बौखलाहट में पाकिस्तान ने किया खुद का ही ‘नुकसान’!
Thursday - August 8, 2019 10:15 am ,
Category : WTN HINDI
पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्तों को किया ‘निलंबित’
आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान ने लिया ‘ग़लत फ़ैसला’!
AUG 08 (WTN) – आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुका पाकिस्तान, भारत जैसी विश्व की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को आंखें दिखाने की कोशिशें कर रहा है। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाए जाने के बाद बौखला गया है, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिये हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान ने यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया है, जब भारत ने पुलवामा हमले के बाद उससे (पाकिस्तान) मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया था। मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा ख़त्म होने के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापार काफ़ी कम हो गया है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने भारत के साथ राजनयिक सम्बन्धों को ‘कम’ करने और भारत के साथ सभी द्विपक्षीय व्यापार को ‘निलंबित’ करने का 'संकल्प' लिया है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भारत को पाकिस्तान के इस क़दम से कुछ ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता है बल्कि इससे पाकिस्तान को ही ज़्यादा नुकसान होगा।
आंकड़े बताते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ सालों से व्यापार सामान्य ही रहा है। 2018-19 में जुलाई-जनवरी के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार में मामूली वृद्धि हुई थी और यह 1.122 अरब रहा था। दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार में 79.33 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान में भारतीय निर्यात का था। समय के साथ साथ दोनों देशों के बीच व्यापार कम होता जा रहा है। जैसा कि हमने आपको बताया कि पहले से ही दोनों देशों के बीच व्यापार कम था, वहीं पुलवामा आतंकी हमले के बाद यह व्यापार और भी कम हो गया है।
कुछ सालों पहले की बात करें तो साल 2015-16 में भारत का कुल व्यापार 641 अरब डॉलर था। वहीं पाकिस्तान के साथ व्यापार मात्र 2.67 अरब डॉलर रहा था। वहीं पाकिस्तान को भारत का निर्यात मात्र 2.17 अरब डॉलर रहा था। साफ़ जाहिर है कि भारत के कुल निर्यात में यह मात्र 0.83 प्रतिशत है। वहीं पाकिस्तान से भारत का आयात 50 करोड़ डॉलर से भी कम है, जो कि भारत के कुल आयात का 0.13 प्रतिशत था।
भारत, पाकिस्तान को मुख्य रूप से चाय, चीनी, ऑयल केक, पेट्रोलियम ऑयल, कॉटन, टायर, रबड़, समेत 14 वस्तुओं का निर्यात करता है। वहीं भारत, पाकिस्तान से कुल 19 प्रमुख उत्पादों का आयात करता है। इन उत्पादों में आम, अमरूद, अनानास, फ्रेबिक कॉटन, साइक्लिक हाइड्रोकॉर्बन, पेट्रोलियम गैस, पोर्टलैंड सीमेंट, कॉपर वेस्ट और स्क्रैप, कॉटन यॉर्न जैसे उत्पाद शामिल हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से निर्यात किए जाने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 200 प्रतिशत कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात में कमी आई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान से भारत में वाणिज्यिक आयात इस साल मार्च में 92 प्रतिशत घटकर 28.4 लाख डॉलर का रह गया था। आंकड़ों के मुताबिक़ पाकिस्तान से आयात मार्च 2018 में 3.46 करोड़ डॉलर था। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 प्रतिशत घटकर 5.36 करोड़ डॉलर रहा था। भारत का निर्यात भी मार्च में करीब 32 प्रतिशत घटकर 17.13 करोड़ डॉलर रहा।
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान निर्यात 7.4 प्रतिशत बढ़कर 2 अरब डॉलर रहा। भारत और पाकिस्तान के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 2017-18 में मामूली बढ़कर 2.41 अरब डॉलर रहा था जो 2016-17 में 2.27 अरब डॉलर था। भारत ने 2017-18 में 48.85 करोड़ डॉलर का सामान पाकिस्तान से आयात किया, जबकि 1.92 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया गया। साफ़ जाहिर है कि भारत और पाकिस्तान से बीच यदि व्यापार निलंबित होता है तो इससे भारत को ज़्यादा नुकसान नहीं है, बल्कि इससे पाकिस्तान को काफ़ी नुकसान है। अब देखना होगा कि बौखलाहट में पाकिस्तान द्वारा उठाए गये इस क़दम के बाद से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर क्या और कितना विपरीत असर पड़ता है?
