भारतीय ऑटो इंडस्ट्री पर लगा ‘ग्रहण’!
Tuesday - May 14, 2019 2:16 pm ,
Category : WTN HINDI
ऑटो सेक्टर में हालात हुए ‘ख़राब’
‘बुरे’ दौर में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री, बिक्री में दर्ज की गई ‘ऐतिहासिक गिरावट’!
MAY 14 (WTN) – मोदी सरकार के विकास के तमाम वादों के बीच, देश की ऑटो इंडस्ट्री इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कारों और पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में गिरावट के कारण ऑटो इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है। हालत यह हो गई है कि देश में पैसेंजर व्हीकल कि बिक्री में अप्रैल महीने में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह अक्टूबर 2011 के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर 2011 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 19.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
देश में ऑटो सेक्टर में बिक्री में गिरावट की यह हालत है कि देश की सबसे बड़ी ऑटो कम्पनी मारुति सुजुकी ने पिछले तीन महीनों में अपना प्रोडक्शन लगभग 39 प्रतिशत कम कर दिया है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यात्री वाहनों की घरेलू बाजार में बिक्री अप्रैल 2019 में सिर्फ़ 2,47,541 इकाई ही रही। इस तरह से अप्रैल के महीने में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 17.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
चलिये आपको पिछले तीन महीनों के आंकड़ों के बारे में विस्तार से बताते हैं। अप्रैल के महीने में घरेलू पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, और कारों की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट के कारण ऑटो इंडस्ट्री में हड़कम्प मच गया था। वहीं मार्च 2019 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 3 प्रतिशत और कारों की बिक्री में 6.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं फरवरी के महीने में यह गिरावट क्रमश: 1 प्रतिशत और 4.33 प्रतिशत थी।
बिक्री में गिरावट का दौर सिर्फ़ पैसेंजर व्हीकल और कारों तक ही सीमित नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टू व्हीलर वाहनों के साथ-साथ कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी अप्रैल महीने में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल 2019 में अलग-अलग कैटेगरी में वाहनों की बिक्री में 15.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इधर, ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि पिछले दस सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सभी श्रेणियों की गाड़ियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई हो।
बात करें देश की सबसे बड़ी ऑटो कम्पनी मारुति सुजुकी इंडिया की, तो अप्रैल के महीने में मारूति की सिर्फ़ 1,31,385 गाड़ियां ही बिकीं और इस तरह यात्री वाहन बिक्री में 19.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं हुंडई मोटर इंडिया की बिक्री में 10.12 प्रतिशथ की गिरावट दर्ज की गई, और इस महीने में हुंडई की सिर्फ़ 42,005 गाड़ियां ही बिकीं। बात करें महिंद्रा एंड महिंद्रा की, तो इसके यात्री वाहन बिक्री में 8.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बात करें टू-व्हीलर्स की तो हीरो मोटो कॉर्प की बिक्री में 12.10 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई और इसकी सिर्फ़ 5 लाख 34 हज़ार गाड़ियां ही बिकीं। वहीं होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की मोटरसाइकिल बिक्री में 25.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज गई, और इसकी सिर्फ़ 1,57,569 गाड़ियां ही बिकीं।
अब आपको बताते हैं कि आख़िर गाड़ियों की बिक्री में क्यो गिरावट दर्ज की गई है? दरअसल, नकदी संकट बढ़ने और बीमा की लागत बढ़ने जैसे नकारात्मकों कारणों से ऑटो सेक्टर की बिक्री प्रभावित हुई है। वहीं जानकारों के मुताबिक़, लोकसभा चुनावों के कारण भी उपभोक्ता थोड़ा प्रतीक्षा करने की मूड में हैं।
वहीं कहा जा रहा है कि उत्पादन में कटौती की एक वजह यह है कि त्यौहारी सीजन में तैयार किया गया स्टॉक अभी भी मौजूद है, जिसके कारण कम्पनियों ने उत्पादन पर ज़रा रोक लगाई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह समय ऑटो कम्पनियों का इन्वेंटरी करेक्शन का टाइम है, यानी कि इस समय कम्पनियां पुराना स्टॉक निकाल रही हैं। वहीं उत्पादन में कमी का एक अन्य कारण नये सुरक्षा नियम और बीएस 6 नॉर्म्स हैं, क्योंकि इसके कारण कम्पनियां कुछ मॉडल्स को बंद कर सकती हैं।
हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद ऑटो सेक्टर में उछाल आएगा। जानकारों के मुताबिक़, यह समय अभी ऑटो सेक्टर के लिए परीक्षा की घड़ी है। कुछ समय और ऑटो इंडस्ट्री को परेशानी का सामना करना पड़ सकता, लेकिन उसके बाद एक बार फ़िर से ऑटो इंडस्ट्री में उछाल आने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि तब तक पुराना स्टॉक भी क्लीयर हो जाएगा, और नये सेफ्टी फ़ीचर्स और बीएस 6 नॉर्म्स सम्बन्धित नियमों के कारण नई गाड़ियां भी मार्केट में आ जाएंगी, जिसके बाद ऑटो इंडस्ट्री में गाड़ियों की बिक्री में एक बार फ़िर से उछाल देखने को मिल सकता है।
