फ़िर से महंगा हुआ आईआरसीटीसी से रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराना!
Friday - September 6, 2019 2:58 pm ,
Category : WTN HINDI
आईआरसीटीसी ने फ़िर लगाया टिकिट बुकिंग पर सर्विस चार्ज
आईआरसीटीसी टिकिट बुकिंग में भीम एप से पेमेण्ट पर मिलेगी सर्विस चार्ज में 50 प्रतिशत छूट
SEP 06 (WTN) – यदि आप आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट से ट्रेन की रिज़र्वेशन टिकिट बुक करने जा रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बात दें कि अब आईआरसीटीसी से रिज़र्वेशन टिकिट बुक करना आपको पहले की तुलना में ज़्यादा महंगा पड़ेगा। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआरसीटीसी ने सभी तरह के रिज़र्वेशन टिकिट बुकिंग के लिए अब सर्विस चार्ज लेना फ़िर से शुरू कर दिया है।
जानकारी के लिए बता दें कि आईआरसीटीसी अब ट्रेन के नॉन एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने पर 15 रुपये और एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने पर 30 रुपये चार्ज लेगा। और यह सर्विस चार्ज, जीएसटी से अलग होगा। यानी कि टिकिट बुकिंग पर लगने वाले सर्विस चार्ज पर जीएसटी भी लगेगा।
ऐतिहासिक नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने क़रीब तीन साल पहले आईआरसीटीसी के ज़रिए ट्रेन टिकिट बुकिंग पर सर्विस चार्ज ख़त्म कर दिए थे। डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने यह क़दम उठाया था। उस समय सरकार का तर्क था कि नोटबंदी के बाद नक़दी की किल्लत के कारण लोगों को डिजिटल पेमेण्ट का तरीक़ा अपनाना चाहिए। उस वक़्त ट्रेन के नॉन-एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने के लिए 20 रुपये और ट्रेन के एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने के लिए 40 रुपये चार्ज लगता था।
नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय लगने वाले सर्विस चार्ज को नवम्बर 2016 से जून 2017 तक के लिए निलंबित कर दिया था। वहीं समय-समय पर सर्विस चार्ज में मिलने वाली छूट आगे बढ़ती गई। लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी के ज़रिये ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक करने के लिए सर्विस चार्ज फ़िर से लागू करने को मन्ज़ूरी दे दी है। सर्विस चार्ज फ़िर से शुरू करने के सवाल पर रेलवे बोर्ड का कहना है कि सर्विस चार्ज हटाने के कारण वित्त वर्ष 2016-17 में इंटरनेट टिकिट राजस्व 26 प्रतिशत कम हो गया था।
हालांकि, यात्रियों की नाराज़गी को देखते हुए सरकार, आईआरसीटीसी से ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय लगने वाले सर्विस चार्ज से कुछ राहत देने की तैयारी में है। यदि कोई यात्री आईआरसीटीसी से टिकिट बुक कराते समय सर्विज चार्ज से कुछ राहत पाना चाहता है, तो उसे पेमेण्ट ऑप्शन के लिए BHIM एप का विकल्प चुनना होगा। जानकारी के मुताबिक़, अगर यात्री टिकिट बुक कराते समय BHIM एप से पेमेण्ट करता है तो उसे एक नवम्बर से सर्विस चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
आईआरसीटीसी से ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय BHIM एप से पेमेण्ट करने पर ट्रेन के नॉन एसी कोच में सर्विस चार्ज 15 रुपये की जगह 10 रुपये और एसी कोच में सर्विस चार्ज 30 रुपये की जगह पर 20 रुपये ही लगेगा।
वैसे रेलवे बोर्ड द्वारा फ़िर से सर्विस चार्ज लगाये जाने का यात्रियों ने विरोध किया है। यात्रियों का तर्क है कि वेबसाइट से टिकिट बुक कराने से संसाधनों के रूप में रेलवे की काफ़ी बचत होती है। ऐसे में रेलवे को इस तरह के किसी भी चार्ज को नहीं लगाना चाहिए, जिससे यात्रियों को रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय ज़्यादा पैसा ख़र्च करना पड़े। डिजिटल पेमेण्ट मोदी सरकार का एक मिशन है, जिसमें रेलवे को भागीदारी दिखाते हुए यात्रियों से सर्विस चार्ज नहीं वसूलना चाहिए। अब देखना होगा कि यदि यात्री आईआरसीटीसी द्वारा लगाए जाने वाले सर्विस चार्ज का विरोध करते हैं, तो क्या इसे फ़िर से वापस लेने के बारे में रेलवे बोर्ड विचार करेगा?
