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​ट्रेन-प्लेटफॉर्म पर वेंडरों की मनमानी पर लगी लगाम, बिल नहीं देने पर सामान फ्री!

Friday - July 19, 2019 11:25 am , Category : WTN HINDI
अब ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर सही क़ीमत पर मिलेगा सामान
अब ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर सही क़ीमत पर मिलेगा सामान

भारतीय रेलवे ने अपनाई ‘No Bill, No Payment’ की नीति!
 
JULY 19 (WTN) – समय-समय पर भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए नये-नये क़दम उठाती रहती है। समय के साथ भारतीय रेलवे की सुविधाओं में काफ़ी सुधार हुआ है। लेकिन अभी भी यात्रियों को ट्रेन और प्लेटफॉर्म में मिलने वाले खाने की क्वालिटी और सर्विस से शिकायतें रहती हैं। देखा गया है कि जब भी यात्री ट्रेन या प्लेटफॉर्म में कोई भी सामान ख़रीदता है तो उसे वेंडर द्वारा बिल नहीं दिया जाता है। कई बार यात्रियों की वेंडरों से इस बात पर बहस भी हुई है, जिसके बाद हजाऱों की तादात में यात्रियों ने वेंडरों को शिकायतें भी की वेंडरों द्वारा तय क़ीमत से ज़्यादा पैसा वसूला जा रहा है। इस तरह की लाखों शिकायतों के बाद अब रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का फ़ैसला कर लिया है।

भारतीय रेलवे की नई नीति के मुताबिक़, अब ट्रेन या रेलवे प्लेटफॉर्म पर वेडरों को सामान बेचने का बिल देना ज़रूरी होगा। यदि ट्रेन, प्लेटफॉर्म या स्टेशन पर सामान बेचने वाला कोई वेंडर बिल नहीं देता है तो सामान पूरी तरह से फ्री होगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बाक़ायदा ट्वीट कर भारतीय रेलवे की इस नई नीति के बारे में जानकारी दी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक़, “रेलवे द्वारा No Bill, No Payment की नीति अपनाते हुए वेंडर द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया गया है। ट्रेन या रेलवे प्लेटफॉर्म पर यदि कोई वेंडर आपको बिल देने से इनकार करता है तो आप को उसे पैसे देने की ज़रूरत नहीं है।” अपनी बात को समझाते हुए रेल मंत्री ने ट्वीटर पर एक वीडियो भी शेयर किया है।

No Bill, No Payment की नीति को भारतीय रेलवे ने तत्‍काल प्रभाव से देश के सभी स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेनों में लागू कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में वेंडरों की मनमानी की लाखों शिकायतें हर साल रेल मंत्रालय को मिलती हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले दिनों ही संसद में बताया था कि पिछले तीन सालों के दौरान सिर्फ़ सोशल मीडिया के माध्यम से ही रेल मंत्रालय को 7 लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं।

साल 2016-17 में रेल मंत्रालय को वेंडरों से सम्बन्धित 1,71,109 शिकायतें मिली थीं तो साल 2017-18 में इस तरह की शिकायतों की संख्या 2,79,376 थी। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष  2018-19 में रेलवे को 2,47, 546 शिकायतें प्राप्त हुईं थी। रेलवे के अनुसार शिकायत मिलने के तुरन्त बाद एक्शन लिया गया, जिससे 5,12,291 सकारात्मक फीडबैक मिले।

ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने जो यह नई नीति अपनाई है इसकी काफ़ी दिनों से मांग यात्रियों द्वारा की जा रही थी। देखा गया है कि ट्रेन और प्लेटफॉर्म में रेलवे द्वारा निर्धारित क़ीमत से ज़्यादा क़ीमत पर वेंडरों द्वारा यात्रियों से किसी सामान के पैसे लिये जाते थे। इस बात पर कई बार यात्रियों की वेंडरों से बहस भी हुई तो कहीं पर बहस मारपीट तक में बदल गई। हर रोज़ यात्रियों के साथ होने वाली इस मनमानी को रोकने के लिए ही भारतीय रेलवे ने No Bill, No Payment की नीति को अपनाया है, जिससे यात्री ख़रीदी गई वस्तु की सही क़ीमत चुकाएं और उनके साथ किसी भी तरह की मनमानी वेंडर्स नहीं कर सकें।

इस बारे में लोगों का कहना है कि मोदी सरकार का यह क़दम यात्रियों के हित में लिया गया बहुत बढ़िया फ़ैसला है। भारतीय रेलवे की इस नई नीति से यात्रियों को सही दाम पर सामान मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। ख़ैर वैसे कहने को तो भारतीय रेलवे ने No Bill, No Payment की नीति को लागू कर दिया है, लेकिन देखना होगा कि इस नीति के बारे में यात्रियों को कितना पता चलता है और इस नीति को वेंडर्स कितना अपनाते हैं। आमतौर पर वेंडर पानी की बोतल, चाय और समोसे आदि की क़ीमत से ज़्यादा पैसा वसूलते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, औऱ 5 रूपये के सामान का भी बिल वेंडर को आपको देना होगा। यदि यह नीति सख्ती से लागू की गई तो इससे लाखों यात्रियों को फ़ायदा होगा।