छोटे व्यापारियों को ‘बड़ी राहत’ देने की तैयारी में मोदी सरकार!
Thursday - August 1, 2019 10:35 am ,
Category : WTN HINDI
सरकारी विभागों में चक्कर लगाने से व्यापारियों को मिलेगी ‘आज़ादी’
व्यापारियों को लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के ‘झंझटों’ से ‘मुक्ति’ दिलाएगी मोदी सरकार
AUG 01 (WTN) – विपक्ष का कहना है कि भाजपा व्यापारियों की पार्टी है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक़ व्यापारियों ने हमेशा से ही भाजपा का साथ दिया है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे कड़े फ़ैसले लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी भी व्यापारियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय हैं। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि केन्द्र की भाजपा सरकार की नीतियां व्यापारियों के हित में होती हैं ना कि ग़रीबों के हित में।
इधर जैसा कि आप जानते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल किया है। कहा जाता है कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत में छोटे व्यापारियों का काफ़ी बड़ा योगदान रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक़, लोकसभा चुनाव में व्यापारी वर्ग ने बढ़ चढ़कर भाजपा के पक्ष में वोटिंग की जिससे भाजपा 300 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल कर सकी। अब इसी व्यापारी वर्ग को सहूलियत देने के लिए मोदी सरकार एक बड़ा फ़ैसला लेने जा रही है।
जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में व्यापारियों को बिज़नेस शुरू करने के लिए कई तरह के रजिस्ट्रेशन कराने पड़ते हैं और लाइसेंस लेने पड़ते हैं। वहीं समय-समय पर इन लाइसेंस को रिन्यू भी कराना पड़ता है। इन सारी औपचारिकताओं के कारण व्यापारियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों को इन्हीं परेशानियों का सामना ना करना पड़े, इसके लिए मोदी सरकार देश में वन टाइम लाइसेंस और वन कंट्री-वन टाइम रजिस्ट्रेशन जैसी नीतियों का जल्द ऐलान कर सकती है।
मोदी सरकार की वन टाइम लाइसेंस नीति के अंतर्गत यदि व्यापारी ने अपने व्यापार के लिए एक बार रिजस्ट्रेशन करा कर लाइसेंस लिया तो उसे एक साथ 10 साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। उसी तरह अभी देश में अलग-अलग तरीक़े के व्यापार के लिए अलग-अलग क़ानून के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। लेकिन अब वन कंट्री-वन रजिस्ट्रेशन नीति आने से व्यापारियों को अलग-अलग क़ानून के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा।
जानकारी के मुताबिक़, अब दुकानों और बिज़नेस के लिए वन टाइम लाइसेंस मिलेगा। वन टाइम लाइसेंस का मतलब है कि व्यापारी को अब हर साल अपने व्यापार के लाइसेंस को रिन्यू नहीं कराना होगा। व्यापार का एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर सीधे एक साथ 10 साल का लाइसेंस मिलेगा। देखा गया है कि हर साल लाइसेंस को रिन्यू कराने के चक्कर में व्यापारियों को व्यापार छोड़कर सरकारी विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों ही ख़राब होता है। लेकिन वन टाइम लाइसेंस नीति आने से व्यापारियों का समय और पैसा बचेगा।
वहीं जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में अलग-अलग बिज़नेस के लिये अलग-अलग क़ानून के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यदि शॉप एण्ड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की बात की जाए तो इसी में ही अलग-अलग तरीक़े के क़रीब दो दर्जन से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन व्यापारी को कराने पड़ते हैं। लेकिन अब मोदी सरकार व्यापार शुरू करने के समय आने वाली रजिस्ट्रेशन की दिक्कतों को दूर करने के लिए वन कंट्री-वन टाइम रजिस्ट्रेशन की नीति का जल्दी ही ऐलान कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इससे छोटे व्यापारियों को काफ़ी सहूलियतें मिलेंगी।
इसके लिए वाणिज्य मंत्रालय ने नेशनल रिटेल ट्रेड पॉलिसी के तहत ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस के लिये श्रम मंत्रालय को सिफारिशें भेजी हैं। वहीं शॉप एण्ड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में बदलाव के लिए भी सिफारिशें भेजी गई हैं। मोदी सरकार की इस पहल का व्यापारियों ने स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि मोदी सरकार के इस फ़ैसले से छोटे व्यापारियों को व्यापार शुरू करने में काफ़ी मदद मिलेगी। व्यापारियों के मुताबिक़ इससे बिज़नेस शुरू करने और उसे जारी रखने के दौरान होने वाली लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की दिक्कतों से उन्हें मुक्ति मिलेगी।
