सावधान! इंटरनेट पर आप हो सकते हैं ‘सेक्सटॉर्शन’ के शिकार
Tuesday - August 13, 2019 3:16 pm ,
Category : WTN HINDI
कम्प्यूटर पर इंटरनेट का उपयोग करते समय बरतें सावधानी
आपका पॉर्न वीडियो देखना आपको पड़ सकता है ‘महंगा’!
AUG 13 (WTN) – सस्ते इंटरनेट और समाज में बढ़ते 'खुलेपन' के कारण पॉर्न साइट पर वीडियो देखना आजकल आम बात हो गई है। एक रिसर्च के मुताबिक़, एक 'रुढ़िवादी' देश होने के बावजूद भी भारत में काफ़ी तादात में लोग मोबाइल पर रोज़ पॉर्न वीडियो देखते हैं, जिसमें महिलाओं की तादात भी अच्छी खासी है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि कम्प्यूटर पर पॉर्न वीडियो देखते समय आपकी रिकॉर्डिंग हो सकती है! और आपको ब्लैकमेल किया जा सकता है तो यह पढ़कर आपको काफ़ी आश्चर्य हुआ होगा, लेकिन क्या है यह पूरा मामला आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने एक ऐसे स्पैमबॉट के पता लगाने का 'दावा' किया है, जो कम्प्यूटर पर पॉर्न वीडियो देखते समय व्यूअर की वीडियो रिकॉर्डिंग कर लेता है। बाद में इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल पॉर्न वीडियो व्यूअर को 'ब्लैकमेल' करने या फ़िर 'सेक्सटॉर्शन' के लिए किया जाता है। इस स्पैमबॉट का पता फ्रांस में लगाया गया है और इसका नाम Varenyky है। जानकारी के मताबिक़, इस स्पैमबॉट को काफ़ी ही 'सुनियोजित' तरीक़े से प्रोग्राम किया गया है। इसकी प्रोग्रामिंग इस तरह से की गई है कि इसकी मदद से इंटरनेट से किसी भी ई-मेल एड्रेस को जुटाया जा सकता है और उन्हें अनचाहे मेल भेजने के लिए इसे डिजाइन किया जा सकता है।
स्पैमबॉट की मदद से हैकर्स यूज़र्स के कम्प्यूटर का ऐक्सेस हासिल कर लेते हैं। इसके बाद जैसे ही यूज़र्स किसी एडल्ट वेबसाइट पर पॉर्न वीडियो देखता है तो यूजर्स की इस गतिविधि को रिकॉर्ड कर लिया जाता है। रिपोर्ट में एक बात सामने आई है कि जो भी यूज़र्स इसका शिकार बन रहे हैं उनकी पॉर्नोग्राफी में 'विशेष दिलचस्पी' होती है। यूज़र की इसी दिलचस्पी का फ़ायदा उठाकर हैकर्स उसके कम्प्यूटर पर कंट्रोल हासिल कर लेते हैं। जानकारों के अनुसार, Varenyky विक्टिम की कम्प्यूटर स्क्रीन रिकॉर्ड कर सकता है, पर यह वेबकैम से रिकॉर्डिंग नहीं कर सकता है।
इस तरीक़े से हैकर्स पॉर्न वीडियो देख रहे यूज़र की कम्प्यूटर स्क्रीन को रिकॉर्ड कर लेते हैं। इस तरह की रिकॉर्डिंग बनाने के बाद हैकर्स पॉर्न वीडियो देखने वाले यूज़र को एक ई-मेल भेजकर यह बताते हैं कि पॉर्न वीडियो देखते समय उसकी वीडियो बना ली गई है। इसी आधार पर हैकर्स पॉर्न वीडियो देखने वालों से पैसे की मांग करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब इस तरह की मेल भेजी जाती है तो पॉर्न वीडियो देखने वाले यूज़र की वीडियो आधी स्क्रीन पर और पॉर्न वीडियो आधी स्क्रीन पर शो होता है।
