दावा: व्हाट्सएप की प्रायवेट चैट हो सकती है हैक!
Tuesday - September 3, 2019 3:44 pm ,
Category : WTN HINDI
व्हाट्सएप पर नये बग से रहें सावधान
सावधान! हैकर्स बग का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप चैट को कर सकते हैं हैक!
SEP 03 (WTN) - जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग एप है। पूरी दुनिया में व्हाट्सएप के क़रीब 125 करोड़ यूज़र्स हैं, जिसमें से अकेले क़रीब 25 करोड़ यूज़र्स भारत में हैं। फेसबुक के मालिकाना हक़ वाले व्हाट्सएप के पॉपुलर होने का सबसे बड़ा कारण है इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फ़ीचर।

व्हाट्सएप का दावा है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फ़ीचर के कारण पर्सन-टू-पर्सन चैट हमेशा सिक्योर रहती है, यानी कि इसमें प्रायवेट चैट सुरक्षित रहती है, जिसे कोई हैक नहीं कर सकता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप में एक नये बग यानी कि वायरस का पता चला है। कहा जा रहा है कि इस बग का उपयोग कर हैकर्स व्हाट्सएप यूज़र्स की प्राइवेट चैट को हैक कर सकते हैं।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, गूगल के प्रोजेक्ट जीरो टीम ने इस बग का पता लगाया है। इस बग का पता लगाने के बाद टीम ने iOS यूज़र्स को सतर्क किया है कि वे किसी भी सरकुलेटिंग मैसेज वाली वेबसाइट पर क्लिक न करें, क्योंकि ऐसा करना व्हाट्सएप यूज़र्स के लिए काफ़ी बड़ा ख़तरा है और ऐसा करने से उनकी प्रायवेट चैट हैक हो सकती है।

वैसे व्हाट्सएप के मालिकाना हक़ वाली कम्पनी फेसबुक ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फ़ीचर का हवाला देते हुए व्हाट्सएप पर चैटिंग को काफ़ी सिक्योर प्लेटफॉर्म बताया है। लेकिन फेसबुक के दावों के विपरित, गूगल रिसर्चर ने इसमें बग होने की बात कही है। गूगल के मुताबिक़ कुछ ही वेबसाइट्स ऐसी हैं जिनसे ऐसा ख़तरा है।

वहीं इस बारे में व्हाट्सएप का कहना है कि वो यूज़र्स की निजता की काफ़ी चिंता करते हैं। इसलिए व्हाट्सएप में किसी बग या वायरस होने की बात करना ग़लत है। व्हाट्सएप ने अपने यूज़र्स को सलाह दी है कि वे लेटेस्ट सिक्युरिटी अपडेट को डाउनलोड कर के रखें।

यदि आप iOS प्लेटफॉर्म यूज़र्स हैं तो आप को व्हाट्सएप पर सुरक्षित रहने की काफ़ी ज़रूरत है। इसके लिए iOS प्लेटफॉर्म यूज़र्स को कुछ क़दम उठाने होंगे। इसके लिए यूज़र्स सबसे पहले अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को बिल्कुल अपडेटेड रखें। ऐसा इसलिए, क्योंकि अपडेटेड सिस्टम में इसका ख़तरा कम होता है। वहीं iOS प्लेटफॉर्म यूज़र्स को सलाह दी गई है कि किसी भी संदेहास्पद ई-मेल और लिंक पर क्लिक ना करें। किसी भी संदेहास्पद ई-मेल या लिंक पर क्लिक करने से यह ग़ैर जानकारी वाली वेबसाइट पर आपको ले जाएगा, जिससे हैकर यूज़र्स को ऐक्सेस कर लेगा। तो हमारी आपको सलाह है कि आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है।
SEP 03 (WTN) - जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग एप है। पूरी दुनिया में व्हाट्सएप के क़रीब 125 करोड़ यूज़र्स हैं, जिसमें से अकेले क़रीब 25 करोड़ यूज़र्स भारत में हैं। फेसबुक के मालिकाना हक़ वाले व्हाट्सएप के पॉपुलर होने का सबसे बड़ा कारण है इसका एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फ़ीचर।

व्हाट्सएप का दावा है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फ़ीचर के कारण पर्सन-टू-पर्सन चैट हमेशा सिक्योर रहती है, यानी कि इसमें प्रायवेट चैट सुरक्षित रहती है, जिसे कोई हैक नहीं कर सकता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप में एक नये बग यानी कि वायरस का पता चला है। कहा जा रहा है कि इस बग का उपयोग कर हैकर्स व्हाट्सएप यूज़र्स की प्राइवेट चैट को हैक कर सकते हैं।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, गूगल के प्रोजेक्ट जीरो टीम ने इस बग का पता लगाया है। इस बग का पता लगाने के बाद टीम ने iOS यूज़र्स को सतर्क किया है कि वे किसी भी सरकुलेटिंग मैसेज वाली वेबसाइट पर क्लिक न करें, क्योंकि ऐसा करना व्हाट्सएप यूज़र्स के लिए काफ़ी बड़ा ख़तरा है और ऐसा करने से उनकी प्रायवेट चैट हैक हो सकती है।

वैसे व्हाट्सएप के मालिकाना हक़ वाली कम्पनी फेसबुक ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फ़ीचर का हवाला देते हुए व्हाट्सएप पर चैटिंग को काफ़ी सिक्योर प्लेटफॉर्म बताया है। लेकिन फेसबुक के दावों के विपरित, गूगल रिसर्चर ने इसमें बग होने की बात कही है। गूगल के मुताबिक़ कुछ ही वेबसाइट्स ऐसी हैं जिनसे ऐसा ख़तरा है।

वहीं इस बारे में व्हाट्सएप का कहना है कि वो यूज़र्स की निजता की काफ़ी चिंता करते हैं। इसलिए व्हाट्सएप में किसी बग या वायरस होने की बात करना ग़लत है। व्हाट्सएप ने अपने यूज़र्स को सलाह दी है कि वे लेटेस्ट सिक्युरिटी अपडेट को डाउनलोड कर के रखें।

यदि आप iOS प्लेटफॉर्म यूज़र्स हैं तो आप को व्हाट्सएप पर सुरक्षित रहने की काफ़ी ज़रूरत है। इसके लिए iOS प्लेटफॉर्म यूज़र्स को कुछ क़दम उठाने होंगे। इसके लिए यूज़र्स सबसे पहले अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को बिल्कुल अपडेटेड रखें। ऐसा इसलिए, क्योंकि अपडेटेड सिस्टम में इसका ख़तरा कम होता है। वहीं iOS प्लेटफॉर्म यूज़र्स को सलाह दी गई है कि किसी भी संदेहास्पद ई-मेल और लिंक पर क्लिक ना करें। किसी भी संदेहास्पद ई-मेल या लिंक पर क्लिक करने से यह ग़ैर जानकारी वाली वेबसाइट पर आपको ले जाएगा, जिससे हैकर यूज़र्स को ऐक्सेस कर लेगा। तो हमारी आपको सलाह है कि आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है।