ईवीएम और वीवीपैट से इस बार ‘सबसे सटीक’ नतीज़ों का निर्वाचन आयोग का दावा!
Tuesday - May 21, 2019 12:36 pm ,
Category : WTN HINDI
निर्वाचन आयोग ने ईवीएम में होने वाली हर कथित गड़बड़ी को किया ‘ख़ारिज’
जानिए इस बार कैसे होगी ईवीएम और वीवीवैट से वोटों की गिनती?
MAY 21 (WTN) – दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में हुए लोकसभा चुनाव के परिणाम 23 मई को आ रहे हैं। वोटों की गिनती के साथ ही पता चला जाएगा कि किस गठबंधन की सरकार बनाने जा रही है। जैसा कि आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव में वोटिंग के लिए ईवीएम का प्रयोग किया गया था। वहीं ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट मशीन भी संलग्न थी, जिसमें मतदान करने के बाद दिखने वाली पर्ची से यह पता चल पाता था कि आपने जिस प्रत्याशी को वोटिंग के लिए बटन दबाया है, वोट उसी प्रत्याशी को गया है कि नहीं। इस सबके बीच, सभी के मन में यह सवाल उठता है कि आख़िर ईवीएम से वोटों की गिनती कैसे होती है? यदि आप यह नहीं जानते हैं, तो हम आपको इसके बार में विस्तार से बताते हैं।
इस बार के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपैट को जोड़ा गया है। मतगणना के समय कुछ निर्धारित वीवीपैट की पर्चियों का मिलान ईवीएम से किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि लोकसभा चुनाव में यह व्यवस्था पहली बार लागू हो रही है। वोटिंग वाले दिन सबसे पहले मतगणना केन्द्र पर पोस्टल बैलेट गिने जाएंगे। पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद ईवीएम को खोलना शुरू किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक बार में अधिकतम 14 ईवीएम की गिनती की जाती है।
ईवीएम की मतगणना के दौरान सबसे पहले EVM के CU यानि कि Control Unit के रिजल्ट बटन से वोटों की गिनती होगी। उसके बाद हर लोकसभा क्षेत्र की हर विधानसभा सीट की किन्ही पांच VVPAT के परिणाम से कंट्रोल यूनिट से मिले आंकड़ों को मिलाया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिजन होल बॉक्स की पर्चियों की संख्या से भी वोटों की संख्या का मिलान होगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि विपक्षी दल समय-समय पर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहते हैं। ईवीएम में कथित गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट तक में गुहार लगा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद इस मामले में सुनवाई हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हर लोकसभा सीट की हर विधानसभा सीट की किन्ही पांच वीवीवैट पर्चियों का मिलान ईवीएम की काउंटिंग से किया जाएगा। निर्वाचन आयोग का दावा है कि वीवीपैट के कारण वोटिंग और काउंटिंग में किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी की आशंका नहीं है।
निर्वाचन आयोग का दावा है कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित हैं, और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी कोई भी नहीं कर सकता है। ईवीएम को काफ़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाता है, और उसे मतगणना के दिन ही निकाला जाता है। मतगणना के दौरान मतगणना स्थल पर रिटर्निंग ऑफिसर के अलावा लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़े रहे प्रत्याशी, इलेक्शन एजेंट, काउंटिंग एजेंट भी मौजूद रहेंगे। वहीं किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी ना हो, इसके लिए बाकायदा ऑफिशियल कैमरे से मतगणना की पूरी वीडियोग्राफी की जाएगी।
MAY 21 (WTN) – दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में हुए लोकसभा चुनाव के परिणाम 23 मई को आ रहे हैं। वोटों की गिनती के साथ ही पता चला जाएगा कि किस गठबंधन की सरकार बनाने जा रही है। जैसा कि आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव में वोटिंग के लिए ईवीएम का प्रयोग किया गया था। वहीं ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट मशीन भी संलग्न थी, जिसमें मतदान करने के बाद दिखने वाली पर्ची से यह पता चल पाता था कि आपने जिस प्रत्याशी को वोटिंग के लिए बटन दबाया है, वोट उसी प्रत्याशी को गया है कि नहीं। इस सबके बीच, सभी के मन में यह सवाल उठता है कि आख़िर ईवीएम से वोटों की गिनती कैसे होती है? यदि आप यह नहीं जानते हैं, तो हम आपको इसके बार में विस्तार से बताते हैं।
इस बार के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपैट को जोड़ा गया है। मतगणना के समय कुछ निर्धारित वीवीपैट की पर्चियों का मिलान ईवीएम से किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि लोकसभा चुनाव में यह व्यवस्था पहली बार लागू हो रही है। वोटिंग वाले दिन सबसे पहले मतगणना केन्द्र पर पोस्टल बैलेट गिने जाएंगे। पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद ईवीएम को खोलना शुरू किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक बार में अधिकतम 14 ईवीएम की गिनती की जाती है।
ईवीएम की मतगणना के दौरान सबसे पहले EVM के CU यानि कि Control Unit के रिजल्ट बटन से वोटों की गिनती होगी। उसके बाद हर लोकसभा क्षेत्र की हर विधानसभा सीट की किन्ही पांच VVPAT के परिणाम से कंट्रोल यूनिट से मिले आंकड़ों को मिलाया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिजन होल बॉक्स की पर्चियों की संख्या से भी वोटों की संख्या का मिलान होगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि विपक्षी दल समय-समय पर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहते हैं। ईवीएम में कथित गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट तक में गुहार लगा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद इस मामले में सुनवाई हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हर लोकसभा सीट की हर विधानसभा सीट की किन्ही पांच वीवीवैट पर्चियों का मिलान ईवीएम की काउंटिंग से किया जाएगा। निर्वाचन आयोग का दावा है कि वीवीपैट के कारण वोटिंग और काउंटिंग में किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी की आशंका नहीं है।
निर्वाचन आयोग का दावा है कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित हैं, और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी कोई भी नहीं कर सकता है। ईवीएम को काफ़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाता है, और उसे मतगणना के दिन ही निकाला जाता है। मतगणना के दौरान मतगणना स्थल पर रिटर्निंग ऑफिसर के अलावा लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़े रहे प्रत्याशी, इलेक्शन एजेंट, काउंटिंग एजेंट भी मौजूद रहेंगे। वहीं किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी ना हो, इसके लिए बाकायदा ऑफिशियल कैमरे से मतगणना की पूरी वीडियोग्राफी की जाएगी।