किसानों के लिए ‘खजाना’ खोलने की तैयारी में मोदी सरकार!
Thursday - May 30, 2019 10:05 am ,
Category : WTN HINDI
छोटे किसानों को पेंशन दे सकती है मोदी सरकार
किसानों की आर्थिक स्थिति मज़बूत करने की ‘दिशा’ में मोदी सरकार
MAY 30 (WTN) – लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से जीत हासिल करने वाली मोदी सरकार एक बार फ़िर से किसानों को अपनी तरफ़ लुभाने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक़, किसान सम्मान निधि योजना के बाद अब मोदी सरकार पेंशन स्कीम से किसानों को खुश करेगी। यदि यह योजना लागू हो जाती है तो देशभर के छोटे किसानों को काफ़ी लाभ मिलेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंकड़ों के मुताबिक़ इस समय देश में 12 करोड़ लघु एवं सीमांत किसान परिवार हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 60 साल से ज़्यादा उम्र के किसानों के लिए पेंशन का वादा किया था। इस योजना के तहत पात्र किसानों को पेंशन का प्रावधान रहेगा।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के कुछ राज्यों में किसानों के लिए इस तरह की योजनाएं हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर किसानों के लिए पेंशन जैसी कोई भी सामाजिक सुरक्षा योजना अभी तक नहीं है। यदि मोदी सरकार किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू करती है तो यह अपने आप में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी क़दम होगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी सरकार अपनी महत्वाकांक्षी किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को तीन किस्तों में 6,000 रूपये वार्षिक देती है। हर किश्त में किसानों को 2,000 रुपये मिलते हैं। इस बारे में भाजपा का कहना है कि किसानों के लिए जो भी वादे किये गये हैं, उन्हें तय समय में सरकार पूरा करेगी।
किसानों को पेंशन देने का विचार भाजपा को अपनी ही पार्टी के शासित राज्य हरियाणा से आया है। दरअसल, भाजपा शासित राज्य हरियाणा में वहां के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने ही किसानों को पेंशन देने का सुझाव दिया था। हरियाणा की खट्टर सरकार ने कमेटी के सुझाव पर फरवरी में पेश हुए अपने बजट में किसानों को पेंशन देने की घोषणा की थी।
किसानों को पेंशन देने की योजना के लिए हरियाणा राज्य ने 1,500 करोड रुपयों का बजट निर्धारित किया था। हरियाणा राज्य की किसान पेंशन योजना के तहत 5 एकड़ तक की भूमि वाले किसान परिवारों को पेंशन का प्रावधान है। पेंशन उन्हीं परिवारों को दी जाएगी जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है। हालांकि, किसानों को कितनी पेंशन दी जाएगी यह अभी तय नहीं है।
लोकसभा चुनाव में जोरदार जीत के बाद मोदी सरकार का दावा है कि किसानों सम्मान निधि योजना के बाद अब किसान पेंशन योजना को लागू करने लिए पूरी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं किसानों की आय बढ़ाने की स्कीम पर भी तेज़ी से काम किया जा रहा है। मोदी सरकार को विश्वास है कि जल्द ही किसानों की आय में वृद्दि होगी।
छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होने से उद्योग जगत को काफ़ी लाभ होने की आशा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि देश के करोड़ों किसानों की आय में वृद्धि होगी तो वे इसे खर्च करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगी। पूंजी के मार्केट में आने से उसका उपयोग होगा और उद्योगों को लाभ मिलेगा। यानि कि कहा जा सकता है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होने से देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
MAY 30 (WTN) – लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से जीत हासिल करने वाली मोदी सरकार एक बार फ़िर से किसानों को अपनी तरफ़ लुभाने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक़, किसान सम्मान निधि योजना के बाद अब मोदी सरकार पेंशन स्कीम से किसानों को खुश करेगी। यदि यह योजना लागू हो जाती है तो देशभर के छोटे किसानों को काफ़ी लाभ मिलेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंकड़ों के मुताबिक़ इस समय देश में 12 करोड़ लघु एवं सीमांत किसान परिवार हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 60 साल से ज़्यादा उम्र के किसानों के लिए पेंशन का वादा किया था। इस योजना के तहत पात्र किसानों को पेंशन का प्रावधान रहेगा।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के कुछ राज्यों में किसानों के लिए इस तरह की योजनाएं हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर किसानों के लिए पेंशन जैसी कोई भी सामाजिक सुरक्षा योजना अभी तक नहीं है। यदि मोदी सरकार किसानों के लिए पेंशन योजना शुरू करती है तो यह अपने आप में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी क़दम होगा।
जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी सरकार अपनी महत्वाकांक्षी किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को तीन किस्तों में 6,000 रूपये वार्षिक देती है। हर किश्त में किसानों को 2,000 रुपये मिलते हैं। इस बारे में भाजपा का कहना है कि किसानों के लिए जो भी वादे किये गये हैं, उन्हें तय समय में सरकार पूरा करेगी।
किसानों को पेंशन देने का विचार भाजपा को अपनी ही पार्टी के शासित राज्य हरियाणा से आया है। दरअसल, भाजपा शासित राज्य हरियाणा में वहां के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने ही किसानों को पेंशन देने का सुझाव दिया था। हरियाणा की खट्टर सरकार ने कमेटी के सुझाव पर फरवरी में पेश हुए अपने बजट में किसानों को पेंशन देने की घोषणा की थी।
किसानों को पेंशन देने की योजना के लिए हरियाणा राज्य ने 1,500 करोड रुपयों का बजट निर्धारित किया था। हरियाणा राज्य की किसान पेंशन योजना के तहत 5 एकड़ तक की भूमि वाले किसान परिवारों को पेंशन का प्रावधान है। पेंशन उन्हीं परिवारों को दी जाएगी जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से कम है। हालांकि, किसानों को कितनी पेंशन दी जाएगी यह अभी तय नहीं है।
लोकसभा चुनाव में जोरदार जीत के बाद मोदी सरकार का दावा है कि किसानों सम्मान निधि योजना के बाद अब किसान पेंशन योजना को लागू करने लिए पूरी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं किसानों की आय बढ़ाने की स्कीम पर भी तेज़ी से काम किया जा रहा है। मोदी सरकार को विश्वास है कि जल्द ही किसानों की आय में वृद्दि होगी।
छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होने से उद्योग जगत को काफ़ी लाभ होने की आशा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि देश के करोड़ों किसानों की आय में वृद्धि होगी तो वे इसे खर्च करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगी। पूंजी के मार्केट में आने से उसका उपयोग होगा और उद्योगों को लाभ मिलेगा। यानि कि कहा जा सकता है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होने से देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।