विक्टिम यूज़र को ई-मेल में धमकाते हुए हैकर्स लिखते हैं कि विक्टिम की कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो, बैंक अकाउंट डिटेल, पासवर्ड्स और बाक़ी डीटेल्स की एक कॉपी बना ली गई है। विक्टिम यूज़र पर दबाव बनाते हुए हैकर्स बताए गये किसी 'अनजान अकाउंट' में पैसे जमा करने की बात करते हैं। जब विक्टिम यूज़र बैंक अकाउंट में पैसा जमा करा देता है तो उसे ब्लैकमेल करना बंद कर दिया जाता है।
इतना ही नहीं, ई-मेल में विक्टिम यूज़र को यह भी बताया जाता है कि उसका वीडियो रिमोट सर्वर पर सेव कर दिया गया है। यानी कि इससे 'बचने' के लिए पासवर्ड बदलने, वायरस डिलीट करने, कम्प्यूटर को क्लीन करने या रिपेयर करने से कोई भी फ़ायदा नहीं है। विक्टिम यूज़र को ब्लैकमेल करते हुए हैकर्स 'धमकाते' हुए कहता है कि यदि तय समय के अन्दर पैसा बताए गये बैंक अकाउंट में जमा नहीं कराया गया तो इस वीडियो को परिवार के सदस्यों और मित्रों को भेज दिया जाएगा। वहीं इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'वाइरल' करने की धमकी भी दी जाती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ई-मेल के आख़िर में लिखा होता है, “यह ऑफर रक़म कम-ज़्यादा नहीं करता है। मेरा और खुद का वक़्त ख़राब मत करो और कुछ करने से पहले सामने आने वाले परिणाम के बारे में सोचो।” वैसे फिलहाल ऐसे मामले और ई-मेल में किए गए दावे से जुड़ा कोई 'पुख्ता सबूत' सामने नहीं आया है। पर इतना ज़रूर है कि यूज़र स्क्रीन पर क्या देख रहा है, इसे आसानी से रिकॉर्ड किया जा सकता है। तो हमारी आपको सलाह है कि आप अपने कम्प्यूटर में क्या देख रहे हैं इसमें सावधानी बरते हैं, कहीं ऐसा ना हो कि आप भी इस तरह से हैकर्स का शिकार हो जाएं।
AUG 13 (WTN) – सस्ते इंटरनेट और समाज में बढ़ते 'खुलेपन' के कारण पॉर्न साइट पर वीडियो देखना आजकल आम बात हो गई है। एक रिसर्च के मुताबिक़, एक 'रुढ़िवादी' देश होने के बावजूद भी भारत में काफ़ी तादात में लोग मोबाइल पर रोज़ पॉर्न वीडियो देखते हैं, जिसमें महिलाओं की तादात भी अच्छी खासी है। लेकिन यदि हम आपसे कहें कि कम्प्यूटर पर पॉर्न वीडियो देखते समय आपकी रिकॉर्डिंग हो सकती है! और आपको ब्लैकमेल किया जा सकता है तो यह पढ़कर आपको काफ़ी आश्चर्य हुआ होगा, लेकिन क्या है यह पूरा मामला आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने एक ऐसे स्पैमबॉट के पता लगाने का 'दावा' किया है, जो कम्प्यूटर पर पॉर्न वीडियो देखते समय व्यूअर की वीडियो रिकॉर्डिंग कर लेता है। बाद में इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल पॉर्न वीडियो व्यूअर को 'ब्लैकमेल' करने या फ़िर 'सेक्सटॉर्शन' के लिए किया जाता है। इस स्पैमबॉट का पता फ्रांस में लगाया गया है और इसका नाम Varenyky है। जानकारी के मताबिक़, इस स्पैमबॉट को काफ़ी ही 'सुनियोजित' तरीक़े से प्रोग्राम किया गया है। इसकी प्रोग्रामिंग इस तरह से की गई है कि इसकी मदद से इंटरनेट से किसी भी ई-मेल एड्रेस को जुटाया जा सकता है और उन्हें अनचाहे मेल भेजने के लिए इसे डिजाइन किया जा सकता है।
