जानिए क्या होता है थर्ड पार्टी बीमा और क्यों यह होने वाला है महंगा?
Tuesday - May 21, 2019 10:39 am ,
Category : WTN HINDI
ज़्यादा हॉर्स पावर वाली कारों और बाइकों का प्रिमियम नहीं होगा महंगा
IRDA ने थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम की दरें बढ़ाने का दिया प्रस्ताव
MAY 21 (WTN) – यदि आपके पास टू व्हीलर या फ़िर फोर व्हीलर है, तो यह ख़बर आपके काफ़ी काम की है। लोकसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया ख़त्म होने के साथ ही, IRDA यानि कि बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने दो पहिया वाहनों और कारों का थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम महंगा करने का प्रस्ताव रखा है, यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो आपको थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम के लिए ज़्यादा पैसे चुकाने होंगे।
आइये सबसे पहले आपको बताते हैं कि आख़िर थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत सभी मोटर वाहनों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस करना ज़रूरी है। जब किसी मोटर वाहन का बीमा कराया जाता है, तो इसमें बीमा कराने वाली पहली पार्टी होती है। बीमा करने वाली कम्पनी दूसरी पार्टी होती है, वहीं तीसरी पार्टी वह होती है जिसे बीमा कराने वाला व्यक्ति के मोटर वाहन से नुकसान पहुंचता है। जब भी किसी भी तरह की कोई भी दुर्घटना होती है तो नुकसान का दावा तीसरी पार्टी ही करती है। यह थर्ड बीमा पॉलिसी ही आपके वाहन से दूसरे लोगों और उनकी सम्पत्ति को हुए नुकसान को कवर करती है।
जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि थर्ड पार्टी बीमा के प्रिमियम को महंगा किये जाने का प्रस्ताव है। यदि यह प्रस्ताव मंज़ूर होता है, तो इस प्रस्ताव के अनुसार 1,000 सीसी से कम क्षमता वाली कारों का थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम मौजूदा 1,850 रुपये से बढ़ाकर 2,120 रुपये किया जाना प्रस्तावित है। वहीं इसी तरह 1,000 सीसी और 1,500 सीसी क्षमता वाली कारों के प्रीमियम को मौजूदा 2,863 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये किया जाना प्रस्तावित है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1,500 सीसी के इंजन से अधिक क्षमता वाली लक्ज़री कारों के थर्ड पार्टी बीमा के प्रीमियम को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है, और यह मौजूदा 7,890 रूपये ही रखा जाएगा। वहीं इरडा के नये प्रस्ताव में 75 सीसी से कम क्षमता वाले टू व्हीलर के लिए थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम को 427 रुपये से बढ़ाकर 482 रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं 75 सीसी से लेकर 350 सीसी तक की टू व्हीलर के लिए भी थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम में वृद्धि का प्रस्ताव है। लेकिन 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली बाइक के बीमा प्रिमियम को इस बदलाव से दूर रखा गया है।
वहीं बढ़ते प्रदूषण के कारण इलेक्ट्रॉनिक कारों और टू व्हीलर के निजी इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए इनके थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में 15 प्रतिशत की छूट देना का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन टैक्सी, बसों और ट्रकों के मामले में दरें बढ़ाने का प्रस्ताव इरडा ने दिया है। इस सबके अलावा ट्रैक्टर पर भी थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है।
इरडा ने नई कारों के मामले में एक बार फ़िर से तीन साल की प्रीमियम दर, और नये टू व्हीलर के लिए 5 साल की प्रीमियम दर का प्रस्ताव दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सामान्य तौर पर थर्ड पार्टी बीमा की प्रीमियम दर एक अप्रैल से संशोधित कर दी जाती है, लेकिन इस बार बीमा कम्पनियों ने थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम की पुरानी दरों को ही जारी रखने का फ़ैसला किया था। लेकिन अब इरडा ने थर्ड पार्टी के प्रीमियम के मामले में नई दरों को प्रस्तावित किया है। नई दरों पर इरडा ने सभी सम्बन्धित पक्षों से 29 मई तक सुझाव मांगे हैं।
