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​किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ‘मिशन मोड’ पर मोदी सरकार

Thursday - June 13, 2019 4:21 pm , Category : WTN HINDI
किसानों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ला रहे नई योजनाएं
किसानों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ला रहे नई योजनाएं

ई-मंडी और कुसुम योजना के जरिये किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी

JUNE 13 (WTN) – लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड जीत हासिल करने के बाद मोदी सरकार काम करने के मिशन मोड पर है। प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि लोकसभा चुनाव में भाजपा की इतनी विशाल जीत में किसानों का काफ़ी योगदान है। अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार कहा था कि उनकी कोशिश है किसानों की आमदनी दोगुनी करना। अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए काफ़ी प्रयास किये थे। वहीं अब अपने दूसरे कार्यकाल में भी प्रधानमंत्री मोदी किसानों आय दोगुनी करने के लिए कुछ नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास में मोदी सरकार दो प्रमुख योजनाओं पर ज़्यादा फोकस कर रही है। एक तो ई-मंडियों का विस्तार और दूसरा कुसुम योजना। दरअसल, किसानों की आमदनी तभी दोगुनी हो सकती है जब उनको उनकी फसलों का सही दाम मिले और खेती में होने वाले खर्चों में कटौती आए। सबसे पहले किसानों को उनकी फसलों का सही दाम दिलाने की कोशिशों में मोदी सरकार लगातार लगी हुई है।

किसानों को उनकी फसलों के सही और समय पर दाम मिलें इसके लिए मोदी सरकार ई-मंडी का दायरा बढ़ाने के मिशन में जुटी हुई है। कहा जा रहा है कि ई-मंडियों से राज्यों के बीच आसानी से कारोबार हो सकेगा, इसके लिए सभी मंडियों को आपस में जोड़ने का काम तेज़ी से चल रहा है।
वहीं अब ई-मंडी में ट्रेडर्स ख़रीददारी से पहले कमोडिटीज़ की क्वालिटी चैक कर सकें, इसके लिए मोदी सरकार ने देश की सभी ई-मंडियों में क्वालिटी चैक लैब बनाने का फ़ैसला लिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में इस समय ई-मंडियों की संख्या 585 है। मोदी सरकार 200 नई ई-मंडियों को शुरू करने जा रही है, जिसके बाद साल के आख़िरी तक देश में 785 ई-मंडियां हो जाएंगी।

सरकार हर ई-मंडी में क्वालिटी चैक लैब बनाने जा रही है, जिसके लिए कृषि मंत्रालय हर मंडी को 3 लाख रुपये देगा। इन क्वालिटी चैक लैब में किसानों के माल का बिकने से पहले उसका क्वालिटी चैक किया जाएगा। क्वालिटी चैक होने के बाद किसानों को उनके माल के लिए सर्टिफिकेट मिलेगा। सरकार के अनुसार क्वालिटी चैक होने से किसानों को उनकी उपज के उचित दाम मिलेंगे। मोदी सरकार की योजना है कि साल के आख़िरी तक 16 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों को मंडियों को जोड़ा जा सके।

यह तो थी किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले इसके लिए योजना। वहीं मोदी सरकार खेती में होने वाली लागत में कमी करने के उपायों पर भी ध्यान दे रही है। जिसके चलते अब मोदी सरकार कुसुम योजना के तहत किसानों की खेती में लागत कम करने की तैयारी में है। केन्द्र सरकार कुसुम योजना के जरिये किसानों को दो तरह से फ़ायदा देने की तैयारी है। एक तो किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली मिलेगी, तो वहीं जो किसान अतिरिक्त बिजली बनाकर ग्रिड को भेजेंगे उसके बदले उनकी कमाई भी होगी।  

दरअसल, अब खेतों में सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान ही करना होगा। किसान सौर ऊर्जा प्लांट अपनी बंजर भूमि पर लगा सकते हैं। इस प्लांट को लगाने के लिए केन्द्र सरकार किसानों के बैंक खाते में सब्सिडी की रकम जमा करेगी। कुसुम योजना में किसानों को लोन के रूप में 30% रकम बैंक देंगी। वहीं सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पम्प की कुल लागत की 60% राशि देगी।

मोदी सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पम्प में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो ना सिर्फ़ इससे बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हज़ार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो सकेगा। कहा जा रहा है कि कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी।

कहा जा सकता है कि ई-मंडी और कुसुम योजना के तहत मोदी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोशिशों में है। जहां ई-मंडी के जरिये किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सकेगा, वहीं कुसुम योजना से किसानों का सिंचाई के लिए बिजली में खर्च होने वाला पैसा बचेगा। कुसुम योजना के अंतर्गत किसान जो अतिरिक्त बिजली बनाएगा उसे ग्रिड खरीदेंगे जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होगी। इन योजनाओं को देखकर कहा जा सकता है कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में मोदी सरकार काफ़ी प्रयास कर रही है।