परेशानी में फंसे बड़बोले नवजोत सिंह सिद्धु!
Saturday - May 25, 2019 12:06 pm ,
Category : WTN HINDI
बयानवीर नवजोत सिंह सिद्धु पर लिया जा सकता है ‘एक्शन’!
नवजोत सिंह सिद्धु से पंजाब सीएम ने जताई नाराज़गी, जा सकता है मंत्री पद!
MAY 25 (WTN) – क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिद्धु का विवादों से हमेशा से ही नाता रहा है। क्रिकेटर लाइफ से लेकर वर्तमान पॉलिटिकल लाइफ में भी सिद्धु और विवाद एक दूसरे के पर्यायवाची ही हैं। कभी भाजपा सांसद रहे नवजोत सिंह सिद्धु इन दिनों कांग्रेसी हैं, लेकिन कांग्रेसी सिद्धु का समय इन दिनों अच्छा नहीं चल रहा है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद नवजोत सिंह सिद्धु पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निशाने पर हैं।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली शर्मनाक हार के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मांग की है कि सिद्धू के पोर्टफोलियो में बदलाव किया जाए। कहा जाता है कि सीएम अमरिंदर सिंह, सिद्धू से बुरी तरह से नाराज़ हैं। समय-समय पर दोनों के बीच राजनीतिक वर्चस्व के लिए संघर्ष की ख़बरें सामने आती रहती हैं। पंजाब की राजनीति के जानकारों का मानना है कि सिद्धु, कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर खुद पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इसी कारण से दोनों ही नेताओं के बीच विवाद चलता रहता है।
वैसे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस के बुरे प्रदर्शन के लिए सिद्धु को ज़िम्मेदार ठहराया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते सिद्धू समय-समय पर अमरिंदर पर आरोप लगाते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में अपनी पत्नी को टिकट ना मिलने के लिए तो सिद्धु ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही पूरा ज़िम्मेदार ठहराया था।
पंजाब की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई के अलावा कई अन्य कारण हैं जिसके कारण सिद्धु को इन दिनों परेशानियों की सामना करना पड़ रहा है। अपने बड़बोले पन के लिए पहचाने जाने वाले सिद्धु ने कुछ पहले दावा किया था कि अगर स्मृति ईरानी अमेठी से राहुल गांधी को हराने में कामयाब रहती हैं तो वे (सिद्धु) राजनीति से संन्यास ले लेंगे। लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की अमेठी से हार के बाद सिद्धु से सोशल मीडिया पर सवाल किये जा रहे हैं कि राहुल गांधी की ऐतिहासिक हार के बाद अब वे (सिद्धू) राजनीति से कब संन्यास ले रहे हैं? लेकिन इस सवाल का जवाब उन्होंने अब तक नहीं दिया है।
इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धु इन दिनों फेमेनिस्ट ग्रुप्स के निशाने पर भी आ गए हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिद्धु ने कहा था, “मोदी जी उस दुल्हन की तरह हैं, जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियां ज्यादा खनकाती है ताकि मोहल्ले वालों को ये पता चले कि वो काम कर रही है।” सिद्धु के इसी बयान का महिलावादी संगठन विरोध कर रहे हैं। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय इन्दौर में प्रचार के दौरान सिद्धु ने भाजपा प्रत्याशी मालिनी गौड़ के ख़िलाफ़ भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया था, जिसका भी काफ़ी विरोध हुआ था।
इतना ही नहीं, कुछ दिनों पहले सिद्धू के पाकिस्तान के समर्थन में दिये गये कुछ बयानों के बाद भी उनका जमकर विरोध हो रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि सिद्धु, इमरान खान के प्रधानमंत्री पद पद के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने पाकिस्तान गये थे, जहां पर उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर बाजवा को गले लगाया था। सिद्धु के बाजवा को गले लगाने पर कैप्टन अमरिंदर काफ़ी नाराज़ हुए थे।
वहीं पुलवामा आतंकी हमले के बाद नवजोत सिद्धू के बयान ने तो उनकी सबसे ज़्यादा किरकिरी कराई। पुलवामा हमले के बाद सिद्धु ने कहा कि वे इस हमले की वे कड़ी निंदा करते हैं, लेकिन किसी घटना के लिए पूरे देश को ज़िम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है। पुलवामा हमले में कई सीआरपीएफ के जवानों के शहीद होने के बाद लोगों में सिद्धु के ख़िलाफ़ जमकर गुस्सा भड़का था, जिसके बाद दि कपिल शर्मा शो से उन्हें बायकॉट करने की बातें चलने लगी। कहा जाता है कि इस सबका शो के मेकर्स पर इतना दबाव बढ़ा कि उन्होंने सिद्धू को दि कपिल शर्मा शो से बाहर कर दिया।
नवजोत सिंह सिद्धु की जो भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा हो, लेकिन उनके दिये बयानों से उनकी और कांग्रेस पार्टी की जमकर फजीहत होती है। नवजोत सिंह सिद्धु के बड़बोले पन के कारण ही कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, नवोजत सिंह सिद्धु पर कोई बड़ी कार्रवाई कांग्रेस आलाकमान कर सकता है। सिद्धु के अनर्गल बयानों और पाकिस्तान प्रेम के कारण हो सकता है कि सिद्धु से पंजाब में मंत्री पद छीन लिया जाए।
