भारत में जल्द होगी डिजिटल पेमेंट में ‘वैश्विक क्रांति’, ग्राहकों को होगा ‘फ़ायदा’
Tuesday - May 7, 2019 1:16 pm ,
Category : WTN HINDI
डिजिटल पेमेंट के लिए कम्पनियों के बीच मचेगी ‘होड़’
भारतीय डिजिटल पेमेंट बाज़ार पर वैश्विक कम्पनियों की ‘नज़ऱ’
MAY 07 (WTN) – भारत में डिजिटल क्रांति आने के बाद से डिजिटल पेमेंट में काफ़ी तेज़ी आई है। जिसके पास स्मार्ट फ़ोन है वो किसी ना किसी माध्यम से डिजिटल पेमेंट कर रहा है। डिजिटल पेमेंट के लिए आज कई माध्यम उपलब्ध हैं। नोटबंदी के बाद से भारत में डिजिटल पेमेंट में काफ़ी तेज़ी देखी गई थी, जिसके बाद आलम यह है कि भारत में साल 2023 तक लगभग 1000 अरब डॉलर का अनुमानित लेन देने डिजिटल पेमेंट से ‘सम्भावित’ है।
वैसे तो भारत में इस समय डिजिटल पेमेंट के लिए पेटीएम और फ़ोन पे समेत कई कम्पनियां हैं। लेकिन इन भारतीय कम्पनियों को ‘टक्कर’ देने के लिए सीधे मैदान में व्हाट्सएप पे समेत कई विदेशी कम्पनियां आने वाली हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने 24 अप्रैल को यह घोषणा की थी कि कम्पनी भारत में व्हाट्सएप पे को लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। कहा जा रहा है कि यदि भारत में व्हाट्सएप पे लॉन्च हुआ, तो देश में डिजिटल पेमेंट कम्पनियों को एक बहुत ‘कड़ी चुनौती’ मिलने वाली है।
जानकारों का मानना है कि व्हाट्सएप पे के भारत में आने से डिजिटल पेमेंट में ‘क्रांतिकारी बदलाव’ आएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जब वैश्विक कम्पनियां भारत में मौजूद कम्पनियों को चुनौती देंगी तो उपभोक्ताओं को इस कॉम्पिटिशन में बहुत कुछ ‘बेहतरीन’ मिलेगा। लेकिन कहा जा रहा है कि व्हाट्सएप पे के आने से चीनी कम्पनी अलीबाबा के सहयोग से चलने वाली पेटीएम समेत काफ़ी कम्पनियों को ‘चुनौतियों’ का सामना करना पड़ सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी हाल में ही अमेजन ने पियर-टू-पियर (पीटूपी) ट्रांजेक्शन बाजार में अपने एंड्राएड ग्राहकों के लिए एमेजन पे यूपीआई लॉन्च किया है। वहीं गूगल पे के भी देखते ही देखते 4.5 करोड़ यूजर्स हो गये हैं। जानकारी के मुताबिक़ गूगल पे पर मार्च के महीने में 81 अरब डॉलर का लेन-देन दर्ज किया गया। वहीं भारत में एप्पल पे भी लॉन्च होने वाला है। भारत में आईफोन की क़ीमतें कम करने के साथ 39 करोड़ वैश्विक पेड उपभोक्ताओं वाली यह सेवा डिजिटल पेमेंट कम्पनियों को चुनौती देने के लिए मैदान में आने वाली है।
लेकिन कहा जा रहा है कि इन सभी नई कम्पनियों के बीच व्हाट्सएप पे डिजिटल पेमेंट में एक बहुत बड़ी ‘ताक़त’ बनकर उभर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि व्हाट्सएप के भारत में वर्तमान में क़रीब 30 करोड़ यूजर्स हैं। वहीं फेसबुक पर भारत में 30 करोड़ अन्य यूजर्स हैं। यानि कि यदि व्हाट्सएप पे डिजिटिल पेमेंट लॉन्च करता है तो पीटूपी यूपीआई आधारित भुगतान सेवा शुरू करते ही यह 23 करोड़ यूजर्स वाले पेटीएम से काफ़ी आगे निकल जाएगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि इन दिनों भारतीय लोग व्हाट्सएप पर ही सबसे ‘ज़्यादा समय’ बिताते हैं। जिसके कारण कहा जा रहा है कि भारतीय लोग इसके माध्यम से होने वाले लेन-देन को पसंद करेंगे। वहीं मझौले और छोटे व्यापारी व्हाट्सएप पे अपनाएंगे और इसका उपयोग करेंगे, जिसके कारण उनकी ‘साख’ बढ़ेगी। ऐसा होने से इन व्यापारियों को बैंक जैसे आम संसाधनों से ऋण लेने में ‘आसानी’ होगी।
साफ़ कहा जा सकता है कि निकट भविष्य में भारत में डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में बहुत बड़ी ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धा’ होने वाली है। पेटीएम, गूगल पे, अमेजन पे, एप्पल पे और व्हाट्सएप पे जैसी पेमेंट कम्पनियों के बीच भारतीय ग्राहकों को अपने तरफ़ ‘आकर्षित’ करने की होड मचेगी, जिसका ‘लाभ’ भारतीय ग्राहकों को मिलता तय है।