SEP 06 (WTN) – यदि आप आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट से ट्रेन की रिज़र्वेशन टिकिट बुक करने जा रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बात दें कि अब आईआरसीटीसी से रिज़र्वेशन टिकिट बुक करना आपको पहले की तुलना में ज़्यादा महंगा पड़ेगा। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआरसीटीसी ने सभी तरह के रिज़र्वेशन टिकिट बुकिंग के लिए अब सर्विस चार्ज लेना फ़िर से शुरू कर दिया है।
जानकारी के लिए बता दें कि आईआरसीटीसी अब ट्रेन के नॉन एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने पर 15 रुपये और एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने पर 30 रुपये चार्ज लेगा। और यह सर्विस चार्ज, जीएसटी से अलग होगा। यानी कि टिकिट बुकिंग पर लगने वाले सर्विस चार्ज पर जीएसटी भी लगेगा।
ऐतिहासिक नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने क़रीब तीन साल पहले आईआरसीटीसी के ज़रिए ट्रेन टिकिट बुकिंग पर सर्विस चार्ज ख़त्म कर दिए थे। डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने यह क़दम उठाया था। उस समय सरकार का तर्क था कि नोटबंदी के बाद नक़दी की किल्लत के कारण लोगों को डिजिटल पेमेण्ट का तरीक़ा अपनाना चाहिए। उस वक़्त ट्रेन के नॉन-एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने के लिए 20 रुपये और ट्रेन के एसी कोच में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराने के लिए 40 रुपये चार्ज लगता था।
नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेण्ट को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय लगने वाले सर्विस चार्ज को नवम्बर 2016 से जून 2017 तक के लिए निलंबित कर दिया था। वहीं समय-समय पर सर्विस चार्ज में मिलने वाली छूट आगे बढ़ती गई। लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी के ज़रिये ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक करने के लिए सर्विस चार्ज फ़िर से लागू करने को मन्ज़ूरी दे दी है। सर्विस चार्ज फ़िर से शुरू करने के सवाल पर रेलवे बोर्ड का कहना है कि सर्विस चार्ज हटाने के कारण वित्त वर्ष 2016-17 में इंटरनेट टिकिट राजस्व 26 प्रतिशत कम हो गया था।
हालांकि, यात्रियों की नाराज़गी को देखते हुए सरकार, आईआरसीटीसी से ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय लगने वाले सर्विस चार्ज से कुछ राहत देने की तैयारी में है। यदि कोई यात्री आईआरसीटीसी से टिकिट बुक कराते समय सर्विज चार्ज से कुछ राहत पाना चाहता है, तो उसे पेमेण्ट ऑप्शन के लिए BHIM एप का विकल्प चुनना होगा। जानकारी के मुताबिक़, अगर यात्री टिकिट बुक कराते समय BHIM एप से पेमेण्ट करता है तो उसे एक नवम्बर से सर्विस चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
आईआरसीटीसी से ट्रेन में रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय BHIM एप से पेमेण्ट करने पर ट्रेन के नॉन एसी कोच में सर्विस चार्ज 15 रुपये की जगह 10 रुपये और एसी कोच में सर्विस चार्ज 30 रुपये की जगह पर 20 रुपये ही लगेगा।
वैसे रेलवे बोर्ड द्वारा फ़िर से सर्विस चार्ज लगाये जाने का यात्रियों ने विरोध किया है। यात्रियों का तर्क है कि वेबसाइट से टिकिट बुक कराने से संसाधनों के रूप में रेलवे की काफ़ी बचत होती है। ऐसे में रेलवे को इस तरह के किसी भी चार्ज को नहीं लगाना चाहिए, जिससे यात्रियों को रिज़र्वेशन टिकिट बुक कराते समय ज़्यादा पैसा ख़र्च करना पड़े। डिजिटल पेमेण्ट मोदी सरकार का एक मिशन है, जिसमें रेलवे को भागीदारी दिखाते हुए यात्रियों से सर्विस चार्ज नहीं वसूलना चाहिए। अब देखना होगा कि यदि यात्री आईआरसीटीसी द्वारा लगाए जाने वाले सर्विस चार्ज का विरोध करते हैं, तो क्या इसे फ़िर से वापस लेने के बारे में रेलवे बोर्ड विचार करेगा?