चीनी दूल्हे बने पाकिस्तानी दुल्हनों के लिए ‘शामत’!
Monday - May 6, 2019 4:21 pm ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तानी दुल्हनों को ‘धोखा’ दे रहे चीनी दूल्हे
पाकिस्तानियों के लिए मुसीबत का सबब बना चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर!
MAY 06 (WTN) – आर्थिक रूप से लगभग कंगाल हो चुके पाकिस्तान के चीन के साथ सम्बन्धों के बारे में तो आप जानते ही हैं। पाकिस्तान की दयनीय आर्थिक हालत का फ़ायदा उठाते हुए चीन ने पाकिस्तान को कर्ज़ के बोझ तले दबा दिया है। वहीं अपने महत्वाकांक्षी सीपीईसी प्रोजेक्ट के लिए चीन, पाकिस्तान के संसाधनों को लगातार उपयोग कर रहा है। आर्थिक रूप से ख़राब हालत में पहुंच चुके पाकिस्तान के लिए चीन एक बहुत बड़ी आशा की किरण है, क्योंकि चीन ही है जो उसे आर्थिक संकट से उबार सकने में मदद कर सकता है। इसी कारण से पाकिस्तान किसी ना किसी तरह से चीन को खुश करने की कोशिश में लगा रहता है।
चीन से सम्बन्ध सुधारने की इस कवायद में पाकिस्तानी लड़कियों और चीन लड़कों के बीच शादी के कई मामले सामने आ रहे हैं। शुरू में इसे चीन और पाकिस्तान के बीच प्रगाढ़ होते सम्बन्धों की तरह देखा गया। लेकिन धीरे-धीरे हक़ीकत सामने आई तो पाकिस्तानी लड़कियों के लिए चीनी दूल्हे ख़तरा बनने दिखने लगे हैं।
इसी के चलते अब पाकिस्तानी सरकार ने बक़ायदा अपने देशवासियों को चीनी दूल्हों को लेकर चेतावनी जारी की है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, चीनी पुरुष पाकिस्तानी लड़कियों से फर्जी शादी करते हैं और फिर उनसे देह व्यापार कराने लगते हैं। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ सालों में चीनी पुरुषों द्वारा पाकिस्तान में शादी करके देह व्यापार में लड़कियों को ढकेलने के कई मामले प्रकाश में आए हैं। इतना ही नहीं, पाकिस्तान में मौजूद चीनी दूतावास ने भी इसे लेकर बयान जारी किया है।
इस बारे में चीनी दूतावास का कहना है कि पाकिस्तानी लड़कियां सोच समझकर ही चीनी पुरुषों से शादी करें। दूतावास ने एडवायजरी जारी करते हुए कहा है कि ग़ैर-क़ानूनी मैचमेकिंग सेन्टर्स से शादी तय करने से बचें, क्योंकि यह सेन्टर्स निजी फ़ायदे के लिए चल रहे हैं और इससे पाकिस्तानी लड़कियों की ज़िन्दगी ख़तरे में पड़ सकती है।
हाल ही के दिनों में पाकिस्तानी सरकार ने कुछ ऐसे फ़र्जी मैचमेकिंग सेन्टर्स पर कार्रवाई भी की है। इसमें यह बात सामने आई कि इन मैचमेकिंग सेन्टर्स के जरिये पाकिस्तान की ग़रीब ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। देखा गया है कि चीनी लड़के पाकिस्तान में काम करते हुए इन ग़रीब लड़कियों से शादी करते हैं। शादी करने के लिए चीनी लड़के शादी के लिए बाक़ायदा फ़र्जी दस्तावेज बनाते हैं, और खुद को ईसाई या मुस्लिम बताकर शादी कर लेते हैं।
शादी के बाद इन लड़कियों और इनके परिवार वालों को पैसों का ऑफर देकर उन्हें चीनी लड़के चीन ले जाते हैं और उन्हें देह व्यापार और मानव तस्करी के जाल में फंसा देते हैं। हालत यह है कि कई लड़कियों को तो चीन से ले जाकर दूसरे देशों तक में देह व्यापार करवाया जाता है।
दरअसल, इस तरह के मामले चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर में हो रहे हैं। कहने को तो सीपीईसी दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने के लिए बनाया गया हो, लेकिन ये कॉरिडोर पाकिस्तान में रह रहे लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। साल 2015 के बाद से कई चीनी नागरिक इस कॉरिडोर के बनने के बाद से पाकिस्तान में रह रहे हैं। योजनाबद्ध तरीक़े से इनमें से कुछ ने तो यहा पर घर और सम्पत्तियां भी ख़रीद ली हैं। पर देखा गया है कि व्यापार की आड़ में कुछ लोग देह व्यापार और मानव तस्करी को भी यहां बढ़ावा दे रहे हैं।
अब देखना होगा कि चीनी पुरुषों की इन हरक़तों पर कितना लगाम पाकिस्तान लगा पाता है। वैसे चीन के नागिरकों से कुछ कहने की स्थिति में इस समय पाकिस्तान नहीं है। चीन के कर्ज में दबे पाकिस्तान को इस समय चीन की हर सही और ग़लत बात में हां करना ही होगी। विस्तारवादी चीन सीपीईसी के जरिये पाकिस्तान के संसाधनों का जमकर दोहन कर रहा है, उसके चीनी नागरिक पाकिस्तानी लोगों का शोषण कर रहे हैं।
