अब लाखों की तादात में देश में होंगे पब्लिक Wi-Fi Hotspot
Wednesday - August 7, 2019 12:36 pm ,
Category : WTN HINDI
जनता की सुविधा के लिए मोदी सरकार का बड़ा फ़ैसला
ऑनलाइन काम होगा आसान, गांव-गांव खुलेंगे पब्लिक Wi-Fi Hotspot
AUG 07 (WTN) – आजकल लगभग हर भारतीय के पास स्मार्टफोन है। स्मार्टफोन की सहायता से वे कई काम काफ़ी आसान हो गये हैं, जिनके लिये आपको काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता था। जैसा कि आप जानते हैं कि स्मार्टफोन चलाने के लिए इंटनरनेट के डेटा की ज़रूरत होती है। स्मार्टफोन के लिए सिम से या फ़िर वाईफाई से डेटा मिल जाता है। वैसे तो ज़्यादातर लोग सिम के डेटा से ही अपने स्मार्टफोन को चलाते हैं, लेकिन ऑफिस या फ़िर सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाईफाई का प्रयोग भी कई लोग करते हैं।
वैसे तो देश में कई शहरों में पब्लिक वाईफाई की सुविधा है। लेकिन जल्द ही देश में पब्लिक Wi-Fi Hotspot की तादात बढ़ने वाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कम्पनियों को अगले 2 महीने में पब्लिक Hotspot की संख्या बढ़ाकर 10 लाख करने के निर्देश दिए हैं।
देश की जनता को सार्वजनिक स्थानों पर वाईफाई की सुविधा प्रदान करने के लिए दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कम्पनियों को पब्लिक Hotspot बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। टेलीकॉम कम्पनियों के मुताबिक़ इस समय देश में क़रीब 4.5 लाख पब्लिक Hotspot हैं। देश में ज़्यादा से ज़्यादा पब्लिक Hotspot की संख्या बढ़े इसके लिए दूरसंचार विभाग Wi-Fi पोर्टेबिलिटी के लिए लाइसेंस शर्तो में बदलाव करने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि इसके साथ ही टेलीकॉम कम्पनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग की अनुमति मिलने की सम्भावनाएं हैं।
गांव-गांव तक पब्लिक Hotspot की सुविधा मिल सके ताकि लोगों को ऑनलाइन काम करने में आसानी हो इसके लिए मोदी सरकार देश के गांव-गांव में पब्लिक Wi-Fi सेंटर खुलवाने पर काम कर रही है। कहा जा रहा है कि इस सुविधा से गांवों को एक साल तक फ्री वाईफाई सुविधा मिलेगी। यह टारगेट पूरा हो सके इसके लिए देश भर में फैले साढ़े तीन लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स को इसकी ज़िम्मेदारी दी गई है। जनता की सुविधा के लिए सरकार 10 लाख वाईफाई हॉट स्पॉट लगाएगी। वहीं सरकार कॉमन सर्विस सेंटर्स के जरिए वाई फाई ऑफिस खोलेगी।
जैसा कि हमने आपको बताया कि इस समय देश में क़रीब 3.5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स है। सर्विस सेन्टर की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार 4,000 करोड़ का टेंडर निकालेगी, जिसके लिए भारत नेट और सर्विस सेंटर में करार होगा। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार दूरसंचार विभाग जल्द ही इसकी मंज़ूरी दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह मोदी सरकार की देश की जनता के लिए ख़ास सौगात होगी।
जैसा कि आप जानते हैं कि आजकल घर बैठे कई काम सिर्फ़ स्मार्टफोन की सहायता से ही ऑनलाइन हो जाते हैं। ऐसे में यदि देश की जनता को सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक Wi-Fi की सुविधा मिलेगी तो इससे ना केवल उनकी सिम का डेटा कम खर्च होगा, बल्कि सिम का डेटा ख़त्म होने पर ज़रूरत के समय पब्लिक Wifi की सुविधा का फायदा उठाया जा सकेगा।
AUG 07 (WTN) – आजकल लगभग हर भारतीय के पास स्मार्टफोन है। स्मार्टफोन की सहायता से वे कई काम काफ़ी आसान हो गये हैं, जिनके लिये आपको काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ता था। जैसा कि आप जानते हैं कि स्मार्टफोन चलाने के लिए इंटनरनेट के डेटा की ज़रूरत होती है। स्मार्टफोन के लिए सिम से या फ़िर वाईफाई से डेटा मिल जाता है। वैसे तो ज़्यादातर लोग सिम के डेटा से ही अपने स्मार्टफोन को चलाते हैं, लेकिन ऑफिस या फ़िर सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाईफाई का प्रयोग भी कई लोग करते हैं।
वैसे तो देश में कई शहरों में पब्लिक वाईफाई की सुविधा है। लेकिन जल्द ही देश में पब्लिक Wi-Fi Hotspot की तादात बढ़ने वाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कम्पनियों को अगले 2 महीने में पब्लिक Hotspot की संख्या बढ़ाकर 10 लाख करने के निर्देश दिए हैं।
देश की जनता को सार्वजनिक स्थानों पर वाईफाई की सुविधा प्रदान करने के लिए दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कम्पनियों को पब्लिक Hotspot बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। टेलीकॉम कम्पनियों के मुताबिक़ इस समय देश में क़रीब 4.5 लाख पब्लिक Hotspot हैं। देश में ज़्यादा से ज़्यादा पब्लिक Hotspot की संख्या बढ़े इसके लिए दूरसंचार विभाग Wi-Fi पोर्टेबिलिटी के लिए लाइसेंस शर्तो में बदलाव करने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि इसके साथ ही टेलीकॉम कम्पनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग की अनुमति मिलने की सम्भावनाएं हैं।
गांव-गांव तक पब्लिक Hotspot की सुविधा मिल सके ताकि लोगों को ऑनलाइन काम करने में आसानी हो इसके लिए मोदी सरकार देश के गांव-गांव में पब्लिक Wi-Fi सेंटर खुलवाने पर काम कर रही है। कहा जा रहा है कि इस सुविधा से गांवों को एक साल तक फ्री वाईफाई सुविधा मिलेगी। यह टारगेट पूरा हो सके इसके लिए देश भर में फैले साढ़े तीन लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स को इसकी ज़िम्मेदारी दी गई है। जनता की सुविधा के लिए सरकार 10 लाख वाईफाई हॉट स्पॉट लगाएगी। वहीं सरकार कॉमन सर्विस सेंटर्स के जरिए वाई फाई ऑफिस खोलेगी।
जैसा कि हमने आपको बताया कि इस समय देश में क़रीब 3.5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स है। सर्विस सेन्टर की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार 4,000 करोड़ का टेंडर निकालेगी, जिसके लिए भारत नेट और सर्विस सेंटर में करार होगा। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार दूरसंचार विभाग जल्द ही इसकी मंज़ूरी दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह मोदी सरकार की देश की जनता के लिए ख़ास सौगात होगी।
जैसा कि आप जानते हैं कि आजकल घर बैठे कई काम सिर्फ़ स्मार्टफोन की सहायता से ही ऑनलाइन हो जाते हैं। ऐसे में यदि देश की जनता को सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक Wi-Fi की सुविधा मिलेगी तो इससे ना केवल उनकी सिम का डेटा कम खर्च होगा, बल्कि सिम का डेटा ख़त्म होने पर ज़रूरत के समय पब्लिक Wifi की सुविधा का फायदा उठाया जा सकेगा।