सावधान! आपके घर में ही आपकी हो रही है जासूसी
Friday - July 12, 2019 10:47 am ,
Category : WTN HINDI
गूगल असिस्टेंट कर रहा है आपकी जासूसी!
वॉयस रिकॉर्डिंग डिवाइस से रहें सावधान; हो रही है आपकी बातों की रिकॉर्डिंग
JULY 12 (WTN) – आधुनिक युग में आप स्मार्टफोन और उससे जुड़ी डिवाइस का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। आजकल हम स्मार्टफोन के इतने आदी हो गये हैं कि लगभग हर समय स्मार्टफोन हमारे साथ ही रहता है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि यही स्मार्टफोन और उससे जुड़े डिवाइस आपकी जासूसी कर रही हैं तो यह पढ़कर आप चौक गये होंगे।
जीहां सतर्क रहें, क्योंकि आपके स्मार्टफोन और उसकी डिवाइस से ही आपकी जासूसी हो सकती है, या हो सकता है कि आपकी जासूसी हो रही हो वो भी आपके ख़ुद के घर में । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि थर्ड पार्टी एंप्लॉयीज स्मार्टफोन, होम स्पीकर और सिक्यॉरिटी कैमरों पर गूगल असिस्टेंट के जरिये आपकी बातों को सुना और रिकॉर्ड किया जा रहा है, जो कि साफ़तौर पर आपकी निजता का उल्लंघन हैं।
दरअसल, कहा जा रहा है कि गूगल के लिए काम करने वाले थर्ड पार्टी कॉन्टैक्टर, गूगल असिस्टेंट के जरिये आपकी बातों को सुन रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो यह हम सभी के लिए चिंता का एक कारण है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारी निजी बातों को रिकॉर्ड कर रहा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, गूगल अब स्पीकर के जरिये हमारी बातों को रिकॉर्ड कर रहा है। इतना ही नहीं, इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को सब-कॉन्टैक्टर्स को भेजा जा रहा है, और यह सब-कॉन्टैक्टर्स गूगल स्पीच रिकग्निशन को और भी बेहतर बनाने के लिए इसे ट्रांसकाइब कर रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बेल्जियन ब्रॉडकॉस्टर VRT NWS ने क़रीब एक हज़ार विशेषज्ञों को गूगल असिस्टेंट के माध्यम से सुना। दावा किया जा रहा है कि इस रिकॉर्डिंग्स में वे लोगों के पते और अन्य संवेदनशील सूचनाओं को सुन पा रहे थे। यह पूरा विवादित मामला तब सामने आया है जब अमेज़न अलेक्सा पहले से ही लोगों की रिकॉर्डिंग सुनने के आरोपों में विवादों में चल रहा है। इन सभी ख़बरों से एक बात सामने आती है कि आपकी निजता अब ख़तरे में आ गई है।
कहा जा रहा है कि इस बातचीत में लोगों के बैडरूम की निजी बातों से लेकर हर तरह की बातों को सुनने में उन्हें सफलता हासिल हुई। भारत समेत पूरी दुनिया के लोगों की बातचीत इसमें रिकॉर्ड हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय डेटा निगम (आईडीसी) के मुताबिक़, भारत में अमेज़न एको ने साल 2018 में 59 प्रतिशत शेयर के साथ भारतीय स्मार्ट स्पीकर बाजार में अपनी पकड़ बनाई है। वहीं 39 प्रतिशत यूनिट शेयर के साथ गूगल होम दूसरे स्थान पर मौजूद है। यानी कि भारत में वॉयस रिकार्डिंग स्पीकर्स की बिक्री तेज़ी से हो रही है, और घर में मौजूद यही स्पीकर कहीं ना कहीं आपकी जासूसी कर रहे हैं।
हालांकि, इस बारे में गूगल का कहना है कि वॉइस रिकग्निशन को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ़ 0.2 प्रतिशत ऑडियो क्लिप्स को ही ट्रांसक्राइब किया जाता है। इस गम्भीर मामले के बारे में गूगल का कहना है कि गूगल की प्राइवेसी और सिक्यॉरिटी रिस्पॉन्स टीम को इस बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। इस पूरे मामले की जांच करने के बाद जो भी ज़रूरी एक्शन लिया जाना है वो लिया जाएगा।
गूगल का कहना है कि यूज़र्स की प्राइवेसी को बरक़रार रखने के लिए सभी तथ्यों को फ़िर से चेक किया जा रहा है। गूगल का दावा है कि इस मामले में पूरी कोशिश की जाएगी कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना घटें। वहीं गूगल ने अपने यूज़र्स को इस बात का भी भरोसा दिलाया है कि यूज़र्स के द्वारा भेजे जाने वाले ऑडियो रिकॉर्डिंग रिव्यू प्रोसेस का हिस्सा नहीं होंगे।
अब देखना होगा कि गूगल अपने दावे पर कितना सही उतर पाता है। लेकिन फ़िर भी हमारी आपको सलाह है कि बैडरूम में भी आपकी निजी बातें अब निजी नहीं रह गई हैं यदि आपने सावधानी नहीं बरती तो। हमारी आपको सलाह है कि निजी बातों के दौरान इस तरह के डिवाइस को ऑफ़ ही रखें जो कि आपकी वाइस रिकॉर्ड कर सकते हैं, या फ़िर वॉयस असिस्टेंट की तरह काम करते हैं। याद रखिये कि आपकी सावधानी में ही आपकी निजता की सुरक्षा है।