MAY 06 (WTN) – आर्थिक रूप से लगभग कंगाल हो चुके पाकिस्तान के चीन के साथ सम्बन्धों के बारे में तो आप जानते ही हैं। पाकिस्तान की दयनीय आर्थिक हालत का फ़ायदा उठाते हुए चीन ने पाकिस्तान को कर्ज़ के बोझ तले दबा दिया है। वहीं अपने महत्वाकांक्षी सीपीईसी प्रोजेक्ट के लिए चीन, पाकिस्तान के संसाधनों को लगातार उपयोग कर रहा है। आर्थिक रूप से ख़राब हालत में पहुंच चुके पाकिस्तान के लिए चीन एक बहुत बड़ी आशा की किरण है, क्योंकि चीन ही है जो उसे आर्थिक संकट से उबार सकने में मदद कर सकता है। इसी कारण से पाकिस्तान किसी ना किसी तरह से चीन को खुश करने की कोशिश में लगा रहता है।
चीन से सम्बन्ध सुधारने की इस कवायद में पाकिस्तानी लड़कियों और चीन लड़कों के बीच शादी के कई मामले सामने आ रहे हैं। शुरू में इसे चीन और पाकिस्तान के बीच प्रगाढ़ होते सम्बन्धों की तरह देखा गया। लेकिन धीरे-धीरे हक़ीकत सामने आई तो पाकिस्तानी लड़कियों के लिए चीनी दूल्हे ख़तरा बनने दिखने लगे हैं।
इसी के चलते अब पाकिस्तानी सरकार ने बक़ायदा अपने देशवासियों को चीनी दूल्हों को लेकर चेतावनी जारी की है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, चीनी पुरुष पाकिस्तानी लड़कियों से फर्जी शादी करते हैं और फिर उनसे देह व्यापार कराने लगते हैं। कहा जा रहा है कि पिछले कुछ सालों में चीनी पुरुषों द्वारा पाकिस्तान में शादी करके देह व्यापार में लड़कियों को ढकेलने के कई मामले प्रकाश में आए हैं। इतना ही नहीं, पाकिस्तान में मौजूद चीनी दूतावास ने भी इसे लेकर बयान जारी किया है।
इस बारे में चीनी दूतावास का कहना है कि पाकिस्तानी लड़कियां सोच समझकर ही चीनी पुरुषों से शादी करें। दूतावास ने एडवायजरी जारी करते हुए कहा है कि ग़ैर-क़ानूनी मैचमेकिंग सेन्टर्स से शादी तय करने से बचें, क्योंकि यह सेन्टर्स निजी फ़ायदे के लिए चल रहे हैं और इससे पाकिस्तानी लड़कियों की ज़िन्दगी ख़तरे में पड़ सकती है।
हाल ही के दिनों में पाकिस्तानी सरकार ने कुछ ऐसे फ़र्जी मैचमेकिंग सेन्टर्स पर कार्रवाई भी की है। इसमें यह बात सामने आई कि इन मैचमेकिंग सेन्टर्स के जरिये पाकिस्तान की ग़रीब ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जाता है। देखा गया है कि चीनी लड़के पाकिस्तान में काम करते हुए इन ग़रीब लड़कियों से शादी करते हैं। शादी करने के लिए चीनी लड़के शादी के लिए बाक़ायदा फ़र्जी दस्तावेज बनाते हैं, और खुद को ईसाई या मुस्लिम बताकर शादी कर लेते हैं।
शादी के बाद इन लड़कियों और इनके परिवार वालों को पैसों का ऑफर देकर उन्हें चीनी लड़के चीन ले जाते हैं और उन्हें देह व्यापार और मानव तस्करी के जाल में फंसा देते हैं। हालत यह है कि कई लड़कियों को तो चीन से ले जाकर दूसरे देशों तक में देह व्यापार करवाया जाता है।
दरअसल, इस तरह के मामले चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर में हो रहे हैं। कहने को तो सीपीईसी दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने के लिए बनाया गया हो, लेकिन ये कॉरिडोर पाकिस्तान में रह रहे लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। साल 2015 के बाद से कई चीनी नागरिक इस कॉरिडोर के बनने के बाद से पाकिस्तान में रह रहे हैं। योजनाबद्ध तरीक़े से इनमें से कुछ ने तो यहा पर घर और सम्पत्तियां भी ख़रीद ली हैं। पर देखा गया है कि व्यापार की आड़ में कुछ लोग देह व्यापार और मानव तस्करी को भी यहां बढ़ावा दे रहे हैं।
अब देखना होगा कि चीनी पुरुषों की इन हरक़तों पर कितना लगाम पाकिस्तान लगा पाता है। वैसे चीन के नागिरकों से कुछ कहने की स्थिति में इस समय पाकिस्तान नहीं है। चीन के कर्ज में दबे पाकिस्तान को इस समय चीन की हर सही और ग़लत बात में हां करना ही होगी। विस्तारवादी चीन सीपीईसी के जरिये पाकिस्तान के संसाधनों का जमकर दोहन कर रहा है, उसके चीनी नागरिक पाकिस्तानी लोगों का शोषण कर रहे हैं।