भूलकर भी ना करें व्हाट्सएप पर ‘ऐसी’ ग़लती!
Monday - June 17, 2019 10:22 am ,
Category : WTN HINDI
व्हाट्सएप के क्लोन वर्जन का ना करें प्रयोग
व्हाट्सएप के नियमों का ‘उल्लंघन’ पर करने पर हो सकता है केस!
JUNE 17 (WTN) – यदि आपके पास स्मार्टफोन है तो आप उसमें व्हाट्सएप का प्रयोग तो करते ही होंगे। व्हाट्सएप इन दिनों भारत में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है। एक जानकारी के मुताबिक़ भारत में व्हाट्सएप के क़रीब 20 करोड़ यूजर्स हैं। व्हाट्सएप का प्रयोग करने से आपको काफ़ी सुविधाएं मिलती हैं और कम्यूनिकेशन्स के आपके काफ़ी काम आसानी से हो जाते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपने व्हाट्सएप का ग़लत इस्तेमाल किया तो आपको अदालत के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। क्या है यह पूरा मामला आईये आपको विस्तार से बताते हैं।

दरअसल, व्हाट्सएप की पैरेंट कम्पनी फेसबुक ने व्हाट्सएप का ग़लत इस्तेमाल करने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया है। इस बारे में फेसबुक का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति या कम्पनी व्हाट्सएप का ग़लत इस्तेमाल करता पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, व्हाट्सएप ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा जो ऑटोमेटेड या बल्क मैसेजिंग करते हैं यानी कि जो मैसेज व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए नहीं होते हैं।

हालांकि, फेसबुक ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि ऑटोमेटेड या बल्क मैसेजिंग करने वालों के ख़िलाफ़ वो क्या कार्रवाई करेगी। इधर फेसबुक ने साफ़ कर दिया है कि व्हाट्सएप का इस्तेमाल बल्क मैसेजिंग के लिए या ऑटोमेटेड मैसेजिंग के लिए नहीं किया जा सकता है। दरअसल, फेसबुक इस तरह की कार्रवाई इसलिए करने जा रहा है, क्योंकि एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि लोकसभा चुनाव में व्हाट्सएप का इस्तेमाल क्लोन एप के जरिए किया गया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप के फ्री क्लोन एप के जरिए व्हाट्सएप यूज़र्स को बल्क मैसेज भेजने की सुविधा मिलती है। दरअसल, यह वैसा ही क्रैसडाउन है जो पिछले साल सैनफ्रांस्सिको में देखने को मिला था। सैनफ्रांस्सिको की घटना के बाद फेसबुक ने किसी भी मैसेज को सिर्फ़ पांच लोगों तक ही फॉर्वर्ड करने की सीमा निर्धारित कर दी थी। वहीं भारत में भी पिछले साल व्हाट्सएप ग्रुप से ऐसी कई ग़लत सूचनाएं साझा की गईं जिसके बाद कहा गया है कि यही ग़लत सूचनाएं मॉब लिचिंग के लिए ज़िम्मेदार थीं।

इधर भारत सरकार भी व्हाट्सएप पर फ़ेक न्यूज़ को रोकने के लिए दबाव बना रही है। भारत जैसे विशाल यूज़र्स वाले मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप ने फ़ैसला लिया है कि उसके प्लेटफॉर्म का ग़लत इस्तेमाल करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। तो हमारी आपको सलाह है कि आप व्हाट्सएप क्लोन का प्रयोग कर ब्लक मैसेजिंग से बचें, नहीं तो आपके ख़िलाफ़ व्हाट्सएप क़ानूनी कार्रवाई कर सकता है।
JUNE 17 (WTN) – यदि आपके पास स्मार्टफोन है तो आप उसमें व्हाट्सएप का प्रयोग तो करते ही होंगे। व्हाट्सएप इन दिनों भारत में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है। एक जानकारी के मुताबिक़ भारत में व्हाट्सएप के क़रीब 20 करोड़ यूजर्स हैं। व्हाट्सएप का प्रयोग करने से आपको काफ़ी सुविधाएं मिलती हैं और कम्यूनिकेशन्स के आपके काफ़ी काम आसानी से हो जाते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि आपने व्हाट्सएप का ग़लत इस्तेमाल किया तो आपको अदालत के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। क्या है यह पूरा मामला आईये आपको विस्तार से बताते हैं।

दरअसल, व्हाट्सएप की पैरेंट कम्पनी फेसबुक ने व्हाट्सएप का ग़लत इस्तेमाल करने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया है। इस बारे में फेसबुक का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति या कम्पनी व्हाट्सएप का ग़लत इस्तेमाल करता पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, व्हाट्सएप ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा जो ऑटोमेटेड या बल्क मैसेजिंग करते हैं यानी कि जो मैसेज व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए नहीं होते हैं।

हालांकि, फेसबुक ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि ऑटोमेटेड या बल्क मैसेजिंग करने वालों के ख़िलाफ़ वो क्या कार्रवाई करेगी। इधर फेसबुक ने साफ़ कर दिया है कि व्हाट्सएप का इस्तेमाल बल्क मैसेजिंग के लिए या ऑटोमेटेड मैसेजिंग के लिए नहीं किया जा सकता है। दरअसल, फेसबुक इस तरह की कार्रवाई इसलिए करने जा रहा है, क्योंकि एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि लोकसभा चुनाव में व्हाट्सएप का इस्तेमाल क्लोन एप के जरिए किया गया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप के फ्री क्लोन एप के जरिए व्हाट्सएप यूज़र्स को बल्क मैसेज भेजने की सुविधा मिलती है। दरअसल, यह वैसा ही क्रैसडाउन है जो पिछले साल सैनफ्रांस्सिको में देखने को मिला था। सैनफ्रांस्सिको की घटना के बाद फेसबुक ने किसी भी मैसेज को सिर्फ़ पांच लोगों तक ही फॉर्वर्ड करने की सीमा निर्धारित कर दी थी। वहीं भारत में भी पिछले साल व्हाट्सएप ग्रुप से ऐसी कई ग़लत सूचनाएं साझा की गईं जिसके बाद कहा गया है कि यही ग़लत सूचनाएं मॉब लिचिंग के लिए ज़िम्मेदार थीं।

इधर भारत सरकार भी व्हाट्सएप पर फ़ेक न्यूज़ को रोकने के लिए दबाव बना रही है। भारत जैसे विशाल यूज़र्स वाले मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप ने फ़ैसला लिया है कि उसके प्लेटफॉर्म का ग़लत इस्तेमाल करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। तो हमारी आपको सलाह है कि आप व्हाट्सएप क्लोन का प्रयोग कर ब्लक मैसेजिंग से बचें, नहीं तो आपके ख़िलाफ़ व्हाट्सएप क़ानूनी कार्रवाई कर सकता है।