मरीजों की सेवा के संकल्प के साथ पीपुल्स यूनिवर्सिटी में मना डॉक्टर्स डे
Monday - July 1, 2019 5:10 pm ,
Category : WTN HINDI
डॉक्टर्स डे पर पीपुल्स यूनिवर्सिटी में शानदार कार्यक्रम का आयोजन
JULY 01 (WTN) – भारतीय समाज में डॉक्टर्स को धरती पर भगवान का रूप कहा जाता है। इन्हीं डॉक्टर्स की समाज के प्रति सेवा और उनके योगदान को याद रखते हुए पीपुल्स यूनिवर्सिटी में एक जुलाई को डॉक्टर्स डे के मौक़े पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ देवी सरस्वती के सामने दीप प्रज्जवलन कर हुआ। कार्यक्रम में पीपुल्स युनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ नीरजा मलिक, पीपुल्स यूनीवर्सिटी के मेडिकल विभाग से सम्बन्धित डीन, प्रोफेसर्स और विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ राजेश कपूर ने कहा कि डॉक्टर्स का पेशा दुनिया का सबसे नोबल पेशा है। मनुष्ष के जन्म से लेकर मृत्यु तक, एक डॉक्टर की काफ़ी महती भूमिका होती है, जिसे कोई भी नकार नहीं सकता है। डॉक्टर का काम मरीज को बीमारी से बचाना मात्र ही नहीं है, बल्कि डॉक्टर का काम मरीज को विश्वास में लेना भी है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पीपुल्स यूनिवर्सिटी के डीन (एकेडमिक) डॉ वी.के. पांड्या ने डॉक्टर्स को सीख देते हुए कहा कि डॉक्टर्स को अपने नोबल प्रोफेशन के साथ पूरा न्याय करना चाहिए, और अपने प्रोफेशन के प्रति ईमानदारी बरतनी चाहिए। डॉ पांड्या ने डॉक्टर्स को सलाह दी कि अपने काम को बोझ नहीं बल्कि ज़िम्मेदारी समझते हुए करना चाहिए। डॉक्टर को चाहिए कि वो मरीज के साथ विनम्रता से पेश आए, और उसे विश्वास दिलाए कि वो ठीक हो जाएगा।
डॉ पांड्या ने डॉक्टर्स को समझाइश देते हुए कहा कि जूनियर डॉक्टर्स को इवनिंग ओपीडी और केजुअलिटी में भी समय बिताना चाहिए, जिससे संयम से और सावधानी के साथ किस तरह से काम किया जाता है यह उन्हें सीखने को मिलेगा। अपने उद्बोधन में डॉ पांड्या ने डॉक्टर्स को कुछ समय ग्रामीण इलाकों में भी काम करने की सलाह दी, जिससे उन्हें हर परिस्थिति में काम करने का अनुभव मिल सके।

वहीं कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. एन.के. जैन ने भी डॉक्टर्स के साथ अपने अनुभव शेयर किये और उन्हें सलाह दी कि उन्हें मरीजों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए। डॉ जैन ने कहा कि डॉक्टर्स को पूरी कोशिश करना चाहिए कि मरीज को पूरा समय दिया जा सके। डॉ जैन ने भी जूनियर डॉक्टर्स से आह्वान किया कि उन्हें इवनिंग ओपीडी में ज़्यादा समय बिताना चाहिए ताकि उन्हें अनुभव मिल सके।

इधर डॉक्टर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर्स ने रंगारंग प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम में डॉ निवेदिता पाठक, डॉ आशना, डॉ शौमिक और डॉ तेहीन चान ने गीत गाकर सभी को झूमने के लिए मज़बूर कर दिया।

