लोकसभा चुनाव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गैर राजनीतिक इन्टरव्यू के मायने
Wednesday - April 24, 2019 3:39 pm ,
Category : WTN HINDI
अक्षय कुमार ने लिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इन्टरव्यू
बातों बातों में प्रधानमंत्री मोदी ने साधा विरोधियों पर निशाना, कही दिल की बातें...
APR 24 (WTN) – लोकसभा चुनाव के मतदान और प्रचार के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस अंदाज में फिल्म कलाकार अक्षय कुमार को गैर राजनीतिक इन्टरव्यू दिया, उससे कई बातें साफ़ हो गईं कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए राजनीति सिर्फ राजनीति तक ही सीमित है और राजनीति से अलग प्रधानमंत्री मोदी एक अलग इन्सान हैं। मोदी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र जिस तरीके से इन्टरव्यू दिया उससे साफ जाहिर होता है कि मोदी राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं।
मोदी ने सबसे पहले आम जनता की उस नासमझी को दूर किया जिसमें जनता को लगता है कि चुनाव के दौरान और संसद में एक दूसरे पर आरोप लगाने वाले राजनेता वास्तव में भी एक दूसरे के विरोधी होते हैं और एक दूसरे से बातें नहीं करते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री ने आज के इन्टरव्यू से साफ़ कर दिया कि राजनेताओं के बीच सिर्फ वैचारिक मतभेद होते हैं, मनभेद नहीं।
अक्षय कुमार को दिये इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने आम जनता की ग़लतफ़हमी दूर करते हुए साफ किया कि उनके कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद से काफ़ी अच्छे सम्बन्ध हैं। वहीं मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें कुर्ते और मिठाइयां भेजती हैं। यानी की साफ़ है कि आम जनता को लगता है कि राजनेताओं के बीच वैमनस्य रहता है, बल्कि ऐसा नहीं है उनके बीच सामान्य शिष्टाचार आम बात है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन्टरव्यू के दौरान बातों ही बातों में गांधी परिवार पर तंज भी कसा। मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री बनने के बारे में नहीं सोचा था, क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि में ऐसा कुछ नहीं था कि वे इस बारे में सोचते। मोदी ने गांधी परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आम लोग ऐसी बातों पर विश्वास नहीं करते कि वे एक दिन प्रधानमंत्री बनेंने। यह बातें केवल उन लोगों के मन में आ सकती है जो एक विशेष परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
राजनीति में वंश परम्परा,अमीरी और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए मोदी ने अपने जीवन के संघर्ष के बारे में बताते हुए कहा कि उनके पास बचपन में इतने पैसे तक नहीं होते थे कि वे आम खरीदकर खा सकें, इसलिए वे आम तोड़कर खाया करते थे। अपने साधारण परिवेश के बारे में बताते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें यदि छोटी सी कोई नौकरी ही लग जाती तो उनकी मां पूरे गांव में गुड़ बांट देती। इस तरह मोदी ने साफ़ किया कि वे एक बहुत ही साधारण परिवार से सम्बन्ध रखने वाले नेता हैं। वहीं मोदी ने साफ किया कि वे उनका परिवार उनसे कोई भी मदद नहीं लेता है और उनकी मां आज भी उनके लिए पैसे भेजती है।
प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक विरोधी अक्सर उन पर घमण्डी होने का आरोप लगाते हैं। अक्षय कुमार को दिये अपने इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोधियों के आरोपों का उत्तर देते हुए कहा कि वे अपने काम के प्रति सख्त और अनुशासित हैं, लेकिन वे कभी किसी को नीचा दिखाने का काम नहीं करते हैं। मैं जब भी किसी को कोई काम देता हूं तो मैं खुद भी उसमें इन्वॉल्व हो जाता हूं। भाजपा और सरकार में अपने पूर्ण वर्चस्व के आरोपों का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि वे टीम वर्क में विश्वास करते हैं, वे सीखते हैं और सिखाते