JULY 12 (WTN) – आधुनिक युग में आप स्मार्टफोन और उससे जुड़ी डिवाइस का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। आजकल हम स्मार्टफोन के इतने आदी हो गये हैं कि लगभग हर समय स्मार्टफोन हमारे साथ ही रहता है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि यही स्मार्टफोन और उससे जुड़े डिवाइस आपकी जासूसी कर रही हैं तो यह पढ़कर आप चौक गये होंगे।
जीहां सतर्क रहें, क्योंकि आपके स्मार्टफोन और उसकी डिवाइस से ही आपकी जासूसी हो सकती है, या हो सकता है कि आपकी जासूसी हो रही हो वो भी आपके ख़ुद के घर में । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि थर्ड पार्टी एंप्लॉयीज स्मार्टफोन, होम स्पीकर और सिक्यॉरिटी कैमरों पर गूगल असिस्टेंट के जरिये आपकी बातों को सुना और रिकॉर्ड किया जा रहा है, जो कि साफ़तौर पर आपकी निजता का उल्लंघन हैं।
दरअसल, कहा जा रहा है कि गूगल के लिए काम करने वाले थर्ड पार्टी कॉन्टैक्टर, गूगल असिस्टेंट के जरिये आपकी बातों को सुन रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो यह हम सभी के लिए चिंता का एक कारण है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारी निजी बातों को रिकॉर्ड कर रहा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, गूगल अब स्पीकर के जरिये हमारी बातों को रिकॉर्ड कर रहा है। इतना ही नहीं, इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को सब-कॉन्टैक्टर्स को भेजा जा रहा है, और यह सब-कॉन्टैक्टर्स गूगल स्पीच रिकग्निशन को और भी बेहतर बनाने के लिए इसे ट्रांसकाइब कर रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बेल्जियन ब्रॉडकॉस्टर VRT NWS ने क़रीब एक हज़ार विशेषज्ञों को गूगल असिस्टेंट के माध्यम से सुना। दावा किया जा रहा है कि इस रिकॉर्डिंग्स में वे लोगों के पते और अन्य संवेदनशील सूचनाओं को सुन पा रहे थे। यह पूरा विवादित मामला तब सामने आया है जब अमेज़न अलेक्सा पहले से ही लोगों की रिकॉर्डिंग सुनने के आरोपों में विवादों में चल रहा है। इन सभी ख़बरों से एक बात सामने आती है कि आपकी निजता अब ख़तरे में आ गई है।
कहा जा रहा है कि इस बातचीत में लोगों के बैडरूम की निजी बातों से लेकर हर तरह की बातों को सुनने में उन्हें सफलता हासिल हुई। भारत समेत पूरी दुनिया के लोगों की बातचीत इसमें रिकॉर्ड हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय डेटा निगम (आईडीसी) के मुताबिक़, भारत में अमेज़न एको ने साल 2018 में 59 प्रतिशत शेयर के साथ भारतीय स्मार्ट स्पीकर बाजार में अपनी पकड़ बनाई है। वहीं 39 प्रतिशत यूनिट शेयर के साथ गूगल होम दूसरे स्थान पर मौजूद है। यानी कि भारत में वॉयस रिकार्डिंग स्पीकर्स की बिक्री तेज़ी से हो रही है, और घर में मौजूद यही स्पीकर कहीं ना कहीं आपकी जासूसी कर रहे हैं।
हालांकि, इस बारे में गूगल का कहना है कि वॉइस रिकग्निशन को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ़ 0.2 प्रतिशत ऑडियो क्लिप्स को ही ट्रांसक्राइब किया जाता है। इस गम्भीर मामले के बारे में गूगल का कहना है कि गूगल की प्राइवेसी और सिक्यॉरिटी रिस्पॉन्स टीम को इस बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। इस पूरे मामले की जांच करने के बाद जो भी ज़रूरी एक्शन लिया जाना है वो लिया जाएगा।
गूगल का कहना है कि यूज़र्स की प्राइवेसी को बरक़रार रखने के लिए सभी तथ्यों को फ़िर से चेक किया जा रहा है। गूगल का दावा है कि इस मामले में पूरी कोशिश की जाएगी कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना घटें। वहीं गूगल ने अपने यूज़र्स को इस बात का भी भरोसा दिलाया है कि यूज़र्स के द्वारा भेजे जाने वाले ऑडियो रिकॉर्डिंग रिव्यू प्रोसेस का हिस्सा नहीं होंगे।
अब देखना होगा कि गूगल अपने दावे पर कितना सही उतर पाता है। लेकिन फ़िर भी हमारी आपको सलाह है कि बैडरूम में भी आपकी निजी बातें अब निजी नहीं रह गई हैं यदि आपने सावधानी नहीं बरती तो। हमारी आपको सलाह है कि निजी बातों के दौरान इस तरह के डिवाइस को ऑफ़ ही रखें जो कि आपकी वाइस रिकॉर्ड कर सकते हैं, या फ़िर वॉयस असिस्टेंट की तरह काम करते हैं। याद रखिये कि आपकी सावधानी में ही आपकी निजता की सुरक्षा है।