आपकी एक ग़लती से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट!
Saturday - July 13, 2019 10:22 am ,
Category : WTN HINDI
हैकर्स की आपके बैंक अकाउंट पर है ‘नज़र’
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को किया ‘अलर्ट’, फिशिंग ई-मेल से रहें ‘सावधान’!
JULY 13 (WTN) – टेक्नोलॉजी के इस दौर में हम सभी अपने कामों को आसानी से करने के लिए इंटरनेट का प्रयोग तो करते ही हैं। इंटरनेट के प्रयोग से हमारे काम काफ़ी जल्दी और आसानी से हो जाते हैं। लेकिन यही टेक्नोलॉजी और इंटरनेट सावधानी ना बरतने पर हमारे लिए मुसीबत का कारण भी बन सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि आपने तकनीक के इस दौर में ज़रा सी भी असावधानी बरती तो आपको इससे सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि हैकर्स की आपके बैंक अकाउंट पर नज़र है। यदि आपने कोई भी ग़लती जाने-अनजाने की तो आपका बैंक अकाउंट ख़ाली हो सकता है।
इसी कड़ी में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देश के सभी टैक्सपेयर्स को अलर्ट किया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन दिनों फ़र्जी टैक्स रिफण्ड मैसेज भेजकर हैकर्स आपके बैंक अकाउंट की जानकारी ले रहे हैं, और आपकी ग़लती और असावधानी होते ही वे आपके बैंक अकाउंट से पैसा निकाल रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काफ़ी लम्बे समय से कई लोगों को फ्रॉड करने वालों के मैसेज आ रहे हैं। इन मैसेज में इनकम टैक्सपेयर्स से उनकी बैंक डिटेल समेत फाइनेंशियल जानकारियां मांगी जा रही हैं। इसी कारण से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर सभी आईटीआर भरने वालों को इस तरह के फ्रॉड से बचने की सलाह दी है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को सलाह देते हुए कहा है कि किसी भी तरह के फ़र्जी टैक्स रिफण्ड मैसेज के बहकावे में नहीं आना है। डिपार्टमेंट ने साफ़तौर पर कहा है कि किसी भी मैसेज के जवाब में अपने बैंक अकाउंट, नेट बैंकिंग पासवर्ड, पिन (PIN), ओटीपी (OTP) और अन्य फाइनेंशियल अकाउंट की जानकारियां किसी भी अनजान सोर्स को ना दें। किसी भी तरह के फ्रॉड से करदाता बचें रहें, इसलिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस बारे में एसएमएस और ई-मेल के जरिये अपने सभी रजिस्टर्ड करदाताओं को इससे सम्बन्धित जानकारियां भेज कर उन्हें सतर्क कर रहा है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक़ कभी भी डिपार्टमेंट फोन, एसएमएस या ई-मेल के जरिये करदाताओं से उनके डेबिट-क्रेडिट कार्ड के पिन (PIN), ओटीपी(OPT), पासवर्ड या ऐसी ही कोई अन्य जानकारियां नहीं मागता है, जो कि गोपनीय होती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों फिशिंग ई-मेल के जरिये करदातों को मेल भेजकर उनसे उनकी बैंक सम्बन्धित जानकारियां मांगी जा रही हैं, जिससे आपको सतर्क रहने की ज़रूरत है।
इंटरनेट पर होने वाले फ्रॉड से आप सतर्क रहकर ही बच सकते हैं। आपको जिस मेल आईडी से मेल आया है, पहले उसे ध्यान से देखें। इस तरह के फिशिंग वाले मेल में या तो स्पेलिंग ग़लत होती है, या फ़िर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट से मिलता जुलता कोई अन्य नाम होता है। यदि आपको इस तरह की कोई भी ग़लती किसी भी मेल में नज़र आती है तो इस मेल को कतई ना खोलें।
ऐसे इस तरह के मेल को आपने ग़लती से ओपन भी कर लिया है तो ऐसे मेल के साथ जो अटैचमेंट आई है उसे कतई ओपन ना करें। इतना ही नहीं मेल के साथ में यदि कोई लिंक दी गई है तो उस लिंक पर क्लिक ना करें। पर यदि आपने ग़लती से किसी लिंक पर क्लिक कर ही दिया है, और उस लिंक में आपसे आपके बैंक अकाउंट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी, इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड, पिन (PIN) या ओटीपी (OTP) की जानकारी मांग गई है तो उसे कतई इंटर ना करें, क्योंकि यदि आपने ऐसा किया तो आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
तो हमारी आपको सलाह है कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधान रहें, क्योंकि इसी के जरिये आपके बैंक अकाउंट पर डिजीटल धोखेबाज़ों की नज़र है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ़ से टैक्सपेयर्स से कभी भी ई-मेल, मैसेज या कॉल के जरिये किसी भी तरह की कोई भी गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जाती है। इसलिए यदि आपसे आपकी गोपनीय जानकारियों को मांगने वाले कोई भी ई-मेल, मैसेज या कॉल आए तो सतर्क रहें, और अपनी फाइनेंशियल गोपनीय जानकारी किसी के भी साथ शेयर ना करें। याद रखें, आपकी सावधानी और सतर्कता में ही आपकी सुरक्षा है।