MAY 07 (WTN) – भारत में डिजिटल क्रांति आने के बाद से डिजिटल पेमेंट में काफ़ी तेज़ी आई है। जिसके पास स्मार्ट फ़ोन है वो किसी ना किसी माध्यम से डिजिटल पेमेंट कर रहा है। डिजिटल पेमेंट के लिए आज कई माध्यम उपलब्ध हैं। नोटबंदी के बाद से भारत में डिजिटल पेमेंट में काफ़ी तेज़ी देखी गई थी, जिसके बाद आलम यह है कि भारत में साल 2023 तक लगभग 1000 अरब डॉलर का अनुमानित लेन देने डिजिटल पेमेंट से ‘सम्भावित’ है।
वैसे तो भारत में इस समय डिजिटल पेमेंट के लिए पेटीएम और फ़ोन पे समेत कई कम्पनियां हैं। लेकिन इन भारतीय कम्पनियों को ‘टक्कर’ देने के लिए सीधे मैदान में व्हाट्सएप पे समेत कई विदेशी कम्पनियां आने वाली हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने 24 अप्रैल को यह घोषणा की थी कि कम्पनी भारत में व्हाट्सएप पे को लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। कहा जा रहा है कि यदि भारत में व्हाट्सएप पे लॉन्च हुआ, तो देश में डिजिटल पेमेंट कम्पनियों को एक बहुत ‘कड़ी चुनौती’ मिलने वाली है।
जानकारों का मानना है कि व्हाट्सएप पे के भारत में आने से डिजिटल पेमेंट में ‘क्रांतिकारी बदलाव’ आएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जब वैश्विक कम्पनियां भारत में मौजूद कम्पनियों को चुनौती देंगी तो उपभोक्ताओं को इस कॉम्पिटिशन में बहुत कुछ ‘बेहतरीन’ मिलेगा। लेकिन कहा जा रहा है कि व्हाट्सएप पे के आने से चीनी कम्पनी अलीबाबा के सहयोग से चलने वाली पेटीएम समेत काफ़ी कम्पनियों को ‘चुनौतियों’ का सामना करना पड़ सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी हाल में ही अमेजन ने पियर-टू-पियर (पीटूपी) ट्रांजेक्शन बाजार में अपने एंड्राएड ग्राहकों के लिए एमेजन पे यूपीआई लॉन्च किया है। वहीं गूगल पे के भी देखते ही देखते 4.5 करोड़ यूजर्स हो गये हैं। जानकारी के मुताबिक़ गूगल पे पर मार्च के महीने में 81 अरब डॉलर का लेन-देन दर्ज किया गया। वहीं भारत में एप्पल पे भी लॉन्च होने वाला है। भारत में आईफोन की क़ीमतें कम करने के साथ 39 करोड़ वैश्विक पेड उपभोक्ताओं वाली यह सेवा डिजिटल पेमेंट कम्पनियों को चुनौती देने के लिए मैदान में आने वाली है।
लेकिन कहा जा रहा है कि इन सभी नई कम्पनियों के बीच व्हाट्सएप पे डिजिटल पेमेंट में एक बहुत बड़ी ‘ताक़त’ बनकर उभर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि व्हाट्सएप के भारत में वर्तमान में क़रीब 30 करोड़ यूजर्स हैं। वहीं फेसबुक पर भारत में 30 करोड़ अन्य यूजर्स हैं। यानि कि यदि व्हाट्सएप पे डिजिटिल पेमेंट लॉन्च करता है तो पीटूपी यूपीआई आधारित भुगतान सेवा शुरू करते ही यह 23 करोड़ यूजर्स वाले पेटीएम से काफ़ी आगे निकल जाएगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि इन दिनों भारतीय लोग व्हाट्सएप पर ही सबसे ‘ज़्यादा समय’ बिताते हैं। जिसके कारण कहा जा रहा है कि भारतीय लोग इसके माध्यम से होने वाले लेन-देन को पसंद करेंगे। वहीं मझौले और छोटे व्यापारी व्हाट्सएप पे अपनाएंगे और इसका उपयोग करेंगे, जिसके कारण उनकी ‘साख’ बढ़ेगी। ऐसा होने से इन व्यापारियों को बैंक जैसे आम संसाधनों से ऋण लेने में ‘आसानी’ होगी।
साफ़ कहा जा सकता है कि निकट भविष्य में भारत में डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में बहुत बड़ी ‘वैश्विक प्रतिस्पर्धा’ होने वाली है। पेटीएम, गूगल पे, अमेजन पे, एप्पल पे और व्हाट्सएप पे जैसी पेमेंट कम्पनियों के बीच भारतीय ग्राहकों को अपने तरफ़ ‘आकर्षित’ करने की होड मचेगी, जिसका ‘लाभ’ भारतीय ग्राहकों को मिलता तय है।