रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इनोवेशन एण्ड आईपीआर पर कार्यशाला का आयोजन
Friday - May 3, 2019 11:25 am ,
Category : WTN HINDI
भोपाल 2 मई। रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विष्वविद्यालय की आईक्यूएसी सेल, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग और सेंटर फाॅर इन्क्यूबेशन फाॅर एन्टरप्रेन्योर एण्ड स्टार्टअप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई। इस कार्यशाला का विषय ‘‘इनोवेशन एण्ड आईपीआरः ए वे टू सस्टेनेबल फ्यूचर’’ था। इसमें देश की अग्रणी इनोवेशन कंसल्टिंग फर्म, वल्र्ड इनोवेशन नेटवर्क के प्रबंध निदेशक प्रवीण राजपाल ने संबोधित किया। उन्होंने इंटलेक्च्यूअल प्रापर्टी राईट (आईपीआर) और इनोवेशन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने भारत में आईपीआर की स्थिति के संबंध में बताया साथ ही अमेरिका व यूरोपीय देशो में इंटलेक्च्यूअल प्रापर्टी कानूनों पर चर्चा करते हुए भारत के साथ उनकी तुलना की।
उन्होंने आगे कहा कि इनोवेशन का भविष्य ‘‘ओपन इनोवेशन’’ है। ओपन इनोवेशन से आशय वर्तमान सूचना युग में उस प्रकार की नवाचारी मानसिकता को बढ़ावा देने से है जो परम्परागत रूप से चली आ रही कॉरपोरेट अनुसन्धान मानसिकता के विपरीत है। जिसमें आधुनिक साफ्टवेयर की भूमिका महत्वपूर्ण है।
आज विश्वविद्यालयों के साथ अधिक से अधिक कंपनियां जुड़ रही है जिससे उन्हें नये विचार, इनोवेशन, तकनीक, पेटेंट, स्टार्टअप मिल पायें। उन्होंने माईड मैपिंग की बात कही। यदि कोई आईडिया आ रहा है तो कौन-कौन से फैक्टर को वह सपोर्ट करेगा। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने शपथ दिलाई कि हर विद्यार्थी के पास एक पेटेंट होना चाहिये।
इस मौके पर आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ओपन इनोवेशन इको सिस्टम विकसित करने की आवशयकता है। इनोवेशन का पेटेंट किस तरह कराया जाए इसकी जानकारी होनी चाहिये। सेमिनार में इंजीनियरिंग और टेक्नोलाजी के डीन डाॅ. संजीव गुप्ता, विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, उद्यमी व विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यशाला में विद्यार्थियों के लिये आईपीआर पर आधारित क्विज आयोजित किया गया। जिसमें नौ टीमों ने भाग लिया। लॉ की टीम (शुभम भदौरिया, प्रषांत राजवैद्य, ऋषभ भदौरिया, महिमा सरैया, शाइस्ता नाज) ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं दूसरे स्थान पर एग्रीकल्चर व मैनेजमेंट की टीम (नैंसी, सुबाना खान, इशिका किरण साहू, भरतजी भारती) रहीं। विजेताओं को पुरस्कार व सर्टिफिकेट वितरित किये गये। - Window To News