'कबीर कैफे' ने अपने सुरों के फ्यूजन से समां बांधा
Sunday - April 21, 2019 6:18 am ,
Category : WTN HINDI
भोपाल। रबिंद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के 8 वें वार्षिकोत्सव के जश्न को और भी खास और यादगार बनाने के लिए यूनिवर्सिटी ने अपने परिसर में मशहूर कबीर कैफे का लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट आयोजित कराया। म्यूजिकल नाइट में विश्वविद्यालय परिवार के साथ-साथ शहर की जनता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कबीर कैफे के गानों पर थिरके। उम्दा साउंड अरेंजमेंट्स और बेहतरीन लाइटनिंग के साथ-साथ कबीर के सुरों ने कुछ ऐसा समां बांधा कि विश्वविद्यालय परिसर का मैदान दर्शकों के अभिवादन और प्रशस्ति में बजाई गई तालियों से गूंज उठा। ऐसे उत्साहित और लयबद्ध दर्शकों ने मेहमान कबीर कैफे को भी अपना दीवाना बना दिया जिससे कैफे भी दर्शकों की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए।
कबीर कैफे प्रसिद्ध कवि कबीर के दोहों व संगीत को आधुनिक स्वरुप में फ्यूजन के रुप में प्रस्तुत कर समां बांध दिया। प्रस्तुति के दौरान अमृतवाणी, मन मस्त भाया, वारी जाउं, घाट-घाट, चरखा, मुनिया, चदरिया झीनी रे झीनी सॉन्ग को आधुनिक सुरों में पिरोते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले कबीर कैफे ने भोपालवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई। कल ही विश्वविद्यालय ने अपने एनुअल फेस्ट का समापन समारोह मनाया और इसके बाद पाँच दिनों लंबे प्रतिभागिता के माहौल को खुषनुमा करने के लिए कबीर कैफे के सुरों से बेहतर क्या हो सकता था।
विश्वविद्यालय कुलाधिपति संतोष चौबे, आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कबीर कैफे के सदस्यों का स्वागत किया कुलसचिव डाॅ. विजय सिंह और कुलपति प्रो. ए. के. ग्वाल ने मेहमान कबीर कैफे को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, उनके सुरीले अंदाज की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े।
कैफे भी विश्वविद्यालय परिवार के प्यार और सत्कार के कायल हो गए और उन्होंने परिसर की भौगोलिक सुंदरता के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिवार के युवाओं की असाधारण ऊर्जा से बने सकारात्मक माहौल की भी जमकर सराहना की। कबीर ने कहा कि आरएनटीयू के परिवार से और भोपाल की जनता से मिलकर लगा ही नहीं कि जैसे वह यहां पर मेहमान हैं। - Window To News