गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पीपुल्स यूनिवर्सिटी में पीपल वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
Tuesday - July 16, 2019 3:28 pm ,
Category : WTN HINDI
पीपुल्स यूनिवर्सिटी में हुआ वृक्षारोपण
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पीपुल्स यूनिवर्सिटी का एक और प्रयास
JULY 16 (WTN) – भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का काफ़ी महत्व है। भारतीय प्राचीन परम्परा रही है कि गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के पास जाकर उन्हें ज्ञान प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया जाता है, और उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। भारतीय दर्शन शास्त्र में कहा गया है कि पेड़ भी अपने आप में एक गुरू हैं, क्योंकि पेड़ों से भी हमें काफ़ी कुछ प्राप्त होता है। भारतीय संस्कृति में पेड़ों का काफ़ी महत्व है। ख़ासतौर से पीपल के पेड़ की भारतीय संस्कृति में काफ़ी महत्ता है। गुरू पूर्णिमा के इसी शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार भोपाल स्थित पीपुल्स विश्वविद्यालय में पीपल के पौधों समेत अन्य पौधों का रोपण किया गया।
पीपल के वृक्ष भारतीय संस्कृति का प्राचीन समय से ही हिस्सा रहे हैं। पीपल का पेड़ प्राचीन समय से भी भारतीय संस्कृति में पूज्यनीय रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीपल के पेड़ के पत्तों का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी काफ़ी महत्व है। जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन ज़रूरी होती है। अधिकतर पेड़ दिन में ऑक्सीजन छोड़ते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं, लेकिन वहीं ये पेड़ रात में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं और ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। पर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीपल का पेड़ एकमात्र ऐसा पेड़ है, जो दिन हो या रात हमेशा ऑक्सीजन छोड़ता है। इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पीपल का पेड़ हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा से कृत संकल्पित पीपुल्स यूनिवर्सिटी ने गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार भोपाल स्थित यूनिवर्सिटी प्रांगण में हमेशा ऑक्सीजनप्रदायी पीपल के पौधों के साथ-साथ अन्य पौधों का रोपण कर ज़्यादा से ज़्यादा पौधे लगाने की मुहिम में अपना योगदान दिया।
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए पीपुल्स यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर मेघा विजयवर्गीय ने सभी को शुभकामना देते हुए अपने संदेश में कहा कि इसी तरह के प्रयासों से ही पर्यावरण संतुलन बना रहेगा, और हमारी धरती हरी-भरी रहेगी। वहीं यूनिवर्सिटी के वाइस चाइंसर डॉ राजेश कपूर ने अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए वृक्षारोपण आज की महती ज़रूरत है, और हम सभी को इसे अपना कर्तव्य समझते हुए वृक्षारोपण करना चाहिए।

पीपुल्स युनिवर्सिटी के वृक्षारोपण कार्यक्रम में डॉ वीके पंड्या (डायरेक्टर, एकेडमिक्स, पीपुल्स यूनिवर्सिटी), डॉ श्रीमती नीरजा मलिक (रजिस्ट्रार), सैयद सज्जाद अज़हर (डिप्टी रजिस्ट्रार), डॉ नीरज उपमन्यु (प्राचार्य, स्कूल ऑफ़ फार्मेसी एण्ड रिसर्च), डॉ पी.आर.सुरेश (प्राचार्य, पीसीपीएस एण्ड आरसी), डॉ श्रीमती अमिता मौर्य (परीक्षा नियंत्रक), डॉ प्रदीप बघेल (प्रभारी, परीक्षा शाखा), गंगाविशन जलखरे (एकेडमिक कोआर्डिनेटर) और उद्यानिकी प्रभारी वीरेन्द्र विजयवर्गीय प्रमुख रूप से उपस्थित थे। वृक्षारोपण के इस कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स और स्टाफ की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