MAY 21 (WTN) – यदि आपके पास टू व्हीलर या फ़िर फोर व्हीलर है, तो यह ख़बर आपके काफ़ी काम की है। लोकसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया ख़त्म होने के साथ ही, IRDA यानि कि बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने दो पहिया वाहनों और कारों का थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम महंगा करने का प्रस्ताव रखा है, यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो आपको थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम के लिए ज़्यादा पैसे चुकाने होंगे।
आइये सबसे पहले आपको बताते हैं कि आख़िर थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत सभी मोटर वाहनों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस करना ज़रूरी है। जब किसी मोटर वाहन का बीमा कराया जाता है, तो इसमें बीमा कराने वाली पहली पार्टी होती है। बीमा करने वाली कम्पनी दूसरी पार्टी होती है, वहीं तीसरी पार्टी वह होती है जिसे बीमा कराने वाला व्यक्ति के मोटर वाहन से नुकसान पहुंचता है। जब भी किसी भी तरह की कोई भी दुर्घटना होती है तो नुकसान का दावा तीसरी पार्टी ही करती है। यह थर्ड बीमा पॉलिसी ही आपके वाहन से दूसरे लोगों और उनकी सम्पत्ति को हुए नुकसान को कवर करती है।
जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि थर्ड पार्टी बीमा के प्रिमियम को महंगा किये जाने का प्रस्ताव है। यदि यह प्रस्ताव मंज़ूर होता है, तो इस प्रस्ताव के अनुसार 1,000 सीसी से कम क्षमता वाली कारों का थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम मौजूदा 1,850 रुपये से बढ़ाकर 2,120 रुपये किया जाना प्रस्तावित है। वहीं इसी तरह 1,000 सीसी और 1,500 सीसी क्षमता वाली कारों के प्रीमियम को मौजूदा 2,863 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये किया जाना प्रस्तावित है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1,500 सीसी के इंजन से अधिक क्षमता वाली लक्ज़री कारों के थर्ड पार्टी बीमा के प्रीमियम को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है, और यह मौजूदा 7,890 रूपये ही रखा जाएगा। वहीं इरडा के नये प्रस्ताव में 75 सीसी से कम क्षमता वाले टू व्हीलर के लिए थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम को 427 रुपये से बढ़ाकर 482 रुपये करने का प्रस्ताव है। वहीं 75 सीसी से लेकर 350 सीसी तक की टू व्हीलर के लिए भी थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम में वृद्धि का प्रस्ताव है। लेकिन 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली बाइक के बीमा प्रिमियम को इस बदलाव से दूर रखा गया है।
वहीं बढ़ते प्रदूषण के कारण इलेक्ट्रॉनिक कारों और टू व्हीलर के निजी इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए इनके थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में 15 प्रतिशत की छूट देना का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन टैक्सी, बसों और ट्रकों के मामले में दरें बढ़ाने का प्रस्ताव इरडा ने दिया है। इस सबके अलावा ट्रैक्टर पर भी थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है।
इरडा ने नई कारों के मामले में एक बार फ़िर से तीन साल की प्रीमियम दर, और नये टू व्हीलर के लिए 5 साल की प्रीमियम दर का प्रस्ताव दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सामान्य तौर पर थर्ड पार्टी बीमा की प्रीमियम दर एक अप्रैल से संशोधित कर दी जाती है, लेकिन इस बार बीमा कम्पनियों ने थर्ड पार्टी बीमा प्रिमियम की पुरानी दरों को ही जारी रखने का फ़ैसला किया था। लेकिन अब इरडा ने थर्ड पार्टी के प्रीमियम के मामले में नई दरों को प्रस्तावित किया है। नई दरों पर इरडा ने सभी सम्बन्धित पक्षों से 29 मई तक सुझाव मांगे हैं।