जमा कीजिये ईमानदारी से टैक्स और पाइये सम्मान और सुविधाएं!
Friday - June 7, 2019 1:23 pm ,
Category : WTN HINDI
समय पर और सही टैक्स भरने वालों को मिलेगा “नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव”
‘ईमानदार’ टैक्स पेयर्स को मोदी सरकार करेगी ‘सम्मानित’ और ‘प्रोत्साहित’
JUNE 07 (WTN) – ईमानदारी की पूरी दुनिया में काफ़ी कद्र है। ईमानदार लोगों की हर कहीं तारीफ़ होती है और ऐसे लोगों को समाज में सम्मान की नज़र से देखा जाता है। वैसे ईमानदारी के मामले में हम भारतीय कुछ पीछे हैं। बात टैक्स की करें, तो हमार देश में टैक्स चोरी करना फैशन सा बन गया है। टैक्स चोरी के कारण देश को हर साल करोड़ों रुपयों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। केन्द्र में मोदी सरकार आने के बाद कहा जाता है कि देश की जनता ईमानदारी से टैक्स जमा कर रही है, क्योंकि सरकार का दावा है कि टैक्स रेट कम होने और टैक्स भरने मेे सहूलियत होने से जनता को टैक्स भरने में कोई परेशानी नहीं है।
आंकड़ों के मुताबिक़ देश में टैक्सपेयर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मोदी सरकार अब टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए उन्हें विशेष सुविधाएं देने जा रही है। जानकारी के अनुसार ईमानदारी से टैक्स जमा करने वालों को मोदी सरकार ख़ास तवज्जो देगी। इसका मतलब है कि मोदी सरकार ईमानदारी से टैक्स जमा करने वालों के लिए नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव देने वाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव का मतलब होता है कि ईमानदारी से काम करने वालों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए उन्हें विशेष सुविधाएं देना।
जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार ईमानदारी से टैक्स जमा करने वाले चुनिंदा लोगों को प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के साथ चाय पीने के लिए आमंत्रित कर सकती है। वहीं ईमानदार टैक्सपेयर्स को उनके बच्चों को अच्छे स्कूलों में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है। जुलाई में पेश होने जा रहे मोदी सरकार पार्ट-टू के पहले पूर्ण बजट में सरकार इस योजना की घोषणा कर सकती है।
नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव के तहत कुछ अन्य सुविधाएं भी चुनिंदा ईमानदार टैक्सपेयर्स को मिल सकती हैं, जैसे एयरपोर्ट पर चेक इन के लिए स्पेशल एंट्री प्वाइंट इनके लिये खोला जा सकता है। वहीं एयरपोर्ट पर वीआईपी लाउंज और पार्किंग में मुफ्त सुविधा भी मिल सकती है। इतना ही नहीं, इन्हें टोल प्लाजा में विशेष लेन में गाड़ी ले जाने की अनुमति भी मिल सकती है। यानी कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को मोदी सरकार सार्वजनिक रूप से सुविधाएं देकर बाक़ी जनता को भी प्रोत्साहित करना चाहेगी कि वे भी ईमानदारी से अपना टैक्स जमा करें।
लेकिन नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव के तहत सम्मानित होना इतना आसान नहीं है। इनकम टैक्स विभाग उन लोगों में से ईमानदार टैक्सपेयर्स चुनेगा जिन पर कभी भी इनकम टैक्स विभाग ने जुर्माना ना लगाया हो। साथ ही जिन पर कभी भी इनकम टैक्स विभाग ने छापा नहीं मारा हो। वैसे यह पहली बार नहीं है कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह की योजना शुरू की जा रही है। इससे पहले 'सम्मान योजना' लागू की गई थी, लेकिन साल 2004 में इसे खत्म कर दिया गया।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई अन्य देशों में ईमानदार टैक्स पेयर्स को काफ़ी सम्मान मिलता है। ईमानदार लोगों के लिए प्रसिद्ध जापान में ईमानदार टैक्स पेयर्स को राष्ट्राध्यक्ष के साथ फोटो खिंचवाने का मौका मिलता है। इतना ही नहीं, दक्षिण कोरिया में तो ईमानदार टैक्स पेयर्स को एयरपोर्ट पर वीआईपी लाउंज और पार्किंग में मुफ्त सुविधा दी जाती है। बात करें पाकिस्तान की तो आर्थिक रूप से बदहाली की कगार पर पहुंचे चुके इस देश में ईमानदार टैक्स पेयर्स को इमिग्रेशन काउंट पर विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
मोदी सरकार यदि इस स्कीम को लागू करती है तो इसकी तारीफ़ की जानी चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारे देश में एक तो बहुत कम लोग टैक्स जमा करते हैं, वहीं जो जमा करते हैं उनमे सें कई लोग सही टैक्स जमा नहीं करते हैं। किसी भी देश की प्रगति में टैक्स का काफ़ी योगदान होता है। यदि देश का हर नागरिक ईमानदारी से टैक्स जमा करे इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
लेकिन हर किसी से ईमानदारी की आशा करना शायद बेवकूफी है। इसलिए जो ईमानदार टैक्स पेयर्स हैं, यदि उन्हें मोदी सरकार सम्मानित और प्रोत्साहित करती है तो यह अपने आप में सराहनीय कदम है। जब सार्वजनिक रूप से ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी तो इससे समाज में जागरूकता आएगी और लोगों को ईमानदारी से टैक्स जमा करने की प्रेरणा मिलेगी।