वृक्षारोपण के अवसर पर पीपुल्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर (एकेडमिक्स) डॉ वीके पंड्या ने सभी से आह्वान किया कि हमें सतत वृक्षारोपण करते रहना चाहिए और उनकी देखभाल भी करना चाहिए ताकि ये पौधे जल्द से वृक्ष बन सकें, जिससे इनका लाभ हमें मिल सके।
JULY 16 (WTN) – भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का काफ़ी महत्व है। भारतीय प्राचीन परम्परा रही है कि गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के पास जाकर उन्हें ज्ञान प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया जाता है, और उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। भारतीय दर्शन शास्त्र में कहा गया है कि पेड़ भी अपने आप में एक गुरू हैं, क्योंकि पेड़ों से भी हमें काफ़ी कुछ प्राप्त होता है। भारतीय संस्कृति में पेड़ों का काफ़ी महत्व है। ख़ासतौर से पीपल के पेड़ की भारतीय संस्कृति में काफ़ी महत्ता है। गुरू पूर्णिमा के इसी शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार भोपाल स्थित पीपुल्स विश्वविद्यालय में पीपल के पौधों समेत अन्य पौधों का रोपण किया गया।
पीपल के वृक्ष भारतीय संस्कृति का प्राचीन समय से ही हिस्सा रहे हैं। पीपल का पेड़ प्राचीन समय से भी भारतीय संस्कृति में पूज्यनीय रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीपल के पेड़ के पत्तों का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी काफ़ी महत्व है। जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन ज़रूरी होती है। अधिकतर पेड़ दिन में ऑक्सीजन छोड़ते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं, लेकिन वहीं ये पेड़ रात में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं और ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। पर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीपल का पेड़ एकमात्र ऐसा पेड़ है, जो दिन हो या रात हमेशा ऑक्सीजन छोड़ता है। इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पीपल का पेड़ हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा से कृत संकल्पित पीपुल्स यूनिवर्सिटी ने गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार भोपाल स्थित यूनिवर्सिटी प्रांगण में हमेशा ऑक्सीजनप्रदायी पीपल के पौधों के साथ-साथ अन्य पौधों का रोपण कर ज़्यादा से ज़्यादा पौधे लगाने की मुहिम में अपना योगदान दिया।
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए पीपुल्स यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर मेघा विजयवर्गीय ने सभी को शुभकामना देते हुए अपने संदेश में कहा कि इसी तरह के प्रयासों से ही पर्यावरण संतुलन बना रहेगा, और हमारी धरती हरी-भरी रहेगी। वहीं यूनिवर्सिटी के वाइस चाइंसर डॉ राजेश कपूर ने अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए वृक्षारोपण आज की महती ज़रूरत है, और हम सभी को इसे अपना कर्तव्य समझते हुए वृक्षारोपण करना चाहिए।

पीपुल्स युनिवर्सिटी के वृक्षारोपण कार्यक्रम में डॉ वीके पंड्या (डायरेक्टर, एकेडमिक्स, पीपुल्स यूनिवर्सिटी), डॉ श्रीमती नीरजा मलिक (रजिस्ट्रार), सैयद सज्जाद अज़हर (डिप्टी रजिस्ट्रार), डॉ नीरज उपमन्यु (प्राचार्य, स्कूल ऑफ़ फार्मेसी एण्ड रिसर्च), डॉ पी.आर.सुरेश (प्राचार्य, पीसीपीएस एण्ड आरसी), डॉ श्रीमती अमिता मौर्य (परीक्षा नियंत्रक), डॉ प्रदीप बघेल (प्रभारी, परीक्षा शाखा), गंगाविशन जलखरे (एकेडमिक कोआर्डिनेटर) और उद्यानिकी प्रभारी वीरेन्द्र विजयवर्गीय प्रमुख रूप से उपस्थित थे। वृक्षारोपण के इस कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स और स्टाफ की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
वृक्षारोपण के अवसर पर पीपुल्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर (एकेडमिक्स) डॉ वीके पंड्या ने सभी से आह्वान किया कि हमें सतत वृक्षारोपण करते रहना चाहिए और उनकी देखभाल भी करना चाहिए ताकि ये पौधे जल्द से वृक्ष बन सकें, जिससे इनका लाभ हमें मिल सके।