सोशल मीडिया पर लड़ी जा रही लोकसभा चुनाव के प्रचार की जंग!
Tuesday - April 23, 2019 12:56 pm ,
Category : WTN HINDI
लोकसभा चुनाव में ‘बदला’ चुनाव प्रचार का तरीका
फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिये कर रहे हैं राजनीतिक दल और उनके समर्थक चुनाव प्रचार
APR 23 (WTN) – भारत यानी कि विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र में सात चरणों में हो रहे लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। सभी राजनीतिक पार्टियां पूरी कोशिश कर रही हैं कि वे अपने-अपने तरीकों से मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचा सकें। एक समय था जब चुनाव प्रचार के लिए लाउड स्पीकर और पैम्पलेट का सहारा लिया जाता था, लेकिन समय के साथ अब चुनाव प्रचार के तरीके भी बदले हैं। तकनीक के इस युग में अब चुनाव प्रचार सोशल मीडिया के जरिये हो रहा है।

जी हां लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पॉलिटिकल पार्टियों और उनके सहयोगियों ने चुनाव के तीसरे चरण से पहले सोशल मीडिया पर अपने विज्ञापनों की संख्या बढ़ा दी है। फेसबुक ऐड लाइब्रेरी के आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अप्रैल के पहले 20 दिनों में भारतीयों द्वारा करीब 7 करोड़ रुपए के पॉलिटिकिल विज्ञापन चलाए गए। बात करें फरवरी-मार्च के महीने की तो इस दौरान इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर करीब 10 करोड़ रुपए की राशि राजनीतिक विज्ञापनों पर खर्च की गई।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक की ऐड लाइब्रेरी एक सर्चेबल डेटाबेस है, जिसमें राजनीति से सम्बन्धित विज्ञापन और फेसबुक-इंस्टाग्राम पर चलने वाले राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे शामिल होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक़, भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों ने फेसबुक पर सबसे ज्यादा विज्ञापन दिए।

फेसबुक से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा के आधिकारिक पेज ने कुल 1.3 करोड़ रुपए के विज्ञापन दिए। वहीं अप्रैल महीने की बात करें तो इसमें 20 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में कुल 44.32 लाख रुपए के विज्ञापन भाजपा द्वारा दिये गये। बात करें कांग्रेस की तो फेसबुक पर कांग्रेस के आधिकारिक पेज ने फरवरी से लेकर 20 अप्रैल तक की अवधि में 56.69 लाख रुपए के विज्ञापन दिए।

यह तो थी भाजपा और कांग्रेस द्वारा फेसबुक पर किये गये प्रचार की बात। पर आंकड़े बताते हैं कि राजनीतिक दलों के समर्थकों ने राजनीतिक दलों की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर विज्ञापन में सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा समर्थक पेज, 'भारत के मन की बात' ने फेसबुक पर 2.33 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किये हैं। वहीं 'माई फर्स्ट वोट फॉर मोदी' पेज ने 1.08 करोड़ रुपए और 'नेशन विथ नमो' पेज ने 1.20 करोड़ रुपए भाजपा के प्रचार में खर्च किये हैं।

भाजपा समर्थित पेजों ने कांग्रेस समर्थित पेजों की तुलना में ज्यादा पैसा विज्ञापनों पर खर्च किया है। कांग्रेस समर्थक पेज, 'बंदे में है दम' ने फेसबुक पर प्रचार में 2.59 लाख रुपए खर्च किए, जबकि 'इंडियन यूथ कांग्रेस' ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर 6.52 लाख रुपए खर्च किए गये।