AUG 01 (WTN) – विपक्ष का कहना है कि भाजपा व्यापारियों की पार्टी है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक़ व्यापारियों ने हमेशा से ही भाजपा का साथ दिया है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे कड़े फ़ैसले लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी भी व्यापारियों के बीच काफ़ी लोकप्रिय हैं। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि केन्द्र की भाजपा सरकार की नीतियां व्यापारियों के हित में होती हैं ना कि ग़रीबों के हित में।
इधर जैसा कि आप जानते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल किया है। कहा जाता है कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत में छोटे व्यापारियों का काफ़ी बड़ा योगदान रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक़, लोकसभा चुनाव में व्यापारी वर्ग ने बढ़ चढ़कर भाजपा के पक्ष में वोटिंग की जिससे भाजपा 300 से ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल कर सकी। अब इसी व्यापारी वर्ग को सहूलियत देने के लिए मोदी सरकार एक बड़ा फ़ैसला लेने जा रही है।
जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में व्यापारियों को बिज़नेस शुरू करने के लिए कई तरह के रजिस्ट्रेशन कराने पड़ते हैं और लाइसेंस लेने पड़ते हैं। वहीं समय-समय पर इन लाइसेंस को रिन्यू भी कराना पड़ता है। इन सारी औपचारिकताओं के कारण व्यापारियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों को इन्हीं परेशानियों का सामना ना करना पड़े, इसके लिए मोदी सरकार देश में वन टाइम लाइसेंस और वन कंट्री-वन टाइम रजिस्ट्रेशन जैसी नीतियों का जल्द ऐलान कर सकती है।
मोदी सरकार की वन टाइम लाइसेंस नीति के अंतर्गत यदि व्यापारी ने अपने व्यापार के लिए एक बार रिजस्ट्रेशन करा कर लाइसेंस लिया तो उसे एक साथ 10 साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। उसी तरह अभी देश में अलग-अलग तरीक़े के व्यापार के लिए अलग-अलग क़ानून के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। लेकिन अब वन कंट्री-वन रजिस्ट्रेशन नीति आने से व्यापारियों को अलग-अलग क़ानून के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा।
जानकारी के मुताबिक़, अब दुकानों और बिज़नेस के लिए वन टाइम लाइसेंस मिलेगा। वन टाइम लाइसेंस का मतलब है कि व्यापारी को अब हर साल अपने व्यापार के लाइसेंस को रिन्यू नहीं कराना होगा। व्यापार का एक बार रजिस्ट्रेशन कराने पर सीधे एक साथ 10 साल का लाइसेंस मिलेगा। देखा गया है कि हर साल लाइसेंस को रिन्यू कराने के चक्कर में व्यापारियों को व्यापार छोड़कर सरकारी विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों ही ख़राब होता है। लेकिन वन टाइम लाइसेंस नीति आने से व्यापारियों का समय और पैसा बचेगा।
वहीं जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में अलग-अलग बिज़नेस के लिये अलग-अलग क़ानून के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यदि शॉप एण्ड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की बात की जाए तो इसी में ही अलग-अलग तरीक़े के क़रीब दो दर्जन से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन व्यापारी को कराने पड़ते हैं। लेकिन अब मोदी सरकार व्यापार शुरू करने के समय आने वाली रजिस्ट्रेशन की दिक्कतों को दूर करने के लिए वन कंट्री-वन टाइम रजिस्ट्रेशन की नीति का जल्दी ही ऐलान कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इससे छोटे व्यापारियों को काफ़ी सहूलियतें मिलेंगी।
इसके लिए वाणिज्य मंत्रालय ने नेशनल रिटेल ट्रेड पॉलिसी के तहत ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस के लिये श्रम मंत्रालय को सिफारिशें भेजी हैं। वहीं शॉप एण्ड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में बदलाव के लिए भी सिफारिशें भेजी गई हैं। मोदी सरकार की इस पहल का व्यापारियों ने स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि मोदी सरकार के इस फ़ैसले से छोटे व्यापारियों को व्यापार शुरू करने में काफ़ी मदद मिलेगी। व्यापारियों के मुताबिक़ इससे बिज़नेस शुरू करने और उसे जारी रखने के दौरान होने वाली लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की दिक्कतों से उन्हें मुक्ति मिलेगी।