भी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं के साथ काफ़ी जुड़ाव रहा है और इसी कारण वे आधुनिक युग के साथ चलने वाले राजनेता कहे जाते हैं। इन्टरव्यू में उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं और इसके जरिये उन्हें देश और दुनिया के बारे में पता चलता रहता है। मोदी ने कहा कि उन्हें मीम बहुत पसंद है और लोगों की क्रिएटिविटी उन्हें अच्छी लगती है। यानी की साफ है कि मोदी सोशल मीडिया के जरिये पता करते रहते हैं कि उनके ख़िलाफ़ और समर्थन में क्या कुछ हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से ही देश की सेना के जवानों के प्रति आदर का भाव रखते हैं। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए मोदी ने अपनी हर दीवाली सेना के जवानों के साथ ही मनाई है। अक्षय कुमार को दिये इन्टरव्यू में मोदी ने अपने दिल की बात बताते हुए कहा कि वे सेना में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। साफ जाहिर होता है कि भाजपा और मोदी की राष्ट्रवादी विचारधारा के कारण ही उनमें सेना के प्रति सम्मान का भाव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इशारों ही इशारों में राबर्ट वाड्रा पर भी निशाना साधा। मोदी ने साफ किया कि गुजरात में विधायक की हैसियत से उन्हें अहमदाबाद में एक प्लॉट मिला था, लेकिन वो उन्होंने अपनी पार्टी (भाजपा) को दान कर दिया है। यानी कि मोदी ने साफ किया वे उन्हें जमीन से मोह नहीं है। वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री बनते समय तक उनके पास बैंक अकाउंट नहीं था।
अक्षय कुमार को दिये इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने हर गैर राजनीतिक सवाल का बड़े ही संजीदगी से जवाब दिया और बातों ही बातों में अपने राजनीतिक विरोधियों पर जमकर कटाक्ष किया। प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि इस समय देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं, तो ऐसे में उनके द्वारा कहे गये हर एक शब्द के मायने निकाले जाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संजीदगी से नपे तुले शब्दों में जो इन्टरव्यू दिया वो तारीफे काबिल है।
APR 24 (WTN) – लोकसभा चुनाव के मतदान और प्रचार के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस अंदाज में फिल्म कलाकार अक्षय कुमार को गैर राजनीतिक इन्टरव्यू दिया, उससे कई बातें साफ़ हो गईं कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए राजनीति सिर्फ राजनीति तक ही सीमित है और राजनीति से अलग प्रधानमंत्री मोदी एक अलग इन्सान हैं। मोदी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र जिस तरीके से इन्टरव्यू दिया उससे साफ जाहिर होता है कि मोदी राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं।
मोदी ने सबसे पहले आम जनता की उस नासमझी को दूर किया जिसमें जनता को लगता है कि चुनाव के दौरान और संसद में एक दूसरे पर आरोप लगाने वाले राजनेता वास्तव में भी एक दूसरे के विरोधी होते हैं और एक दूसरे से बातें नहीं करते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री ने आज के इन्टरव्यू से साफ़ कर दिया कि राजनेताओं के बीच सिर्फ वैचारिक मतभेद होते हैं, मनभेद नहीं।
अक्षय कुमार को दिये इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने आम जनता की ग़लतफ़हमी दूर करते हुए साफ किया कि उनके कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद से काफ़ी अच्छे सम्बन्ध हैं। वहीं मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें कुर्ते और मिठाइयां भेजती हैं। यानी की साफ़ है कि आम जनता को लगता है कि राजनेताओं के बीच वैमनस्य रहता है, बल्कि ऐसा नहीं है उनके बीच सामान्य शिष्टाचार आम बात है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन्टरव्यू के दौरान बातों ही बातों में गांधी परिवार पर तंज भी कसा। मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री बनने के बारे में नहीं सोचा था, क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि में ऐसा कुछ नहीं था कि वे इस बारे में सोचते। मोदी ने गांधी परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आम लोग ऐसी बातों पर विश्वास नहीं करते कि वे एक दिन प्रधानमंत्री बनेंने। यह बातें केवल उन लोगों के मन में आ सकती है जो एक विशेष परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
