जानिए मोदी सरकार की किस कूटनीति से क्यों बौखलाया पाकिस्तान?
Monday - April 22, 2019 1:14 pm ,
Category : WTN HINDI
नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार पर ‘पाबंदी’ से पाकिस्तान को लगा ‘झटका’
नियंत्रण रेखा पर व्यापार बंद होने से ‘तिलमिलाया’ पाकिस्तान, भारत सरकार के फैसले को बताया ‘एकतरफा’!
APR 22 (WTN) – मोदी सरकार की कूटनीति के कारण पाकिस्तान अब बौखला गया है। दरअसल, मोदी सरकार ने पाकिस्तान को घेरने की रणनीति के तहत नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार को रोक दिया है। भारत सरकार की इस कार्रवाई के बाद तिलमिलाया पाकिस्तान अब इसे भारत सरकार की एकतरफा कार्रवाई बता रहा है और इसके लिए भारत सरकार को दोषी बता रहा है।
पाकिस्तान का इस बारे में कहना है कि भारत सरकार का यह आरोप बेबुनियाद है, जिसमें कहा गया है कि नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार की आड़ में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाता। पाकिस्तान ने भारत सरकार के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि इसी व्यापार के जरिये हथियार, मादक पदार्थ, और नकली करेंसी की तस्करी आतंकवादी करते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दूसरी तरफ से व्यापार की छूट पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। भारत सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि काफी समय से रिपोर्ट मिल रही थी कि सीमा पार व्यापार का बड़े पैमाने पर आतंकवादी दुरूपयोग कर रहे हैं। भारत सरकार के ठोस कदम से बौखलाए पाकिस्तान का कहना है कि भारत के सभी आरोप आधारहीन है कि इस व्यापार के जरिये मादक पदार्थों और नकली नोटों की तस्करी होती है।
वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का इस बारे में कहना है कि दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार की शुरूआत दोनों देशों के बीच आपस में भरोसा बढ़ाने वाले कदमों के तहत हुई थी। आगे पाकिस्तान का कहना है कि भारत सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करके इस व्यापार को बंद कर दिया है, जो दिखाता है कि भारत सरकार दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कवायद से दूर हो रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ काफी कड़े फ़ैसले लिए हैं। उन्हीं कड़े फैसलों में से एक फैसला है नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार पर रोक लगाना। दरअसल, भारत सरकार के पास खुफिया एजेंसियों की सूचना है कि आतंकी इस व्यापार का फायदा तस्करी के लिए उठाते हैं। अब भारत सरकार की इस कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला गया है, क्योंकि व्यापार बंद होने से आतंकी भारत में हथियारों और नकली नोटों की तस्करी नहीं कर पाएंगे और पाकिस्तान इसी के जरिये भारत में गड़बड़ी फैलाने की जुगाड़ में रहता है।
इस व्यापार के बंद होने से ना तो भारत को कोई खास नुकसान है और ना ही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दृष्टि से पाकिस्तान को। लेकिन इस व्यापार के बंद होने से पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएगा। पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के व्यापार के जरिये ही आतंकियों के माध्यम से भारत में हथियारों और नकली नोटों की खेप भेजता रहता है। अब चूंकि यह व्यापार बंद हो गया है, ऐसे में पाकिस्तान का बौखलाना उसकी हताशा दर्शाता है। चुंकि इस व्यापार से पाकिस्तान को तो कोई लाभ नहीं था, लेकिन आतंकियों के जरिये जिन गतिविधियों को वो अंजाम दे रहा था अब उस पर मोदी सरकार की कूटनीति के चलते पानी फिर गया है।
APR 22 (WTN) – मोदी सरकार की कूटनीति के कारण पाकिस्तान अब बौखला गया है। दरअसल, मोदी सरकार ने पाकिस्तान को घेरने की रणनीति के तहत नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार को रोक दिया है। भारत सरकार की इस कार्रवाई के बाद तिलमिलाया पाकिस्तान अब इसे भारत सरकार की एकतरफा कार्रवाई बता रहा है और इसके लिए भारत सरकार को दोषी बता रहा है।
पाकिस्तान का इस बारे में कहना है कि भारत सरकार का यह आरोप बेबुनियाद है, जिसमें कहा गया है कि नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार की आड़ में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जाता। पाकिस्तान ने भारत सरकार के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि इसी व्यापार के जरिये हथियार, मादक पदार्थ, और नकली करेंसी की तस्करी आतंकवादी करते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दूसरी तरफ से व्यापार की छूट पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। भारत सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि काफी समय से रिपोर्ट मिल रही थी कि सीमा पार व्यापार का बड़े पैमाने पर आतंकवादी दुरूपयोग कर रहे हैं। भारत सरकार के ठोस कदम से बौखलाए पाकिस्तान का कहना है कि भारत के सभी आरोप आधारहीन है कि इस व्यापार के जरिये मादक पदार्थों और नकली नोटों की तस्करी होती है।
वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का इस बारे में कहना है कि दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार की शुरूआत दोनों देशों के बीच आपस में भरोसा बढ़ाने वाले कदमों के तहत हुई थी। आगे पाकिस्तान का कहना है कि भारत सरकार ने एकतरफा कार्रवाई करके इस व्यापार को बंद कर दिया है, जो दिखाता है कि भारत सरकार दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कवायद से दूर हो रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ काफी कड़े फ़ैसले लिए हैं। उन्हीं कड़े फैसलों में से एक फैसला है नियंत्रण रेखा से होने वाले व्यापार पर रोक लगाना। दरअसल, भारत सरकार के पास खुफिया एजेंसियों की सूचना है कि आतंकी इस व्यापार का फायदा तस्करी के लिए उठाते हैं। अब भारत सरकार की इस कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला गया है, क्योंकि व्यापार बंद होने से आतंकी भारत में हथियारों और नकली नोटों की तस्करी नहीं कर पाएंगे और पाकिस्तान इसी के जरिये भारत में गड़बड़ी फैलाने की जुगाड़ में रहता है।
इस व्यापार के बंद होने से ना तो भारत को कोई खास नुकसान है और ना ही अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दृष्टि से पाकिस्तान को। लेकिन इस व्यापार के बंद होने से पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएगा। पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के व्यापार के जरिये ही आतंकियों के माध्यम से भारत में हथियारों और नकली नोटों की खेप भेजता रहता है। अब चूंकि यह व्यापार बंद हो गया है, ऐसे में पाकिस्तान का बौखलाना उसकी हताशा दर्शाता है। चुंकि इस व्यापार से पाकिस्तान को तो कोई लाभ नहीं था, लेकिन आतंकियों के जरिये जिन गतिविधियों को वो अंजाम दे रहा था अब उस पर मोदी सरकार की कूटनीति के चलते पानी फिर गया है।