वहीं डॉ अक्सा और डॉ श्रीशा ने युगल गीत गाकर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम में डॉ नन्दिनी ने एकल नृत्य और दिव्या एण्ड ग्रुप ने नृत्य नाटिका का शानदार तरीक़े से प्रस्तुतिकरण किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ रूचि कालरा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। डॉक्टर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ मेधा पाण्डेय और डॉ मुकुल दांगी ने किया।
JULY 01 (WTN) – भारतीय समाज में डॉक्टर्स को धरती पर भगवान का रूप कहा जाता है। इन्हीं डॉक्टर्स की समाज के प्रति सेवा और उनके योगदान को याद रखते हुए पीपुल्स यूनिवर्सिटी में एक जुलाई को डॉक्टर्स डे के मौक़े पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ देवी सरस्वती के सामने दीप प्रज्जवलन कर हुआ। कार्यक्रम में पीपुल्स युनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ नीरजा मलिक, पीपुल्स यूनीवर्सिटी के मेडिकल विभाग से सम्बन्धित डीन, प्रोफेसर्स और विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ राजेश कपूर ने कहा कि डॉक्टर्स का पेशा दुनिया का सबसे नोबल पेशा है। मनुष्ष के जन्म से लेकर मृत्यु तक, एक डॉक्टर की काफ़ी महती भूमिका होती है, जिसे कोई भी नकार नहीं सकता है। डॉक्टर का काम मरीज को बीमारी से बचाना मात्र ही नहीं है, बल्कि डॉक्टर का काम मरीज को विश्वास में लेना भी है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पीपुल्स यूनिवर्सिटी के डीन (एकेडमिक) डॉ वी.के. पांड्या ने डॉक्टर्स को सीख देते हुए कहा कि डॉक्टर्स को अपने नोबल प्रोफेशन के साथ पूरा न्याय करना चाहिए, और अपने प्रोफेशन के प्रति ईमानदारी बरतनी चाहिए। डॉ पांड्या ने डॉक्टर्स को सलाह दी कि अपने काम को बोझ नहीं बल्कि ज़िम्मेदारी समझते हुए करना चाहिए। डॉक्टर को चाहिए कि वो मरीज के साथ विनम्रता से पेश आए, और उसे विश्वास दिलाए कि वो ठीक हो जाएगा।
डॉ पांड्या ने डॉक्टर्स को समझाइश देते हुए कहा कि जूनियर डॉक्टर्स को इवनिंग ओपीडी और केजुअलिटी में भी समय बिताना चाहिए, जिससे संयम से और सावधानी के साथ किस तरह से काम किया जाता है यह उन्हें सीखने को मिलेगा। अपने उद्बोधन में डॉ पांड्या ने डॉक्टर्स को कुछ समय ग्रामीण इलाकों में भी काम करने की सलाह दी, जिससे उन्हें हर परिस्थिति में काम करने का अनुभव मिल सके।

वहीं कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. एन.के. जैन ने भी डॉक्टर्स के साथ अपने अनुभव शेयर किये और उन्हें सलाह दी कि उन्हें मरीजों के साथ विनम्रता से पेश आना चाहिए। डॉ जैन ने कहा कि डॉक्टर्स को पूरी कोशिश करना चाहिए कि मरीज को पूरा समय दिया जा सके। डॉ जैन ने भी जूनियर डॉक्टर्स से आह्वान किया कि उन्हें इवनिंग ओपीडी में ज़्यादा समय बिताना चाहिए ताकि उन्हें अनुभव मिल सके।

इधर डॉक्टर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर्स ने रंगारंग प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम में डॉ निवेदिता पाठक, डॉ आशना, डॉ शौमिक और डॉ तेहीन चान ने गीत गाकर सभी को झूमने के लिए मज़बूर कर दिया।

वहीं डॉ अक्सा और डॉ श्रीशा ने युगल गीत गाकर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम में डॉ नन्दिनी ने एकल नृत्य और दिव्या एण्ड ग्रुप ने नृत्य नाटिका का शानदार तरीक़े से प्रस्तुतिकरण किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ रूचि कालरा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। डॉक्टर्स डे पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ मेधा पाण्डेय और डॉ मुकुल दांगी ने किया।