टिक टॉक ऐप पर बना रहे हैं गैर-क़ानूनी या अश्लील कंटेंट तो हो जाएं सावधान!
Monday - July 29, 2019 3:29 pm ,
Category : WTN HINDI
एक बार ‘विवादों’ में टिक टॉक ऐप
सरकार के सवालों के ‘घेरे’ में टिक टॉक ऐप
JULY 29 (WTN) – इन दिनों टिक टॉक ऐप भारतीय लोगों की ख़ास पसंद बना हुआ है। चीन के इस ऐप के पूरी दुनिया में क़रीब 80 करोड़ और सिर्फ़ भारत में क़रीब 20 करोड़ यूज़र्स हैं। बच्चों से लेकर बड़ी उम्र तक के लोगों के बीच टिक टॉक ऐप काफ़ी लोकप्रिय है। टिक टॉप ऐप अपने यूज़र्स को म्यूजिक के साथ शॉर्ट वीडियो बनाने और उसे शेयर करने की सुविधा देता है। टिक टॉप ऐप के आसान फ़ीचर्स के कारण ही यह ऐप भारतीय लोगों के बीच काफ़ी कम समय में ही लोकप्रिय हो गया है। लेकिन देखा गया है कि टिक टॉक ऐप पर कुछ इस तरह के वीडियो भी बनाए जा रहे हैं जिनका कंटेंट अश्लील और गैर-क़ानूनी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिक टॉक प्लेटफॉर्म पर गैर-क़ानूनी और अश्लील कंटेंट वाले वीडियोज़ बनाना सख्त मना है। लगातार मिलने वाली शिकायतों के बाद सरकार ने गैर-क़ानूनी कंटेट को लेकर हाल ही में टिक-टॉक से इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईटी ऐक्ट, 2000 के अनुसार टिक-टॉक एक इंटरमीडियटरी है।
इस संदर्भ में आईटी ऐक्ट के तहत गैर-क़ानूनी कटेंट को ऑनलाइन रिमूव किया जा सकता है। आईटी ऐक्ट के सेक्शन 79 के मुताबिक़ इंटरमीडियटरी इस बात का ध्यान रखेंगे कि उनके प्लेटफॉर्म से किसी भी तरह के अश्लील, नुकसानदायक या फ़िर गैर-कानूनी कंटेट को ना फैलाया जाए। क़ानून के अनुसार जब भी कोई गैर-क़ानूनी कंटेट इंटरमीडियरी की जानकारी में कोर्ट या सरकार द्वारा लाया जाता है तो उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे उस कंटेट को हटा दें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिक टॉक ने अश्लील कंटेंट और पॉलिसी उल्लंघन के आरोप में क़रीब 60 लाख वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से डिलीट किया है। टिक टॉक ऐप की ऑफिशियल कम्पनी बाइट डांस के मुताबिक़, जिन वीडियोज़ को डिलीट किया गया है वे भारत सरकार की गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहे थे और आगे भी जो वीडियोज़ गाइडलाइंस का उल्लंघन करेंगे उन्हें डिलीट कर दिया जाएगा।
इससे पहले सरकार ने विवादों में घिरे टिक टॉक से कुछ और सवाल भी पूछे थे। सरकार ने टिक टॉक से पूछा था कि कौन सा कंटेंट आपत्तिजनक है इस पर कैसे नज़र रखी जाती है? यदि कोई कंटेंट आपत्तिजनक मिलता है तो उसे कैसे हटाया जाता है? कम्पनी की नाबालिग यूज़र्स को लेकर क्या पॉलिसी है? सरकार ने टिक टॉक से यह भी पूछा था कि कम्पनी किस तरह से यूज़र्स के डेटा को इकट्ठा करती है और उसे कहां शेयर किया जाता है?
भारतीय लोगों की प्राइवेसी के संदर्भ में सरकार ने टिक टॉक से सवाल किया था कि क्या भारतीय यूज़र्स के डेटा को चीन में भी स्टोर किया जा रहा है? भारतीयों के डेटा का दुरुपयोग ना हो इसके लिए सरकार ने टिक टॉक से सवाल किया था कि कम्पनी कैसे आश्वस्त करेगी कि भारतीय यूज़र्स का डेटा किसी विदेशी सरकार, किसी तीसरे पक्ष या निजी संस्था को भविष्य में नहीं बेचा जाएगा?
