जानिए क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान और बांग्लादेश में ‘कूटनीतिक तनाव’?
Wednesday - May 22, 2019 1:07 pm ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच बढ़ी ‘तनातनी’
‘वीजा कूटनीति’ में उलझे पाकिस्तान और बांग्लादेश
MAY 22 (WTN) – भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की आर्थिक हालत बद से बदतर होती जा रही है। हाल यह है कि पाकिस्तान में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर जा चुकी है, और वहां की ग़रीब जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पाकिस्तान को आईएमफ से कड़ी शर्तों पर बेलआउट पैकेज लेना पड़ा है। लेकिन इतनी ख़राब होने के बाद भी पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देने से पीछे नहीं हट रहा है।
जैसा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान, भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश करता रहता है। लेकिन अब पाकिस्तान इसी तरह की हरकतें बांग्लादेश में भी कर रहा है, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच सम्बन्धों में तनाव आ गया है।
इसी बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच अब कूटनीतिक विवाद बढ़ गया है। इस्लामाबाद स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने एक सप्ताह से पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करना रोक रखा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पाकिस्तान में तैनात एक बांग्लादेशी राजनयिक के पारिवारिक सदस्यों को ढाका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग वीजा जारी नहीं कर रहा है, जिसके विरोध में बांग्लादेश ने यह क़दम उठाया है।
वैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच तनाव कोई बात नहीं है, जब से बांग्लादेश अस्तित्व में आया है तभी से दोनों देशों के सम्बन्ध कभी भी सामान्य नहीं रहे हैं। साल 2013 में जब बांग्लादेश ने 1971 के मुक्ति संग्राम के कई युद्ध अपराधियों को फांसी देने का फ़ैसला किया था, तो इसी के बाद से दोनों देशों के बीच सम्बन्ध और तनावपूर्ण हो गये थे। बांग्लादेश में पाकिस्तानी सैनिकों को फांसी देने के आदेश के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की संसद में काफ़ी प्रस्तावों को पारित किया गया था।
वहीं, समय-समय पर बांग्लादेश आरोप लगाता रहता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश में आतंकवाद को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता रहता है। इन्हीं आरोपों के बीच दोनों ही देशों के बीच के रिश्ते तब और भी ख़राब हो गये, जब बांग्लादेश ने 2018 में पाकिस्तान के नए उच्चायुक्त पर मन्ज़ूरी नहीं दी, वहीं अब बांग्लादेश ने पाकिस्तानियों को वीजा देना ही रोक दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीजा जारी करने के प्रभारी बांग्लादेशी राजनयिक पाकिस्तानियों के आवेदन को आगे बढ़ाने से बच रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके आधिकारिक वीजा की अवधि तो आगे बढ़ाने के आवेदन को पिछले चार महीनों से अटका कर रखा है। दरअसल, ढाका ने बांग्लादेश में पाकिस्तान की नई उच्चायुक्त के तौर पर सकलैन सैयदाह का नामांकन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस्लामाबाद में बांग्लादेश उच्चायोग का वीजा काउंटर पिछले 13 मई से बंद है।
इधर बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए.के.अब्दुल मोमिन का कहना है कि बांग्लादेश ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करना नहीं रोका है। ढाका का तर्क है कि इस्लामाबाद में बांग्लादेश का उच्चायोग कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है, और इसी कारण वीजा जारी करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इस्लामाबाद में बांग्लादेश के नव नियुक्त वीजा काउंसिलर के लिए वीजा जारी करने में पाकिस्तान देरी कर रहा है।
MAY 22 (WTN) – भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की आर्थिक हालत बद से बदतर होती जा रही है। हाल यह है कि पाकिस्तान में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर जा चुकी है, और वहां की ग़रीब जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पाकिस्तान को आईएमफ से कड़ी शर्तों पर बेलआउट पैकेज लेना पड़ा है। लेकिन इतनी ख़राब होने के बाद भी पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देने से पीछे नहीं हट रहा है।
जैसा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान, भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश करता रहता है। लेकिन अब पाकिस्तान इसी तरह की हरकतें बांग्लादेश में भी कर रहा है, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच सम्बन्धों में तनाव आ गया है।
इसी बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच अब कूटनीतिक विवाद बढ़ गया है। इस्लामाबाद स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने एक सप्ताह से पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करना रोक रखा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पाकिस्तान में तैनात एक बांग्लादेशी राजनयिक के पारिवारिक सदस्यों को ढाका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग वीजा जारी नहीं कर रहा है, जिसके विरोध में बांग्लादेश ने यह क़दम उठाया है।
वैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच तनाव कोई बात नहीं है, जब से बांग्लादेश अस्तित्व में आया है तभी से दोनों देशों के सम्बन्ध कभी भी सामान्य नहीं रहे हैं। साल 2013 में जब बांग्लादेश ने 1971 के मुक्ति संग्राम के कई युद्ध अपराधियों को फांसी देने का फ़ैसला किया था, तो इसी के बाद से दोनों देशों के बीच सम्बन्ध और तनावपूर्ण हो गये थे। बांग्लादेश में पाकिस्तानी सैनिकों को फांसी देने के आदेश के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की संसद में काफ़ी प्रस्तावों को पारित किया गया था।
वहीं, समय-समय पर बांग्लादेश आरोप लगाता रहता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश में आतंकवाद को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता रहता है। इन्हीं आरोपों के बीच दोनों ही देशों के बीच के रिश्ते तब और भी ख़राब हो गये, जब बांग्लादेश ने 2018 में पाकिस्तान के नए उच्चायुक्त पर मन्ज़ूरी नहीं दी, वहीं अब बांग्लादेश ने पाकिस्तानियों को वीजा देना ही रोक दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीजा जारी करने के प्रभारी बांग्लादेशी राजनयिक पाकिस्तानियों के आवेदन को आगे बढ़ाने से बच रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके आधिकारिक वीजा की अवधि तो आगे बढ़ाने के आवेदन को पिछले चार महीनों से अटका कर रखा है। दरअसल, ढाका ने बांग्लादेश में पाकिस्तान की नई उच्चायुक्त के तौर पर सकलैन सैयदाह का नामांकन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस्लामाबाद में बांग्लादेश उच्चायोग का वीजा काउंटर पिछले 13 मई से बंद है।
इधर बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए.के.अब्दुल मोमिन का कहना है कि बांग्लादेश ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करना नहीं रोका है। ढाका का तर्क है कि इस्लामाबाद में बांग्लादेश का उच्चायोग कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है, और इसी कारण वीजा जारी करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इस्लामाबाद में बांग्लादेश के नव नियुक्त वीजा काउंसिलर के लिए वीजा जारी करने में पाकिस्तान देरी कर रहा है।