राजनीति में वंश परम्परा,अमीरी और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए मोदी ने अपने जीवन के संघर्ष के बारे में बताते हुए कहा कि उनके पास बचपन में इतने पैसे तक नहीं होते थे कि वे आम खरीदकर खा सकें, इसलिए वे आम तोड़कर खाया करते थे। अपने साधारण परिवेश के बारे में बताते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें यदि छोटी सी कोई नौकरी ही लग जाती तो उनकी मां पूरे गांव में गुड़ बांट देती। इस तरह मोदी ने साफ़ किया कि वे एक बहुत ही साधारण परिवार से सम्बन्ध रखने वाले नेता हैं। वहीं मोदी ने साफ किया कि वे उनका परिवार उनसे कोई भी मदद नहीं लेता है और उनकी मां आज भी उनके लिए पैसे भेजती है।
प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक विरोधी अक्सर उन पर घमण्डी होने का आरोप लगाते हैं। अक्षय कुमार को दिये अपने इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोधियों के आरोपों का उत्तर देते हुए कहा कि वे अपने काम के प्रति सख्त और अनुशासित हैं, लेकिन वे कभी किसी को नीचा दिखाने का काम नहीं करते हैं। मैं जब भी किसी को कोई काम देता हूं तो मैं खुद भी उसमें इन्वॉल्व हो जाता हूं। भाजपा और सरकार में अपने पूर्ण वर्चस्व के आरोपों का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि वे टीम वर्क में विश्वास करते हैं, वे सीखते हैं और सिखाते भी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं के साथ काफ़ी जुड़ाव रहा है और इसी कारण वे आधुनिक युग के साथ चलने वाले राजनेता कहे जाते हैं। इन्टरव्यू में उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं और इसके जरिये उन्हें देश और दुनिया के बारे में पता चलता रहता है। मोदी ने कहा कि उन्हें मीम बहुत पसंद है और लोगों की क्रिएटिविटी उन्हें अच्छी लगती है। यानी की साफ है कि मोदी सोशल मीडिया के जरिये पता करते रहते हैं कि उनके ख़िलाफ़ और समर्थन में क्या कुछ हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से ही देश की सेना के जवानों के प्रति आदर का भाव रखते हैं। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए मोदी ने अपनी हर दीवाली सेना के जवानों के साथ ही मनाई है। अक्षय कुमार को दिये इन्टरव्यू में मोदी ने अपने दिल की बात बताते हुए कहा कि वे सेना में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। साफ जाहिर होता है कि भाजपा और मोदी की राष्ट्रवादी विचारधारा के कारण ही उनमें सेना के प्रति सम्मान का भाव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इशारों ही इशारों में राबर्ट वाड्रा पर भी निशाना साधा। मोदी ने साफ किया कि गुजरात में विधायक की हैसियत से उन्हें अहमदाबाद में एक प्लॉट मिला था, लेकिन वो उन्होंने अपनी पार्टी (भाजपा) को दान कर दिया है। यानी कि मोदी ने साफ किया वे उन्हें जमीन से मोह नहीं है। वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री बनते समय तक उनके पास बैंक अकाउंट नहीं था।
अक्षय कुमार को दिये इन्टरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने हर गैर राजनीतिक सवाल का बड़े ही संजीदगी से जवाब दिया और बातों ही बातों में अपने राजनीतिक विरोधियों पर जमकर कटाक्ष किया। प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि इस समय देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं, तो ऐसे में उनके द्वारा कहे गये हर एक शब्द के मायने निकाले जाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संजीदगी से नपे तुले शब्दों में जो इन्टरव्यू दिया वो तारीफे काबिल है।