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​जानिए आख़िर क्या है सिक्कों से जुड़ा पूरा विवाद?

Thursday - June 27, 2019 11:09 am , Category : WTN HINDI
सिक्कों पर आरबीआई ने जारी की गाईडलाइन
सिक्कों पर आरबीआई ने जारी की गाईडलाइन

आरबीआई ने किया ‘साफ़’, बाज़ार में ‘प्रचलित’ हर डिजाइन के सिक्के हैं मान्य

JUNE 27 (WTN) – खनकते सिक्के किसे अच्छे नहीं लगते हैं। बचपन में सिक्कों को एकठ्ठा करने का सभी को शौक रहता है। एक समय था जब भारत में कम क़ीमत के कई सिक्के चलते थे, लेकिन समय के साथ अब कम क़ीमत के सिक्कों को आरबीआई ने चलन से बाहर कर दिया है। इस समय देश में 50 पैसा, 1 रुपया, 2 रुपया, 5 रुपया और 10 रुपये की राशि के सिक्के चलन में हैं। लेकिन कई बार देखा गया है कि कुछ दुकानदार किसी खास डिजायन के सिक्के को लेने से इनकार कर देते हैं, जिसके कारण इस परिस्थिति में कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है।

समय-समय पर हो रहे इन विवादों को मद्देनज़र रखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने लोगों के संदेह को दूर करते हुए साफ़ किया है कि विभिन्न आकार-प्रकार और डिज़ाइन के प्रचलन में चल रहे सभी सिक्के मान्य हैं। सिक्कों के बारे में आरबीआई का कहना है कि इस समय बाज़ार में जो भी सिक्के चलाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से वैध हैं, और हर किसी को इन्हें स्वीकार करना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केन्द्र सरकार द्वारा ढाले गए सिक्कों को आरबीआई चलन में लाता है।

सिक्कों के बारे में आरबीआई का कहना है कि छोटे लेन-देन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए समय-समय पर अलग-अलग राशि के सिक्कों को चलन में लाया जाता है। अलग-अलग सिक्कों की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। ये सिक्के भारत में प्रचलित विभिन्न विचारों, संस्कृतियों के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोण से प्रेरित होते हैं।

वहीं कई बार देखा गया है कि बैंक भी ग्राहकों से सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं, जिससे कई बार बैंकों में विवाद की स्थिति बन जाती है। इस सम्बन्ध में आरबीआई ने बैंकों से साफ़ कहा है कि वे सिक्के बदलने आने वाले ग्राहकों को अपनी शाखाओं से नहीं लौटाएं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों को दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी बैंक ग्राहकों से छोटी राशि के सिक्कों को स्वीकार करें।

दरअसल, सिक्कों के चलन को लेकर सारा विवाद 10 रूपये के सिक्के की डिजाइन को लेकर पैदा हुआ था। जिसके बाद आरबीआई ने साफ़ किया है कि 10 रुपये के सिक्के के सभी 14 डिजाइन वैध हैं। दस रूपये के सिक्कों के बारे में आरबीआई ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट है कि देश में कई लोगों में 10 रुपये के सिक्कों को लेकर संदेह है, लेकिन किसी को भी सिक्कों की वैधता के बारे में कोई भी शक नहीं करना चाहिए। जनता को किसी भी तरह की अफ़वाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, और प्रचलित सिक्कों को बिना झिझक वैध मुद्रा के रूप में स्वीकार करना चाहिए।

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाज़ार में 10 रुपये के नकली सिक्के भी प्रचलन में हैं। आप 10 रुपये के नकली सिक्के की पहचान कैसे कर सकते हैं, आइये आपको बताते हैं। 10 रुपये के असली सिक्के में रुपये का साइन बना होता है, जबकि नकली सिक्के में केवल 10 लिखा हुआ दिखता है। 10 रुपये के असली सिक्के में 10 पट्टियां बनी हुई हैं, जबकि नकली सिक्के में 15 पट्टियां बनी हुई हैं।

10 रुपये के नकली सिक्के में 10 केवल बीच के सिल्वर वाले हिस्से पर लिखा होता है, जबकि 10 रुपये के असली सिक्के में यह थोड़ा नीचे या फ़िर कहें कि गोल्ड और सिल्वर दोनों पर मिलाकर लिखा होता है। असली सिक्के के दूसरी तरफ़ भारत और INDIA अलग-अलग लिखा है, जबकि नकली सिक्के में यह एक साथ लिखा हुआ दिखता है। 10 रुपये के नकली सिक्के पर आपको अशोक स्तम्भ के नीचे और ऊपर एक-एक तिरछी लाइन दिखाई देगी, जबकि असली सिक्के में ऐसी कोई भी लाइन नहीं बनी है।

आरबीआई के मुताबिक़ देश में प्रचलन में सभी सिक्के मान्य हैं और उसकी डिजायन वैध है। कोई भी यदि सिक्के लेने से मना करता है तो आप इसकी शिकायत पुलिस में कर सकते हैं। वहीं आरबीआई ने निर्देशों के अनुसार कोई भी बैंक अपने ग्राहकों से सिक्के लेने से इनकार नहीं कर सकती है। अपने अधिकारों को जानिए और उनका उपयोग कीजिए।