BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

स्टोर पर सामान खरीदने के बाद कैरीबैग के पैसे मांगने पर साफ कहें ‘ना’!

Saturday - April 20, 2019 11:29 am , Category : WTN HINDI
अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति रहें सचेत
अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति रहें सचेत

सामान खरीदने पर मुफ्त में कैरीबैग देना स्टोर की है ‘जिम्मेदारी’, मना करने पर उपभोक्ता फोरम में करें ‘शिकायत’

APR 20 (WTN) – आप शॉपिंग स्टोर्स पर सामान खरीदने तो जाते ही होंगे। कई बार आपने देखा होगा कि स्टोर्स में आप से कैरीबैग के नाम पर पैसे वसूल लिये जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टोर्स द्वारा कैरी बैग के लिए पैसे वसूलना अब नियमों के खिलाफ है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने हाल ही में बाटा इंडिया लिमिटेड पर एक ग्राहक से जूते का डिब्बा ले जाने के लिए मांगे गये पेपर बैग के लिए तीन रुपये लिये जाने पर नौ हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया है।

इस बारे में कानून के जानकारों का कहना है कि चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम का यह आदेश पूरे देश में वैधानिक रूप से लागू होगा। यानि कि यदि आप किसी स्टोर से सामान खरीदते हैं और सामान के लिए कैरीबैग उसी स्टोर से लेते हैं तो स्टोर उस कैरीबैग के लिए ग्राहक से अलग से पैसे नहीं मांग सकता है।

चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम का यह महत्वपूर्ण फैसला दिनेश प्रसाद रतूड़ी की शिकायत पर आया है। रतूड़ी के मुताबिक़, उन्होंने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने पांच फरवरी को चंडीगढ़ के सेक्टर 22डी के बाटा शोरूम से एक जोड़ी जूते खरीदे। शोरूम ने उनसे 402 रुपए लिये जिसमें कैरी बैग की कीमत भी शामिल थी। रतूड़ी ने यह कहकर इसका विरोध किया कि एक तरफ तो बाटा शोरूम, थैले के लिए उनसे पैसे ले रहा है और दूसरी तरफ थैले पर उसका ब्रांड भी छपा हुआ है, जोकि नियमों के अनुसार सही नहीं है।

इस पूरे मामले में खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए रतूड़ी ने तीन रुपए के रिफंड और सेवा में कमी के लिए मुआवजा मांगा। मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा तो फोरम ने कागज के थैले के लिए अतिरिक्त चार्ज लेने पर बाटा को गलत ठहराया। फोरम ने अपने आदेश में कहा कि ग्राहक को थैले का पैसा देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, और ऐसा करना सीधे तौर पर सेवा में कमी का मामला है।

चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम का यह आदेश पूरे देश में कानूनी रूप से अब मान्य है। यानि कि यदि कोई भी स्टोर आप से वहां पर सामान खरीदने के बाद कैरीबैग के पैसे मांगता है तो आप चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम के आदेश का हवाला देते हुए कैरीबैग के पैसे देने से साफ मना कर सकते हैं।

चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने अपने आदेश में साफ कहा है कि अगर थैला पर्यावरण हितैषी है तो भी दुकानदार उसके लिए अतिरिक्त पैसे नहीं ले सकता है। उपभोक्ता फोरम ने अपने आदेश में साफ किया है कि यह स्टोर की ड्यूटी है कि वह उसका सामान खरीदने वाले को मुफ्त में कैरी बैग उपलब्ध कराए।

तो आप भी याद रखें कि आप जब भी किसी स्टोर पर सामान खरीदने जाएं और आप से सामान खरीदने के बाद कैरी बैग के अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं तो आप इसके लिए साफ मना कर सकते हैं। सामान खरीदने के बाद कैरीबैग देना स्टोर का दायित्व है, यदि कोई स्टोर इसके बाद भी आपसे कैरीबैग के पैसे मांगता है तो आप उसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं। हमारी आपसे गुजारिश है कि अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति सतर्क और सचेत रहें।