समय-समय पर टिक टॉक ऐप विवादों में रहा है। टिक टॉक ऐप पर अश्लीलता फ़ैलाने के आरोप लगाने वाली एक याचिका दायर होने के बाद अभी कुछ समय पहले मद्रास हाईकोर्ट ने टिक टॉक ऐप को डाउनलोड करने पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। हमारी आपको सलाह है कि टिक टॉक ऐप पर ऐसा कोई भी वीडियो ना बनाएं और उसे ना ही शेयर करें जिसका कंटेंट गैर-क़ानूनी या फ़िर अश्लील हो। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है। टिक टॉक पर वीडियो बनाते समय अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें, ताकि आपके बनाए वीडियो से किसी भी तरह के अश्लील और गैर-क़ानूनी कंटेंट का प्रचार ना हो सके।
JULY 29 (WTN) – इन दिनों टिक टॉक ऐप भारतीय लोगों की ख़ास पसंद बना हुआ है। चीन के इस ऐप के पूरी दुनिया में क़रीब 80 करोड़ और सिर्फ़ भारत में क़रीब 20 करोड़ यूज़र्स हैं। बच्चों से लेकर बड़ी उम्र तक के लोगों के बीच टिक टॉक ऐप काफ़ी लोकप्रिय है। टिक टॉप ऐप अपने यूज़र्स को म्यूजिक के साथ शॉर्ट वीडियो बनाने और उसे शेयर करने की सुविधा देता है। टिक टॉप ऐप के आसान फ़ीचर्स के कारण ही यह ऐप भारतीय लोगों के बीच काफ़ी कम समय में ही लोकप्रिय हो गया है। लेकिन देखा गया है कि टिक टॉक ऐप पर कुछ इस तरह के वीडियो भी बनाए जा रहे हैं जिनका कंटेंट अश्लील और गैर-क़ानूनी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिक टॉक प्लेटफॉर्म पर गैर-क़ानूनी और अश्लील कंटेंट वाले वीडियोज़ बनाना सख्त मना है। लगातार मिलने वाली शिकायतों के बाद सरकार ने गैर-क़ानूनी कंटेट को लेकर हाल ही में टिक-टॉक से इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईटी ऐक्ट, 2000 के अनुसार टिक-टॉक एक इंटरमीडियटरी है।
इस संदर्भ में आईटी ऐक्ट के तहत गैर-क़ानूनी कटेंट को ऑनलाइन रिमूव किया जा सकता है। आईटी ऐक्ट के सेक्शन 79 के मुताबिक़ इंटरमीडियटरी इस बात का ध्यान रखेंगे कि उनके प्लेटफॉर्म से किसी भी तरह के अश्लील, नुकसानदायक या फ़िर गैर-कानूनी कंटेट को ना फैलाया जाए। क़ानून के अनुसार जब भी कोई गैर-क़ानूनी कंटेट इंटरमीडियरी की जानकारी में कोर्ट या सरकार द्वारा लाया जाता है तो उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे उस कंटेट को हटा दें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिक टॉक ने अश्लील कंटेंट और पॉलिसी उल्लंघन के आरोप में क़रीब 60 लाख वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से डिलीट किया है। टिक टॉक ऐप की ऑफिशियल कम्पनी बाइट डांस के मुताबिक़, जिन वीडियोज़ को डिलीट किया गया है वे भारत सरकार की गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहे थे और आगे भी जो वीडियोज़ गाइडलाइंस का उल्लंघन करेंगे उन्हें डिलीट कर दिया जाएगा।
इससे पहले सरकार ने विवादों में घिरे टिक टॉक से कुछ और सवाल भी पूछे थे। सरकार ने टिक टॉक से पूछा था कि कौन सा कंटेंट आपत्तिजनक है इस पर कैसे नज़र रखी जाती है? यदि कोई कंटेंट आपत्तिजनक मिलता है तो उसे कैसे हटाया जाता है? कम्पनी की नाबालिग यूज़र्स को लेकर क्या पॉलिसी है? सरकार ने टिक टॉक से यह भी पूछा था कि कम्पनी किस तरह से यूज़र्स के डेटा को इकट्ठा करती है और उसे कहां शेयर किया जाता है?
भारतीय लोगों की प्राइवेसी के संदर्भ में सरकार ने टिक टॉक से सवाल किया था कि क्या भारतीय यूज़र्स के डेटा को चीन में भी स्टोर किया जा रहा है? भारतीयों के डेटा का दुरुपयोग ना हो इसके लिए सरकार ने टिक टॉक से सवाल किया था कि कम्पनी कैसे आश्वस्त करेगी कि भारतीय यूज़र्स का डेटा किसी विदेशी सरकार, किसी तीसरे पक्ष या निजी संस्था को भविष्य में नहीं बेचा जाएगा?
समय-समय पर टिक टॉक ऐप विवादों में रहा है। टिक टॉक ऐप पर अश्लीलता फ़ैलाने के आरोप लगाने वाली एक याचिका दायर होने के बाद अभी कुछ समय पहले मद्रास हाईकोर्ट ने टिक टॉक ऐप को डाउनलोड करने पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। हमारी आपको सलाह है कि टिक टॉक ऐप पर ऐसा कोई भी वीडियो ना बनाएं और उसे ना ही शेयर करें जिसका कंटेंट गैर-क़ानूनी या फ़िर अश्लील हो। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है। टिक टॉक पर वीडियो बनाते समय अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें, ताकि आपके बनाए वीडियो से किसी भी तरह के अश्लील और गैर-क़ानूनी कंटेंट का प्रचार ना हो सके।