कार्यक्रमों में मत कीजिए खाना बर्बाद; लग सकता है 5 लाख रूपये तक का जुर्माना
Monday - July 22, 2019 10:21 am ,
Category : WTN HINDI
खाने की बर्बादी रोकने के लिए FSSAI ने बनाया ड्राफ्ट
सामाजिक कार्यक्रमों में खाने की बर्बादी रोकने और उसके सही वितरण के लिए बनेंगे सख्त नियम
JULY 22 (WTN) – आधुनिक भारत के नवधनाढ्य मध्यम वर्ग में शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में इन दिनों काफ़ी ख़र्च करने का फैशन चल पड़ा है। एक समय था जब शादियों में लोगों को बैठाकर पंगत में खाना खिलाया जाता था, जिसमें खाने की लिमिटेड वैरायटी होती थी और खाना भी ज़रूरत के हिसाब से बनता था, जिसके कारण खाने की बर्बादी नहीं होती थी। लेकिन धीरे-धीरे भारत में नवधनाढ्य वर्ग आधुनिक होता चला गया और शादियों में खाने पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च किया जाने लगा, जिससे कि खाने की बर्बादी होने लगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में हर साल क़रीब 67 मिलियन टन खाना बर्बाद होता है।
एक रिसर्च के मुताबिक़ भारतीय शादियों में खाने की बर्बादी इन दिनों आम बात हो गई है। शानो शौकत दिखाने और ग़लत कैटरिंग मैनेजमेंट के कारण शादियों में कई लोगों के खाने लायक खाना बर्बाद हो जाता है, जोकि चिंता का कारण है। लेकिन यदि अब आपने शादी में खाना बर्बाद किया तो आप पर भारी जुर्माना लग सकता है।
जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने बाक़ायदा इसके लिए एक ड्राफ्ट तैयार लिया है, और इस ड्राफ्ट को मन्जूरी के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। इस ड्राफ्ट के मुताबिक़, खाना बर्बाद करने वाले शादी हॉल, होटल और रेस्तरां पर पांच लाख रूपये तक का जुर्माना लग सकता है।
दरअसल, देखा गया है कि भारतीय शादियों में दिखावे और ग़लत कैटरिंग मैनेजमेंट के कारण खाने की बर्बादी होती है। ऐसे में खाने की बर्बादी ना हो और अन्न का दुरूपयोग ना हो सके इसलिए एक सख्त नियम जल्द ही केन्द्र सरकार की मंजूरी के बाद FSSAI लागू कर सकती है। इन नये नियम के मुताबिक़, यदि शादियों में तय मानक से ज़्यादा खाना बर्बाद हुआ तो शादी हॉल, होटल या फ़िर रेस्तरां पर 5 लाख रूपये तक का जुर्माना लग सकता है।
हालांकि, कई बार शादियों में ज़्यादा खाने बनने के बाद लोग उसे ज़रूरतमदों में बांट देते हैं। लेकिन कई बार इतना ज़्यादा खाना बन जाता है कि ज़रूरतमंदों को देने के बाद भी उसे फेंकना पड़ता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अधिकांश लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि यदि ज़रूरत से ज़्यादा खाना बन गया है तो इसका इस्तेमाल कैसे और किस तरह से किया जाए। इसलिए अब शादी समेत अन्य कार्यक्रमों में बचे हुए खाने के इस्तेमाल के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) एक नया नियम लाने वाला है।
वैसे देश में कई गैर सरकारी संगठन शादियों में बचे हुए खाने को ज़रूरतमंदों के बीच बांटने का काम कर रहे हैं। लेकिन देखा गया है कि एनजीओ को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि जो बचा हुआ खाने वे ज़रूरतमंदों को बांट रहे हैं, उसकी क्वालिटी कैसी होना चाहिए। FSSAI के नये ड्राफ्ट में इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया गया है कि ज़रूरतमंदों के बीच बांटे जा रहे खाने की क्वालिटी कैसी हो।