MAY 14 (WTN) – मोदी सरकार के विकास के तमाम वादों के बीच, देश की ऑटो इंडस्ट्री इन दिनों बुरे दौर से गुजर रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कारों और पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में गिरावट के कारण ऑटो इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है। हालत यह हो गई है कि देश में पैसेंजर व्हीकल कि बिक्री में अप्रैल महीने में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह अक्टूबर 2011 के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर 2011 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 19.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
देश में ऑटो सेक्टर में बिक्री में गिरावट की यह हालत है कि देश की सबसे बड़ी ऑटो कम्पनी मारुति सुजुकी ने पिछले तीन महीनों में अपना प्रोडक्शन लगभग 39 प्रतिशत कम कर दिया है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यात्री वाहनों की घरेलू बाजार में बिक्री अप्रैल 2019 में सिर्फ़ 2,47,541 इकाई ही रही। इस तरह से अप्रैल के महीने में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 17.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
चलिये आपको पिछले तीन महीनों के आंकड़ों के बारे में विस्तार से बताते हैं। अप्रैल के महीने में घरेलू पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, और कारों की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट के कारण ऑटो इंडस्ट्री में हड़कम्प मच गया था। वहीं मार्च 2019 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 3 प्रतिशत और कारों की बिक्री में 6.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं फरवरी के महीने में यह गिरावट क्रमश: 1 प्रतिशत और 4.33 प्रतिशत थी।
बिक्री में गिरावट का दौर सिर्फ़ पैसेंजर व्हीकल और कारों तक ही सीमित नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टू व्हीलर वाहनों के साथ-साथ कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी अप्रैल महीने में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल 2019 में अलग-अलग कैटेगरी में वाहनों की बिक्री में 15.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इधर, ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि पिछले दस सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सभी श्रेणियों की गाड़ियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई हो।
बात करें देश की सबसे बड़ी ऑटो कम्पनी मारुति सुजुकी इंडिया की, तो अप्रैल के महीने में मारूति की सिर्फ़ 1,31,385 गाड़ियां ही बिकीं और इस तरह यात्री वाहन बिक्री में 19.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं हुंडई मोटर इंडिया की बिक्री में 10.12 प्रतिशथ की गिरावट दर्ज की गई, और इस महीने में हुंडई की सिर्फ़ 42,005 गाड़ियां ही बिकीं। बात करें महिंद्रा एंड महिंद्रा की, तो इसके यात्री वाहन बिक्री में 8.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बात करें टू-व्हीलर्स की तो हीरो मोटो कॉर्प की बिक्री में 12.10 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई और इसकी सिर्फ़ 5 लाख 34 हज़ार गाड़ियां ही बिकीं। वहीं होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की मोटरसाइकिल बिक्री में 25.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज गई, और इसकी सिर्फ़ 1,57,569 गाड़ियां ही बिकीं।
अब आपको बताते हैं कि आख़िर गाड़ियों की बिक्री में क्यो गिरावट दर्ज की गई है? दरअसल, नकदी संकट बढ़ने और बीमा की लागत बढ़ने जैसे नकारात्मकों कारणों से ऑटो सेक्टर की बिक्री प्रभावित हुई है। वहीं जानकारों के मुताबिक़, लोकसभा चुनावों के कारण भी उपभोक्ता थोड़ा प्रतीक्षा करने की मूड में हैं।
वहीं कहा जा रहा है कि उत्पादन में कटौती की एक वजह यह है कि त्यौहारी सीजन में तैयार किया गया स्टॉक अभी भी मौजूद है, जिसके कारण कम्पनियों ने उत्पादन पर ज़रा रोक लगाई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह समय ऑटो कम्पनियों का इन्वेंटरी करेक्शन का टाइम है, यानी कि इस समय कम्पनियां पुराना स्टॉक निकाल रही हैं। वहीं उत्पादन में कमी का एक अन्य कारण नये सुरक्षा नियम और बीएस 6 नॉर्म्स हैं, क्योंकि इसके कारण कम्पनियां कुछ मॉडल्स को बंद कर सकती हैं।
हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि लोकसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद ऑटो सेक्टर में उछाल आएगा। जानकारों के मुताबिक़, यह समय अभी ऑटो सेक्टर के लिए परीक्षा की घड़ी है। कुछ समय और ऑटो इंडस्ट्री को परेशानी का सामना करना पड़ सकता, लेकिन उसके बाद एक बार फ़िर से ऑटो इंडस्ट्री में उछाल आने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि तब तक पुराना स्टॉक भी क्लीयर हो जाएगा, और नये सेफ्टी फ़ीचर्स और बीएस 6 नॉर्म्स सम्बन्धित नियमों के कारण नई गाड़ियां भी मार्केट में आ जाएंगी, जिसके बाद ऑटो इंडस्ट्री में गाड़ियों की बिक्री में एक बार फ़िर से उछाल देखने को मिल सकता है।