JUNE 07 (WTN) – ईमानदारी की पूरी दुनिया में काफ़ी कद्र है। ईमानदार लोगों की हर कहीं तारीफ़ होती है और ऐसे लोगों को समाज में सम्मान की नज़र से देखा जाता है। वैसे ईमानदारी के मामले में हम भारतीय कुछ पीछे हैं। बात टैक्स की करें, तो हमार देश में टैक्स चोरी करना फैशन सा बन गया है। टैक्स चोरी के कारण देश को हर साल करोड़ों रुपयों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। केन्द्र में मोदी सरकार आने के बाद कहा जाता है कि देश की जनता ईमानदारी से टैक्स जमा कर रही है, क्योंकि सरकार का दावा है कि टैक्स रेट कम होने और टैक्स भरने मेे सहूलियत होने से जनता को टैक्स भरने में कोई परेशानी नहीं है।
आंकड़ों के मुताबिक़ देश में टैक्सपेयर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मोदी सरकार अब टैक्सपेयर्स को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए उन्हें विशेष सुविधाएं देने जा रही है। जानकारी के अनुसार ईमानदारी से टैक्स जमा करने वालों को मोदी सरकार ख़ास तवज्जो देगी। इसका मतलब है कि मोदी सरकार ईमानदारी से टैक्स जमा करने वालों के लिए नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव देने वाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव का मतलब होता है कि ईमानदारी से काम करने वालों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए उन्हें विशेष सुविधाएं देना।
जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार ईमानदारी से टैक्स जमा करने वाले चुनिंदा लोगों को प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के साथ चाय पीने के लिए आमंत्रित कर सकती है। वहीं ईमानदार टैक्सपेयर्स को उनके बच्चों को अच्छे स्कूलों में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है। जुलाई में पेश होने जा रहे मोदी सरकार पार्ट-टू के पहले पूर्ण बजट में सरकार इस योजना की घोषणा कर सकती है।
नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव के तहत कुछ अन्य सुविधाएं भी चुनिंदा ईमानदार टैक्सपेयर्स को मिल सकती हैं, जैसे एयरपोर्ट पर चेक इन के लिए स्पेशल एंट्री प्वाइंट इनके लिये खोला जा सकता है। वहीं एयरपोर्ट पर वीआईपी लाउंज और पार्किंग में मुफ्त सुविधा भी मिल सकती है। इतना ही नहीं, इन्हें टोल प्लाजा में विशेष लेन में गाड़ी ले जाने की अनुमति भी मिल सकती है। यानी कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को मोदी सरकार सार्वजनिक रूप से सुविधाएं देकर बाक़ी जनता को भी प्रोत्साहित करना चाहेगी कि वे भी ईमानदारी से अपना टैक्स जमा करें।
लेकिन नॉन मॉनिटरी इन्सेंटिव के तहत सम्मानित होना इतना आसान नहीं है। इनकम टैक्स विभाग उन लोगों में से ईमानदार टैक्सपेयर्स चुनेगा जिन पर कभी भी इनकम टैक्स विभाग ने जुर्माना ना लगाया हो। साथ ही जिन पर कभी भी इनकम टैक्स विभाग ने छापा नहीं मारा हो। वैसे यह पहली बार नहीं है कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह की योजना शुरू की जा रही है। इससे पहले 'सम्मान योजना' लागू की गई थी, लेकिन साल 2004 में इसे खत्म कर दिया गया।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई अन्य देशों में ईमानदार टैक्स पेयर्स को काफ़ी सम्मान मिलता है। ईमानदार लोगों के लिए प्रसिद्ध जापान में ईमानदार टैक्स पेयर्स को राष्ट्राध्यक्ष के साथ फोटो खिंचवाने का मौका मिलता है। इतना ही नहीं, दक्षिण कोरिया में तो ईमानदार टैक्स पेयर्स को एयरपोर्ट पर वीआईपी लाउंज और पार्किंग में मुफ्त सुविधा दी जाती है। बात करें पाकिस्तान की तो आर्थिक रूप से बदहाली की कगार पर पहुंचे चुके इस देश में ईमानदार टैक्स पेयर्स को इमिग्रेशन काउंट पर विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
मोदी सरकार यदि इस स्कीम को लागू करती है तो इसकी तारीफ़ की जानी चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारे देश में एक तो बहुत कम लोग टैक्स जमा करते हैं, वहीं जो जमा करते हैं उनमे सें कई लोग सही टैक्स जमा नहीं करते हैं। किसी भी देश की प्रगति में टैक्स का काफ़ी योगदान होता है। यदि देश का हर नागरिक ईमानदारी से टैक्स जमा करे इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
लेकिन हर किसी से ईमानदारी की आशा करना शायद बेवकूफी है। इसलिए जो ईमानदार टैक्स पेयर्स हैं, यदि उन्हें मोदी सरकार सम्मानित और प्रोत्साहित करती है तो यह अपने आप में सराहनीय कदम है। जब सार्वजनिक रूप से ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी तो इससे समाज में जागरूकता आएगी और लोगों को ईमानदारी से टैक्स जमा करने की प्रेरणा मिलेगी।