MAY 25 (WTN) – क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिद्धु का विवादों से हमेशा से ही नाता रहा है। क्रिकेटर लाइफ से लेकर वर्तमान पॉलिटिकल लाइफ में भी सिद्धु और विवाद एक दूसरे के पर्यायवाची ही हैं। कभी भाजपा सांसद रहे नवजोत सिंह सिद्धु इन दिनों कांग्रेसी हैं, लेकिन कांग्रेसी सिद्धु का समय इन दिनों अच्छा नहीं चल रहा है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद नवजोत सिंह सिद्धु पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निशाने पर हैं।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली शर्मनाक हार के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मांग की है कि सिद्धू के पोर्टफोलियो में बदलाव किया जाए। कहा जाता है कि सीएम अमरिंदर सिंह, सिद्धू से बुरी तरह से नाराज़ हैं। समय-समय पर दोनों के बीच राजनीतिक वर्चस्व के लिए संघर्ष की ख़बरें सामने आती रहती हैं। पंजाब की राजनीति के जानकारों का मानना है कि सिद्धु, कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर खुद पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इसी कारण से दोनों ही नेताओं के बीच विवाद चलता रहता है।
वैसे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस के बुरे प्रदर्शन के लिए सिद्धु को ज़िम्मेदार ठहराया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते सिद्धू समय-समय पर अमरिंदर पर आरोप लगाते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में अपनी पत्नी को टिकट ना मिलने के लिए तो सिद्धु ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही पूरा ज़िम्मेदार ठहराया था।
पंजाब की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई के अलावा कई अन्य कारण हैं जिसके कारण सिद्धु को इन दिनों परेशानियों की सामना करना पड़ रहा है। अपने बड़बोले पन के लिए पहचाने जाने वाले सिद्धु ने कुछ पहले दावा किया था कि अगर स्मृति ईरानी अमेठी से राहुल गांधी को हराने में कामयाब रहती हैं तो वे (सिद्धु) राजनीति से संन्यास ले लेंगे। लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की अमेठी से हार के बाद सिद्धु से सोशल मीडिया पर सवाल किये जा रहे हैं कि राहुल गांधी की ऐतिहासिक हार के बाद अब वे (सिद्धू) राजनीति से कब संन्यास ले रहे हैं? लेकिन इस सवाल का जवाब उन्होंने अब तक नहीं दिया है।
इसके अलावा नवजोत सिंह सिद्धु इन दिनों फेमेनिस्ट ग्रुप्स के निशाने पर भी आ गए हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिद्धु ने कहा था, “मोदी जी उस दुल्हन की तरह हैं, जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियां ज्यादा खनकाती है ताकि मोहल्ले वालों को ये पता चले कि वो काम कर रही है।” सिद्धु के इसी बयान का महिलावादी संगठन विरोध कर रहे हैं। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय इन्दौर में प्रचार के दौरान सिद्धु ने भाजपा प्रत्याशी मालिनी गौड़ के ख़िलाफ़ भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया था, जिसका भी काफ़ी विरोध हुआ था।
इतना ही नहीं, कुछ दिनों पहले सिद्धू के पाकिस्तान के समर्थन में दिये गये कुछ बयानों के बाद भी उनका जमकर विरोध हो रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि सिद्धु, इमरान खान के प्रधानमंत्री पद पद के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने पाकिस्तान गये थे, जहां पर उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर बाजवा को गले लगाया था। सिद्धु के बाजवा को गले लगाने पर कैप्टन अमरिंदर काफ़ी नाराज़ हुए थे।
वहीं पुलवामा आतंकी हमले के बाद नवजोत सिद्धू के बयान ने तो उनकी सबसे ज़्यादा किरकिरी कराई। पुलवामा हमले के बाद सिद्धु ने कहा कि वे इस हमले की वे कड़ी निंदा करते हैं, लेकिन किसी घटना के लिए पूरे देश को ज़िम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है। पुलवामा हमले में कई सीआरपीएफ के जवानों के शहीद होने के बाद लोगों में सिद्धु के ख़िलाफ़ जमकर गुस्सा भड़का था, जिसके बाद दि कपिल शर्मा शो से उन्हें बायकॉट करने की बातें चलने लगी। कहा जाता है कि इस सबका शो के मेकर्स पर इतना दबाव बढ़ा कि उन्होंने सिद्धू को दि कपिल शर्मा शो से बाहर कर दिया।
नवजोत सिंह सिद्धु की जो भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा हो, लेकिन उनके दिये बयानों से उनकी और कांग्रेस पार्टी की जमकर फजीहत होती है। नवजोत सिंह सिद्धु के बड़बोले पन के कारण ही कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव में काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, नवोजत सिंह सिद्धु पर कोई बड़ी कार्रवाई कांग्रेस आलाकमान कर सकता है। सिद्धु के अनर्गल बयानों और पाकिस्तान प्रेम के कारण हो सकता है कि सिद्धु से पंजाब में मंत्री पद छीन लिया जाए।