JULY 13 (WTN) – टेक्नोलॉजी के इस दौर में हम सभी अपने कामों को आसानी से करने के लिए इंटरनेट का प्रयोग तो करते ही हैं। इंटरनेट के प्रयोग से हमारे काम काफ़ी जल्दी और आसानी से हो जाते हैं। लेकिन यही टेक्नोलॉजी और इंटरनेट सावधानी ना बरतने पर हमारे लिए मुसीबत का कारण भी बन सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि आपने तकनीक के इस दौर में ज़रा सी भी असावधानी बरती तो आपको इससे सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि हैकर्स की आपके बैंक अकाउंट पर नज़र है। यदि आपने कोई भी ग़लती जाने-अनजाने की तो आपका बैंक अकाउंट ख़ाली हो सकता है।
इसी कड़ी में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देश के सभी टैक्सपेयर्स को अलर्ट किया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन दिनों फ़र्जी टैक्स रिफण्ड मैसेज भेजकर हैकर्स आपके बैंक अकाउंट की जानकारी ले रहे हैं, और आपकी ग़लती और असावधानी होते ही वे आपके बैंक अकाउंट से पैसा निकाल रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काफ़ी लम्बे समय से कई लोगों को फ्रॉड करने वालों के मैसेज आ रहे हैं। इन मैसेज में इनकम टैक्सपेयर्स से उनकी बैंक डिटेल समेत फाइनेंशियल जानकारियां मांगी जा रही हैं। इसी कारण से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर सभी आईटीआर भरने वालों को इस तरह के फ्रॉड से बचने की सलाह दी है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को सलाह देते हुए कहा है कि किसी भी तरह के फ़र्जी टैक्स रिफण्ड मैसेज के बहकावे में नहीं आना है। डिपार्टमेंट ने साफ़तौर पर कहा है कि किसी भी मैसेज के जवाब में अपने बैंक अकाउंट, नेट बैंकिंग पासवर्ड, पिन (PIN), ओटीपी (OTP) और अन्य फाइनेंशियल अकाउंट की जानकारियां किसी भी अनजान सोर्स को ना दें। किसी भी तरह के फ्रॉड से करदाता बचें रहें, इसलिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस बारे में एसएमएस और ई-मेल के जरिये अपने सभी रजिस्टर्ड करदाताओं को इससे सम्बन्धित जानकारियां भेज कर उन्हें सतर्क कर रहा है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक़ कभी भी डिपार्टमेंट फोन, एसएमएस या ई-मेल के जरिये करदाताओं से उनके डेबिट-क्रेडिट कार्ड के पिन (PIN), ओटीपी(OPT), पासवर्ड या ऐसी ही कोई अन्य जानकारियां नहीं मागता है, जो कि गोपनीय होती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों फिशिंग ई-मेल के जरिये करदातों को मेल भेजकर उनसे उनकी बैंक सम्बन्धित जानकारियां मांगी जा रही हैं, जिससे आपको सतर्क रहने की ज़रूरत है।
इंटरनेट पर होने वाले फ्रॉड से आप सतर्क रहकर ही बच सकते हैं। आपको जिस मेल आईडी से मेल आया है, पहले उसे ध्यान से देखें। इस तरह के फिशिंग वाले मेल में या तो स्पेलिंग ग़लत होती है, या फ़िर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट से मिलता जुलता कोई अन्य नाम होता है। यदि आपको इस तरह की कोई भी ग़लती किसी भी मेल में नज़र आती है तो इस मेल को कतई ना खोलें।
ऐसे इस तरह के मेल को आपने ग़लती से ओपन भी कर लिया है तो ऐसे मेल के साथ जो अटैचमेंट आई है उसे कतई ओपन ना करें। इतना ही नहीं मेल के साथ में यदि कोई लिंक दी गई है तो उस लिंक पर क्लिक ना करें। पर यदि आपने ग़लती से किसी लिंक पर क्लिक कर ही दिया है, और उस लिंक में आपसे आपके बैंक अकाउंट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी, इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड, पिन (PIN) या ओटीपी (OTP) की जानकारी मांग गई है तो उसे कतई इंटर ना करें, क्योंकि यदि आपने ऐसा किया तो आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
तो हमारी आपको सलाह है कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधान रहें, क्योंकि इसी के जरिये आपके बैंक अकाउंट पर डिजीटल धोखेबाज़ों की नज़र है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ़ से टैक्सपेयर्स से कभी भी ई-मेल, मैसेज या कॉल के जरिये किसी भी तरह की कोई भी गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जाती है। इसलिए यदि आपसे आपकी गोपनीय जानकारियों को मांगने वाले कोई भी ई-मेल, मैसेज या कॉल आए तो सतर्क रहें, और अपनी फाइनेंशियल गोपनीय जानकारी किसी के भी साथ शेयर ना करें। याद रखें, आपकी सावधानी और सतर्कता में ही आपकी सुरक्षा है।