स्पैमबॉट की मदद से हैकर्स यूज़र्स के कम्प्यूटर का ऐक्सेस हासिल कर लेते हैं। इसके बाद जैसे ही यूज़र्स किसी एडल्ट वेबसाइट पर पॉर्न वीडियो देखता है तो यूजर्स की इस गतिविधि को रिकॉर्ड कर लिया जाता है। रिपोर्ट में एक बात सामने आई है कि जो भी यूज़र्स इसका शिकार बन रहे हैं उनकी पॉर्नोग्राफी में 'विशेष दिलचस्पी' होती है। यूज़र की इसी दिलचस्पी का फ़ायदा उठाकर हैकर्स उसके कम्प्यूटर पर कंट्रोल हासिल कर लेते हैं। जानकारों के अनुसार, Varenyky विक्टिम की कम्प्यूटर स्क्रीन रिकॉर्ड कर सकता है, पर यह वेबकैम से रिकॉर्डिंग नहीं कर सकता है।
इस तरीक़े से हैकर्स पॉर्न वीडियो देख रहे यूज़र की कम्प्यूटर स्क्रीन को रिकॉर्ड कर लेते हैं। इस तरह की रिकॉर्डिंग बनाने के बाद हैकर्स पॉर्न वीडियो देखने वाले यूज़र को एक ई-मेल भेजकर यह बताते हैं कि पॉर्न वीडियो देखते समय उसकी वीडियो बना ली गई है। इसी आधार पर हैकर्स पॉर्न वीडियो देखने वालों से पैसे की मांग करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब इस तरह की मेल भेजी जाती है तो पॉर्न वीडियो देखने वाले यूज़र की वीडियो आधी स्क्रीन पर और पॉर्न वीडियो आधी स्क्रीन पर शो होता है।
विक्टिम यूज़र को ई-मेल में धमकाते हुए हैकर्स लिखते हैं कि विक्टिम की कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो, बैंक अकाउंट डिटेल, पासवर्ड्स और बाक़ी डीटेल्स की एक कॉपी बना ली गई है। विक्टिम यूज़र पर दबाव बनाते हुए हैकर्स बताए गये किसी 'अनजान अकाउंट' में पैसे जमा करने की बात करते हैं। जब विक्टिम यूज़र बैंक अकाउंट में पैसा जमा करा देता है तो उसे ब्लैकमेल करना बंद कर दिया जाता है।
इतना ही नहीं, ई-मेल में विक्टिम यूज़र को यह भी बताया जाता है कि उसका वीडियो रिमोट सर्वर पर सेव कर दिया गया है। यानी कि इससे 'बचने' के लिए पासवर्ड बदलने, वायरस डिलीट करने, कम्प्यूटर को क्लीन करने या रिपेयर करने से कोई भी फ़ायदा नहीं है। विक्टिम यूज़र को ब्लैकमेल करते हुए हैकर्स 'धमकाते' हुए कहता है कि यदि तय समय के अन्दर पैसा बताए गये बैंक अकाउंट में जमा नहीं कराया गया तो इस वीडियो को परिवार के सदस्यों और मित्रों को भेज दिया जाएगा। वहीं इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'वाइरल' करने की धमकी भी दी जाती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ई-मेल के आख़िर में लिखा होता है, “यह ऑफर रक़म कम-ज़्यादा नहीं करता है। मेरा और खुद का वक़्त ख़राब मत करो और कुछ करने से पहले सामने आने वाले परिणाम के बारे में सोचो।” वैसे फिलहाल ऐसे मामले और ई-मेल में किए गए दावे से जुड़ा कोई 'पुख्ता सबूत' सामने नहीं आया है। पर इतना ज़रूर है कि यूज़र स्क्रीन पर क्या देख रहा है, इसे आसानी से रिकॉर्ड किया जा सकता है। तो हमारी आपको सलाह है कि आप अपने कम्प्यूटर में क्या देख रहे हैं इसमें सावधानी बरते हैं, कहीं ऐसा ना हो कि आप भी इस तरह से हैकर्स का शिकार हो जाएं।