जानकारी के मुताबिक़, अब शादीहॉल, होटल और रेस्तरां को FSSAI की वेबसाइट पर रजिस्ट्रर किया जाएगा। वहीं शादी या अन्य कार्यक्रमों में बचे हुए खाने को बांटने वाले एनजीओ को बक़ायदा अधिकृत किया जाएगा। जो एनजीओ अधिकृत रहेंगे सिर्फ़ वे ही बचे हुए खाने को बांट सकेंगे। नये ड्राफ्ट के अनुसार सभी राज्यों में खाद्य आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी। यह समिति दान में दिए गये भोजन की निगरानी करेगी।
जो भी एनजीओ बचे हुए खाने को ज़रूरतमंदों के बीच बांटेंगे उन्हें बहुत सी सावधानियों का ध्यान रखना ज़रूरी होगा। एनजीओ जो खाना वितरित करेंगे उसमें उन्हें यह देखना होगा कि बचा हुए खाना हाइजेनिक हो और उसकी पैकिंग और रखरखाव में सफ़ाई बरती गई हो। जो खाना वितरित किया जाएगा वो पैकेज्ड होना चाहिए और उस पर मानकीकृत लेबल लगा होना चाहिए।
इतना ही नहीं, वितरित किये जाने वाले पैकेज्ड खाने पर स्पष्ट रूप से उसकी एक्सपायरी डेट के साथ-साथ यह भी लिखा होना चाहिए कि खाना शाकाहारी है या मांसाहार। नये नियम के मुताबिक़, बचे हुए खाने के दानकर्ता और दान लेने वाली संस्था को हर पैकेट के वितरण का रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा। बचा हुआ खाना सुरक्षित और ख़राब ना हो इसलिए बचे हुए खाने को अच्छी तरह से पैक करके सात डिग्री सेल्सियस तापमान में रखना ज़रूरी होगा।
FSSAI के इस नये नियम से भारत में शादी और अन्य कार्यक्रमों में होने वाली खाने की बर्बादी पर रोक लग सकेगी। यदि इस खाने का सदुपयोग किया जाए तो भारत में लाखों भूखे लोगों का पेट भर सकता है। खाने की बर्बाद रोकने के लिए बन रहे नये ड्राफ्ट में खाना बर्बाद करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना है, जिसके बाद कहा जा सकता है कि जुर्माने के डर से भारत में खाने की बर्बादी पर लगाम लगेगी। वहीं बचे हुए खाने को किस तरह से वितरित किया जाए, इन नियमों के लागू होने से ज़रूरतमंदों को हाइजेनिक खाना मिल सकेगा। आशा की जाना चाहिए कि नये नियम बनने से देश में खाने की बर्बादी पर लगाम लगेगी।
JULY 22 (WTN) – आधुनिक भारत के नवधनाढ्य मध्यम वर्ग में शादियों और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में इन दिनों काफ़ी ख़र्च करने का फैशन चल पड़ा है। एक समय था जब शादियों में लोगों को बैठाकर पंगत में खाना खिलाया जाता था, जिसमें खाने की लिमिटेड वैरायटी होती थी और खाना भी ज़रूरत के हिसाब से बनता था, जिसके कारण खाने की बर्बादी नहीं होती थी। लेकिन धीरे-धीरे भारत में नवधनाढ्य वर्ग आधुनिक होता चला गया और शादियों में खाने पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च किया जाने लगा, जिससे कि खाने की बर्बादी होने लगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में हर साल क़रीब 67 मिलियन टन खाना बर्बाद होता है।
एक रिसर्च के मुताबिक़ भारतीय शादियों में खाने की बर्बादी इन दिनों आम बात हो गई है। शानो शौकत दिखाने और ग़लत कैटरिंग मैनेजमेंट के कारण शादियों में कई लोगों के खाने लायक खाना बर्बाद हो जाता है, जोकि चिंता का कारण है। लेकिन यदि अब आपने शादी में खाना बर्बाद किया तो आप पर भारी जुर्माना लग सकता है।
जी हां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने बाक़ायदा इसके लिए एक ड्राफ्ट तैयार लिया है, और इस ड्राफ्ट को मन्जूरी के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। इस ड्राफ्ट के मुताबिक़, खाना बर्बाद करने वाले शादी हॉल, होटल और रेस्तरां पर पांच लाख रूपये तक का जुर्माना लग सकता है।
