट्र विरोधी तत्व देश में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से से हवाला के जरिए पैसा और हथियार देश में पहुंचाते हैं जिसके कारण ऐसा कदम उठाना पड़ा है।
दरअसल, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक़ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि जो लोग भारत से पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन में शामिल हो गए हैं, उन्होंने वहां पर कम्पनियां खोल ली हैं। ये कम्पनियां आतंकवादियों के नियंत्रण में हैं और चालाकी से ये कम्पनियां सीमा पार व्यापार में संलग्न हो रही हैं।
भारत सरकार के मुताबिक़, इसको रोकने के लिए एक सख्त विनियामक और प्रवर्तन तंत्र तैयार किया जा रहा है और विभिन्न एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद इसे लागू किया जाएगा। उसके बाद नियंत्रण रेखा के जरिए कारोबार फिर शुरू करने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2007 में आपसी भरोसा कायम करने के उद्देश्य से नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार शुरू हुआ था। नियंत्रण रेखा के आर-पार से होने वाले इस व्यापार के तहत सीमा के दोनों ओर आम लोग विनिमय यानी अदला-बदली प्रक्रिया के तहत सामान भेजते हैं। यह व्यापार खासतौर से कश्मीर क्षेत्र के बारामूला के सलामाबाद और जम्मू क्षेत्र के पुंछ ज़िले के चक्कन-दा-बाग में होता है। सप्ताह में चार दिन होने वाला यह कारोबार जीरो ड्यूटी पर आधारित होता है।
इस व्यापार में दोनों देशों के सीमा क्षेत्र के व्यापारी मुख्य रूप से जीरा, चिली पेपर, कपड़े, इलायची, केला, अनार, अंगूर और बादाम का निर्यात करते हैं। वहीं पाकिस्तान की ओर से प्रेयर मैट, कालीन, कपड़ा, संतरे, आम और जड़ी-बूटियों का निर्यात होता है। कहा जा रहा है कि भारत सरकार के इस फ़ैसले के बाद पाकिस्तान से भारत को होने वाले व्यापार पर काफ़ी असर पड़ने वाला है। वहीं पाक अधिकृत कश्मीर से व्यापार के जरिये होने वाली हथियारों और नकली मुद्रा की तस्करी पर भी लगाम लगेगी।