रेलवे के इन नियमों को जानेंगे तो नहीं होंगे यात्रा के दौरान परेशान!
Monday - June 3, 2019 10:14 am ,
Category : WTN HINDI
भारतीय रेलवे के यात्री और टिकिट सम्बन्धित हैं कई नियम
यात्रियों को परेशानी से बचाते हैं रेलवे के कुछ ‘ख़ास नियम’
JUNE 03 (WTN) – यात्रियों की सुविधाओं के लिए भारतीय रेलवे के ऐसे कई नियम हैं, जिनके बारे में यात्रियों को आमतौर पर जानकारी ही नहीं होती है। रेल यात्रा के दौरान कई बार परेशानी होने पर रेलवे के यह नियम आपकी सहायता कर सकते हैं, लेकिन इन नियमों के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण यात्रियों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको रेलवे के इन्हीं कुछ नियमों के बारे में बताते हैं, जिनका जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।
वैसे तो आजकल ज़्यादातर यात्री अपने स्मार्टफोन पर ही ट्रेन टिकिट बुक करते हैं, लेकिन कई लोग काउंटर टिकिट या फ़िर ई-टिकिट प्रिन्ट के साथ यात्रा करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि ई-टिकिट का प्रिन्ट या फ़िर काउंटर टिकिट गुम हो जाता है, ऐसे स्थिति में यात्री को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिकिट गुम होने की स्थिति में यात्रा के दौरान आप टीटीई को 50 रुपये की पेनाल्टी देकर अपना टिकिट प्राप्त कर सकते हैं।
वहीं कभी आपको इमरजेंसी में यात्रा करना पड़ रही है, लेकिन आप जल्दबाज़ी में गंतव्य स्टेशन का टिकिट नहीं ले सके तो भी आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगर आपके पास प्लेटफार्म टिकिट है तो भी आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। प्लेटफार्म टिकिट साथ होने की स्थिति में ट्रेन में सवार होते ही सबसे पहले टीटीई से सम्पर्क करें और उससे टिकिट के लिए गुजारिश करें। प्लेटफार्म टिकिट साथ होने के स्थिति में यात्री से 250 रुपये पेनाल्टी और किराया वसूले जाने का नियम है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्लेटफार्म टिकिट साथ होने का यह फ़ायदा होता है कि यात्री से किराया उसे स्टेशन से ही लिया जाएगा, जिस स्टेशन का प्लेटफार्म टिकिट है।
कई बार जल्दबादी में आप ट्रेन में अपने निर्धारित कोच में नहीं चढ़ पातेहैं और ट्रेन चल देती है। ऐसे में आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आपके डिपार्चर स्टेशन से अगले दो स्टेशन तक आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को अलॉट नहीं की जा सकती है। लेकिन दो स्टेशनों तक अपनी निर्धारित सीट पर यात्री के नहीं आने पर टीटीई, आरएसी टिकिट वाले यात्री को आपकी सीट अलॉट कर सकता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि ट्रेन में रिज़र्व टिकिट पर यात्रा करने समय आईडी प्रूफ्र साथ होना जरूरी है। टीटीई या फ़िर टीसी द्वारा यात्रा के दौरान आईडी प्रूफ मांगने पर यात्री को दिखाना होता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आप ग्रुप में सफ़र कर रहे होते हैं और आपको अलग-अलग कोच में, या फ़िर एक ही कोच में अलग-अलग कूपे में सीटें अलॉट की गई होती हैं, ऐसे में एक ही बुक किये गये टिकिट में से 6 में से किसी एक यात्री का आईडी प्रूफ ही पर्याप्त माना जाता है।
तो हमारी आपसे गुजारिश है कि भारतीय रेलवे के इन नियमों को आप ध्यान से पढ़ें, और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दें ताकि रेल यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। भारतीय रेलवे यात्रियों को परेशानी से बचने के लिए काफ़ी सुविधाएं प्रदान करता है, लेकिन इन सुविधाओं की जानकारी नहीं होने से कई बार यात्रियों को बिना वजह दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बेहतर होगा कि रेलवे के इन नियमों के बारे में आप परिचित हों और अन्य लोगों को भी इसकी जानकारी दें।
