मोबाइल ऐप से कीजिए नोट के असली या नक़ली होने की पहचान!
Thursday - May 9, 2019 10:19 am ,
Category : WTN HINDI
नक़ली नोटों की परख करना होगा अब ‘आसान’
आरबीआई तैयार कर रहा नई तकनीक, मोबाइल ऐप से कीजिए नोट के असली या नक़ली होने की जांच
MAY 09 (WTN) – नक़ली नोटों के कारण परेशानी आम बात हो गई है। समय-समय पर नक़ली नोटों के पकड़ाए जाने की ख़बरें आती रहती हैं। व्यस्त जीवन में किसी के पास इतना समय नहीं रहता है कि वो असली और नक़ली नोटों की पहचान कर सके। वैसे भी नक़ली नोटों की पहचान करना हर किसी को आता भी नहीं है। कई बार नक़ली नोटों के कारण नुकसान भी उठाना पड़ता है।
नक़ली नोटों के चलन के कारण केन्द्र सरकार भी परेशान है। इसी कारण से सरकार कोशिश कर रही है कि आम जनता अपने स्तर पर पता कर सके कि नोट असली है की नक़ली। इसी उद्देश्य से केन्द्र सरकार एक डिजिटल तकनीक पर काम कर रही है, जिससे जनता खुद यह पता कर सके कि नोट असली है या नक़ली।
जानकारी के मुताबिक़, मोबाइल फ़ोन पर एक ऐसा ऐप बनाने की तैयारी चल रही है जिसकी सहायता से नक़ली नोटों की पहचान की जा सके। इस ऐप को बनाने की ज़िम्मेदारी वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिज़र्व बैंक को सौंपी है।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, नक़ली नोट की पहचान के लिए ऐप बनाने वाली एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार का दावा है कि इस ऐप की सहायता से कोई भी व्यक्ति मोबाइल फ़ोन की सहायता से नक़ली नोटों की पहचान कर सकेगा।
वहीं भारतीय रिज़र्व बैंक टृष्टिबाधितों के लिए नक़ली नोट पहचानने के उद्देश्य से एक विशेष ऐप बना रहा है। इस ऐप की सहायता से द्ष्टिबाधितों के लिए असली और नक़ली नोटों की पहचान करना आसान हो जाएगा। दृष्टिबाधितों के लिए बन रहा यह ऐप उन्हें बताएगा कि जिस नोट की जांच वे कर रहे हैं वो नोट भारतीय है कि नहीं, और यदि नोट भारतीय है तो उसका मूल्य कितना है।
दृष्टिबाधितों के लिए बन रहा यह ऐप, नोट को कैमरे के सामने रखते ही पहले उसे स्कैन करेगा। इसके बाद ऐप नोट के असली या नक़ली होने की पहचान करने के बाद बोलकर उसकी क़ीमत की जानकारी देगा। जानकारी के मुताबिक़, एक ऐसा सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है जिसकी सहायता से दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ ही बधिर व्यक्ति भी ऐप की सहायता से नोट की जानकारी हासिल कर सके।
वैसे बिना मोबाइल ऐप के सहायता के भी नोटों की पहचान की जा सकती है। 100 रुपये और उससे अधिक मूल्य के नोट में इंटेग्लिओ प्रिंटिंग बोर्ड तकनीक के पहचान के निशान हैं, जिसे दृष्टिबाधित व्यक्ति छू कर पहचान जाते हैं। लेकिन नोट के पुराने होने पर यह निशान घिस जाते हैं, जिसके कारण दृष्टिबाधितों को नोट की पहचान करने में मुश्किल होती है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, 31 मार्च, 2019 तक देश में कुल 102 अरब नग करेंसी नोट चलन में थे। एक रुपये के कुछ नोट समेत 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपये के कुल 18 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट इस समय देश में चलन में हैं।
MAY 09 (WTN) – नक़ली नोटों के कारण परेशानी आम बात हो गई है। समय-समय पर नक़ली नोटों के पकड़ाए जाने की ख़बरें आती रहती हैं। व्यस्त जीवन में किसी के पास इतना समय नहीं रहता है कि वो असली और नक़ली नोटों की पहचान कर सके। वैसे भी नक़ली नोटों की पहचान करना हर किसी को आता भी नहीं है। कई बार नक़ली नोटों के कारण नुकसान भी उठाना पड़ता है।
नक़ली नोटों के चलन के कारण केन्द्र सरकार भी परेशान है। इसी कारण से सरकार कोशिश कर रही है कि आम जनता अपने स्तर पर पता कर सके कि नोट असली है की नक़ली। इसी उद्देश्य से केन्द्र सरकार एक डिजिटल तकनीक पर काम कर रही है, जिससे जनता खुद यह पता कर सके कि नोट असली है या नक़ली।
जानकारी के मुताबिक़, मोबाइल फ़ोन पर एक ऐसा ऐप बनाने की तैयारी चल रही है जिसकी सहायता से नक़ली नोटों की पहचान की जा सके। इस ऐप को बनाने की ज़िम्मेदारी वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिज़र्व बैंक को सौंपी है।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, नक़ली नोट की पहचान के लिए ऐप बनाने वाली एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार का दावा है कि इस ऐप की सहायता से कोई भी व्यक्ति मोबाइल फ़ोन की सहायता से नक़ली नोटों की पहचान कर सकेगा।
वहीं भारतीय रिज़र्व बैंक टृष्टिबाधितों के लिए नक़ली नोट पहचानने के उद्देश्य से एक विशेष ऐप बना रहा है। इस ऐप की सहायता से द्ष्टिबाधितों के लिए असली और नक़ली नोटों की पहचान करना आसान हो जाएगा। दृष्टिबाधितों के लिए बन रहा यह ऐप उन्हें बताएगा कि जिस नोट की जांच वे कर रहे हैं वो नोट भारतीय है कि नहीं, और यदि नोट भारतीय है तो उसका मूल्य कितना है।
दृष्टिबाधितों के लिए बन रहा यह ऐप, नोट को कैमरे के सामने रखते ही पहले उसे स्कैन करेगा। इसके बाद ऐप नोट के असली या नक़ली होने की पहचान करने के बाद बोलकर उसकी क़ीमत की जानकारी देगा। जानकारी के मुताबिक़, एक ऐसा सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है जिसकी सहायता से दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ ही बधिर व्यक्ति भी ऐप की सहायता से नोट की जानकारी हासिल कर सके।
वैसे बिना मोबाइल ऐप के सहायता के भी नोटों की पहचान की जा सकती है। 100 रुपये और उससे अधिक मूल्य के नोट में इंटेग्लिओ प्रिंटिंग बोर्ड तकनीक के पहचान के निशान हैं, जिसे दृष्टिबाधित व्यक्ति छू कर पहचान जाते हैं। लेकिन नोट के पुराने होने पर यह निशान घिस जाते हैं, जिसके कारण दृष्टिबाधितों को नोट की पहचान करने में मुश्किल होती है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, 31 मार्च, 2019 तक देश में कुल 102 अरब नग करेंसी नोट चलन में थे। एक रुपये के कुछ नोट समेत 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपये के कुल 18 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट इस समय देश में चलन में हैं।