दरअसल, देखा गया है कि भारतीय शादियों में दिखावे और ग़लत कैटरिंग मैनेजमेंट के कारण खाने की बर्बादी होती है। ऐसे में खाने की बर्बादी ना हो और अन्न का दुरूपयोग ना हो सके इसलिए एक सख्त नियम जल्द ही केन्द्र सरकार की मंजूरी के बाद FSSAI लागू कर सकती है। इन नये नियम के मुताबिक़, यदि शादियों में तय मानक से ज़्यादा खाना बर्बाद हुआ तो शादी हॉल, होटल या फ़िर रेस्तरां पर 5 लाख रूपये तक का जुर्माना लग सकता है।
हालांकि, कई बार शादियों में ज़्यादा खाने बनने के बाद लोग उसे ज़रूरतमदों में बांट देते हैं। लेकिन कई बार इतना ज़्यादा खाना बन जाता है कि ज़रूरतमंदों को देने के बाद भी उसे फेंकना पड़ता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अधिकांश लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि यदि ज़रूरत से ज़्यादा खाना बन गया है तो इसका इस्तेमाल कैसे और किस तरह से किया जाए। इसलिए अब शादी समेत अन्य कार्यक्रमों में बचे हुए खाने के इस्तेमाल के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) एक नया नियम लाने वाला है।
वैसे देश में कई गैर सरकारी संगठन शादियों में बचे हुए खाने को ज़रूरतमंदों के बीच बांटने का काम कर रहे हैं। लेकिन देखा गया है कि एनजीओ को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि जो बचा हुआ खाने वे ज़रूरतमंदों को बांट रहे हैं, उसकी क्वालिटी कैसी होना चाहिए। FSSAI के नये ड्राफ्ट में इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया गया है कि ज़रूरतमंदों के बीच बांटे जा रहे खाने की क्वालिटी कैसी हो।
जानकारी के मुताबिक़, अब शादीहॉल, होटल और रेस्तरां को FSSAI की वेबसाइट पर रजिस्ट्रर किया जाएगा। वहीं शादी या अन्य कार्यक्रमों में बचे हुए खाने को बांटने वाले एनजीओ को बक़ायदा अधिकृत किया जाएगा। जो एनजीओ अधिकृत रहेंगे सिर्फ़ वे ही बचे हुए खाने को बांट सकेंगे। नये ड्राफ्ट के अनुसार सभी राज्यों में खाद्य आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी। यह समिति दान में दिए गये भोजन की निगरानी करेगी।
जो भी एनजीओ बचे हुए खाने को ज़रूरतमंदों के बीच बांटेंगे उन्हें बहुत सी सावधानियों का ध्यान रखना ज़रूरी होगा। एनजीओ जो खाना वितरित करेंगे उसमें उन्हें यह देखना होगा कि बचा हुए खाना हाइजेनिक हो और उसकी पैकिंग और रखरखाव में सफ़ाई बरती गई हो। जो खाना वितरित किया जाएगा वो पैकेज्ड होना चाहिए और उस पर मानकीकृत लेबल लगा होना चाहिए।
इतना ही नहीं, वितरित किये जाने वाले पैकेज्ड खाने पर स्पष्ट रूप से उसकी एक्सपायरी डेट के साथ-साथ यह भी लिखा होना चाहिए कि खाना शाकाहारी है या मांसाहार। नये नियम के मुताबिक़, बचे हुए खाने के दानकर्ता और दान लेने वाली संस्था को हर पैकेट के वितरण का रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा। बचा हुआ खाना सुरक्षित और ख़राब ना हो इसलिए बचे हुए खाने को अच्छी तरह से पैक करके सात डिग्री सेल्सियस तापमान में रखना ज़रूरी होगा।
FSSAI के इस नये नियम से भारत में शादी और अन्य कार्यक्रमों में होने वाली खाने की बर्बादी पर रोक लग सकेगी। यदि इस खाने का सदुपयोग किया जाए तो भारत में लाखों भूखे लोगों का पेट भर सकता है। खाने की बर्बाद रोकने के लिए बन रहे नये ड्राफ्ट में खाना बर्बाद करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना है, जिसके बाद कहा जा सकता है कि जुर्माने के डर से भारत में खाने की बर्बादी पर लगाम लगेगी। वहीं बचे हुए खाने को किस तरह से वितरित किया जाए, इन नियमों के लागू होने से ज़रूरतमंदों को हाइजेनिक खाना मिल सकेगा। आशा की जाना चाहिए कि नये नियम बनने से देश में खाने की बर्बादी पर लगाम लगेगी।