JUNE 03 (WTN) – यात्रियों की सुविधाओं के लिए भारतीय रेलवे के ऐसे कई नियम हैं, जिनके बारे में यात्रियों को आमतौर पर जानकारी ही नहीं होती है। रेल यात्रा के दौरान कई बार परेशानी होने पर रेलवे के यह नियम आपकी सहायता कर सकते हैं, लेकिन इन नियमों के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण यात्रियों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको रेलवे के इन्हीं कुछ नियमों के बारे में बताते हैं, जिनका जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।
वैसे तो आजकल ज़्यादातर यात्री अपने स्मार्टफोन पर ही ट्रेन टिकिट बुक करते हैं, लेकिन कई लोग काउंटर टिकिट या फ़िर ई-टिकिट प्रिन्ट के साथ यात्रा करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि ई-टिकिट का प्रिन्ट या फ़िर काउंटर टिकिट गुम हो जाता है, ऐसे स्थिति में यात्री को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिकिट गुम होने की स्थिति में यात्रा के दौरान आप टीटीई को 50 रुपये की पेनाल्टी देकर अपना टिकिट प्राप्त कर सकते हैं।
वहीं कभी आपको इमरजेंसी में यात्रा करना पड़ रही है, लेकिन आप जल्दबाज़ी में गंतव्य स्टेशन का टिकिट नहीं ले सके तो भी आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगर आपके पास प्लेटफार्म टिकिट है तो भी आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। प्लेटफार्म टिकिट साथ होने की स्थिति में ट्रेन में सवार होते ही सबसे पहले टीटीई से सम्पर्क करें और उससे टिकिट के लिए गुजारिश करें। प्लेटफार्म टिकिट साथ होने के स्थिति में यात्री से 250 रुपये पेनाल्टी और किराया वसूले जाने का नियम है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्लेटफार्म टिकिट साथ होने का यह फ़ायदा होता है कि यात्री से किराया उसे स्टेशन से ही लिया जाएगा, जिस स्टेशन का प्लेटफार्म टिकिट है।
कई बार जल्दबादी में आप ट्रेन में अपने निर्धारित कोच में नहीं चढ़ पातेहैं और ट्रेन चल देती है। ऐसे में आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आपके डिपार्चर स्टेशन से अगले दो स्टेशन तक आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को अलॉट नहीं की जा सकती है। लेकिन दो स्टेशनों तक अपनी निर्धारित सीट पर यात्री के नहीं आने पर टीटीई, आरएसी टिकिट वाले यात्री को आपकी सीट अलॉट कर सकता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि ट्रेन में रिज़र्व टिकिट पर यात्रा करने समय आईडी प्रूफ्र साथ होना जरूरी है। टीटीई या फ़िर टीसी द्वारा यात्रा के दौरान आईडी प्रूफ मांगने पर यात्री को दिखाना होता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आप ग्रुप में सफ़र कर रहे होते हैं और आपको अलग-अलग कोच में, या फ़िर एक ही कोच में अलग-अलग कूपे में सीटें अलॉट की गई होती हैं, ऐसे में एक ही बुक किये गये टिकिट में से 6 में से किसी एक यात्री का आईडी प्रूफ ही पर्याप्त माना जाता है।
तो हमारी आपसे गुजारिश है कि भारतीय रेलवे के इन नियमों को आप ध्यान से पढ़ें, और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दें ताकि रेल यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। भारतीय रेलवे यात्रियों को परेशानी से बचने के लिए काफ़ी सुविधाएं प्रदान करता है, लेकिन इन सुविधाओं की जानकारी नहीं होने से कई बार यात्रियों को बिना वजह दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बेहतर होगा कि रेलवे के इन नियमों के बारे में आप परिचित हों और अन्य लोगों को भी इसकी जानकारी दें।