AUG 08 (WTN) – आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुका पाकिस्तान, भारत जैसी विश्व की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को आंखें दिखाने की कोशिशें कर रहा है। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाए जाने के बाद बौखला गया है, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिये हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान ने यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया है, जब भारत ने पुलवामा हमले के बाद उससे (पाकिस्तान) मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया था। मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा ख़त्म होने के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापार काफ़ी कम हो गया है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने भारत के साथ राजनयिक सम्बन्धों को ‘कम’ करने और भारत के साथ सभी द्विपक्षीय व्यापार को ‘निलंबित’ करने का 'संकल्प' लिया है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भारत को पाकिस्तान के इस क़दम से कुछ ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता है बल्कि इससे पाकिस्तान को ही ज़्यादा नुकसान होगा।
आंकड़े बताते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ सालों से व्यापार सामान्य ही रहा है। 2018-19 में जुलाई-जनवरी के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार में मामूली वृद्धि हुई थी और यह 1.122 अरब रहा था। दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार में 79.33 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान में भारतीय निर्यात का था। समय के साथ साथ दोनों देशों के बीच व्यापार कम होता जा रहा है। जैसा कि हमने आपको बताया कि पहले से ही दोनों देशों के बीच व्यापार कम था, वहीं पुलवामा आतंकी हमले के बाद यह व्यापार और भी कम हो गया है।
कुछ सालों पहले की बात करें तो साल 2015-16 में भारत का कुल व्यापार 641 अरब डॉलर था। वहीं पाकिस्तान के साथ व्यापार मात्र 2.67 अरब डॉलर रहा था। वहीं पाकिस्तान को भारत का निर्यात मात्र 2.17 अरब डॉलर रहा था। साफ़ जाहिर है कि भारत के कुल निर्यात में यह मात्र 0.83 प्रतिशत है। वहीं पाकिस्तान से भारत का आयात 50 करोड़ डॉलर से भी कम है, जो कि भारत के कुल आयात का 0.13 प्रतिशत था।
भारत, पाकिस्तान को मुख्य रूप से चाय, चीनी, ऑयल केक, पेट्रोलियम ऑयल, कॉटन, टायर, रबड़, समेत 14 वस्तुओं का निर्यात करता है। वहीं भारत, पाकिस्तान से कुल 19 प्रमुख उत्पादों का आयात करता है। इन उत्पादों में आम, अमरूद, अनानास, फ्रेबिक कॉटन, साइक्लिक हाइड्रोकॉर्बन, पेट्रोलियम गैस, पोर्टलैंड सीमेंट, कॉपर वेस्ट और स्क्रैप, कॉटन यॉर्न जैसे उत्पाद शामिल हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से निर्यात किए जाने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 200 प्रतिशत कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान से भारत में आयात में कमी आई है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान से भारत में वाणिज्यिक आयात इस साल मार्च में 92 प्रतिशत घटकर 28.4 लाख डॉलर का रह गया था। आंकड़ों के मुताबिक़ पाकिस्तान से आयात मार्च 2018 में 3.46 करोड़ डॉलर था। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान पाकिस्तान से आयात 47 प्रतिशत घटकर 5.36 करोड़ डॉलर रहा था। भारत का निर्यात भी मार्च में करीब 32 प्रतिशत घटकर 17.13 करोड़ डॉलर रहा।
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान निर्यात 7.4 प्रतिशत बढ़कर 2 अरब डॉलर रहा। भारत और पाकिस्तान के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 2017-18 में मामूली बढ़कर 2.41 अरब डॉलर रहा था जो 2016-17 में 2.27 अरब डॉलर था। भारत ने 2017-18 में 48.85 करोड़ डॉलर का सामान पाकिस्तान से आयात किया, जबकि 1.92 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया गया। साफ़ जाहिर है कि भारत और पाकिस्तान से बीच यदि व्यापार निलंबित होता है तो इससे भारत को ज़्यादा नुकसान नहीं है, बल्कि इससे पाकिस्तान को काफ़ी नुकसान है। अब देखना होगा कि बौखलाहट में पाकिस्तान द्वारा उठाए गये इस क़दम के बाद से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर क्या और कितना विपरीत असर पड़ता है?