यानी कि साफ है कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों ने प्रचार पर काफी जोर दिया है। ये आंकड़े तो विज्ञापनों के हैं, लेकिन सभी पार्टियों के समर्थकों द्वारा अपने-अपने फेसबुक पेज पर अपनी-अपनी पार्टी के लिए जो मुहिम चलाई है उसकी तो कोई गिनती ही नहीं है। सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर इन दिनों चुनाव का माहौल देखा जा सकता है, जिसके आधार पर कहा जा रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टियों और उनके समर्थकों द्वारा मैदान की बजाय सोशल मीडिया पर ज्यादा प्रचार किया जा रहा है।
APR 23 (WTN) – भारत यानी कि विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र में सात चरणों में हो रहे लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। सभी राजनीतिक पार्टियां पूरी कोशिश कर रही हैं कि वे अपने-अपने तरीकों से मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचा सकें। एक समय था जब चुनाव प्रचार के लिए लाउड स्पीकर और पैम्पलेट का सहारा लिया जाता था, लेकिन समय के साथ अब चुनाव प्रचार के तरीके भी बदले हैं। तकनीक के इस युग में अब चुनाव प्रचार सोशल मीडिया के जरिये हो रहा है।

जी हां लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पॉलिटिकल पार्टियों और उनके सहयोगियों ने चुनाव के तीसरे चरण से पहले सोशल मीडिया पर अपने विज्ञापनों की संख्या बढ़ा दी है। फेसबुक ऐड लाइब्रेरी के आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अप्रैल के पहले 20 दिनों में भारतीयों द्वारा करीब 7 करोड़ रुपए के पॉलिटिकिल विज्ञापन चलाए गए। बात करें फरवरी-मार्च के महीने की तो इस दौरान इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर करीब 10 करोड़ रुपए की राशि राजनीतिक विज्ञापनों पर खर्च की गई।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक की ऐड लाइब्रेरी एक सर्चेबल डेटाबेस है, जिसमें राजनीति से सम्बन्धित विज्ञापन और फेसबुक-इंस्टाग्राम पर चलने वाले राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे शामिल होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक़, भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों ने फेसबुक पर सबसे ज्यादा विज्ञापन दिए।

फेसबुक से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा के आधिकारिक पेज ने कुल 1.3 करोड़ रुपए के विज्ञापन दिए। वहीं अप्रैल महीने की बात करें तो इसमें 20 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में कुल 44.32 लाख रुपए के विज्ञापन भाजपा द्वारा दिये गये। बात करें कांग्रेस की तो फेसबुक पर कांग्रेस के आधिकारिक पेज ने फरवरी से लेकर 20 अप्रैल तक की अवधि में 56.69 लाख रुपए के विज्ञापन दिए।

यह तो थी भाजपा और कांग्रेस द्वारा फेसबुक पर किये गये प्रचार की बात। पर आंकड़े बताते हैं कि राजनीतिक दलों के समर्थकों ने राजनीतिक दलों की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर विज्ञापन में सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा समर्थक पेज, 'भारत के मन की बात' ने फेसबुक पर 2.33 करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च किये हैं। वहीं 'माई फर्स्ट वोट फॉर मोदी' पेज ने 1.08 करोड़ रुपए और 'नेशन विथ नमो' पेज ने 1.20 करोड़ रुपए भाजपा के प्रचार में खर्च किये हैं।

भाजपा समर्थित पेजों ने कांग्रेस समर्थित पेजों की तुलना में ज्यादा पैसा विज्ञापनों पर खर्च किया है। कांग्रेस समर्थक पेज, 'बंदे में है दम' ने फेसबुक पर प्रचार में 2.59 लाख रुपए खर्च किए, जबकि 'इंडियन यूथ कांग्रेस' ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर 6.52 लाख रुपए खर्च किए गये।

यानी कि साफ है कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों ने प्रचार पर काफी जोर दिया है। ये आंकड़े तो विज्ञापनों के हैं, लेकिन सभी पार्टियों के समर्थकों द्वारा अपने-अपने फेसबुक पेज पर अपनी-अपनी पार्टी के लिए जो मुहिम चलाई है उसकी तो कोई गिनती ही नहीं है। सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर इन दिनों चुनाव का माहौल देखा जा सकता है, जिसके आधार पर कहा जा रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टियों और उनके समर्थकों द्वारा मैदान की बजाय सोशल मीडिया पर ज्यादा प्रचार किया जा रहा है।