ना कार्ड ना कैश; भविष्य में अब ‘इस’ तरीक़े से भी होगा पेमेण्ट!
Friday - September 6, 2019 4:29 pm ,
Category : WTN HINDI
पेमेण्ट के लिए होगा बॉयोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल
सिर्फ़ हथेलियों के स्कैनिंग से होगा पेमेण्ट!
SEP 06 (WTN) – कुछ समय पहले तक आप ख़रीदी करने के बाद उसका भुगतान नक़द या चेक से करते थे। लेकिन समय बदला और पूरी दुनिया में इंटरनेट क्रान्ति आने के बाद से भुगतान के तरीक़े बदल गये। किसी भी वस्तु की ख़रीदी या किसी सेवा के इस्तेमाल के बाद आप डिजिटल तरीक़े से उसका पेमेण्ट कर सकते हैं। डिजिटल तरीक़े से यानी कि आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट या फ़िर यूपीआई से पेमेण्ट कर सकते हैं।
लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आने वाले दिनों में भुगतान का तरीक़ा और भी ज़्यादा आसान और अलग तरीक़े का होने वाला है। पेमेण्ट का यह तरीक़ा इतना आसान होगा कि भुगतान करने के लिए आपको ना तो किसी भी तरह के क्रेडिट या डेबिट कार्ड की ज़रूरत पड़ेगी और ना ही कैश की ज़रूरत पड़ेगी। यह पढ़कर आप सोच में पड़ गये होंगे कि क्या सच में ऐसा हो सकता है कि पेमेण्ट के समय किसी भी तरह के कार्ड की और कैश की ज़रूरत ना पड़े?
जी हां ऐसा ही कुछ आने वाले दिनों में हो सकता है। दरअसल, पेमेण्ट के नये विकल्प के रूप में अब हाथों को स्कैन करके पेमेण्ट किया जा सकेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स कम्पनी अमेज़न (Amazon) एक ऐसी टेस्टिंग कर रही है जिससे उसके स्टोर पर सामान ख़रीदने के बाद ग्राहक बॉयोमेट्रिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पेमेण्ट कर पाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेज़न अपने सारे फूड्स और सुपर मार्केट स्टोर्स के लिए इस पेमेण्ट सिस्टम को अगले साल तक लागू कर सकता है।
आपकी जाकारी के लिए बता दें कि हाथों की स्कैनिंग की यह तकनीक मोबाइल फोन फिंगर प्रिंट स्कैनर से अलग होगी। कहा जा रहा है कि इस तकनीक के ज़रिये पेमेण्ट करने के लिए किसी भी डिवाइस को फिज़िकली टच नहीं करना होगा। इस तकनीक के जरिये दूर से ही हथेलियों की स्कैनिंग हो जाएगी औऱ पेमेण्ट हो जाएगा।
दरअसल, जब ग्राहक इस तरीक़े से पेमेण्ट करेगा तो इस तकनीक में उसके हथेलियों की डिटेल के साथ लिंक किए गए कार्ड से पैसों का भुगतान हो जाएगा। वैसे अभी यह सिस्टम टेस्टिंग मोड में है और इसे और भी ज़्यादा सटीक बनाने पर काम हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इससे पेमेण्ट लेने में काफ़ी आसनी होगी, क्योंकि इससे पेमेंट लेने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा।
इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि कार्ड से पेमेण्ट करने पर जहां 3 से 4 सेकेण्ड लगते हैं, वहीं इस तकनीक से पेमेण्ट करने से 300 मिलीसेकेंड्स में पेमेंट हो जाएगा। इस तरीक़े से पेमेण्ट करने के लिए ग्राहक को साथ में मोबाइल फोन भी ले जाने की ज़रूरत नहीं है।
लेकिन इस तकनीक के शुरू होने से पहले ही ग्राहक की निजता और उसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस तकनीक के ज़रिये पेमेण्ट करने के लिए लोगों को अपना बॉयोमेट्रिक डेटा देना पड़ेगा, जिसके दुरूपयोग होेने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहीं आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसके ज़रिये फ्रॉड भी हो सकता है। अब देखना होगा कि अमेज़न द्वारा शुरू की जाने वाली इस तकनीक को ग्राहक अपनाकर अपनी बॉयोमेट्रिक डिटेल देते हैं कि नहीं?
SEP 06 (WTN) – कुछ समय पहले तक आप ख़रीदी करने के बाद उसका भुगतान नक़द या चेक से करते थे। लेकिन समय बदला और पूरी दुनिया में इंटरनेट क्रान्ति आने के बाद से भुगतान के तरीक़े बदल गये। किसी भी वस्तु की ख़रीदी या किसी सेवा के इस्तेमाल के बाद आप डिजिटल तरीक़े से उसका पेमेण्ट कर सकते हैं। डिजिटल तरीक़े से यानी कि आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट या फ़िर यूपीआई से पेमेण्ट कर सकते हैं।
लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आने वाले दिनों में भुगतान का तरीक़ा और भी ज़्यादा आसान और अलग तरीक़े का होने वाला है। पेमेण्ट का यह तरीक़ा इतना आसान होगा कि भुगतान करने के लिए आपको ना तो किसी भी तरह के क्रेडिट या डेबिट कार्ड की ज़रूरत पड़ेगी और ना ही कैश की ज़रूरत पड़ेगी। यह पढ़कर आप सोच में पड़ गये होंगे कि क्या सच में ऐसा हो सकता है कि पेमेण्ट के समय किसी भी तरह के कार्ड की और कैश की ज़रूरत ना पड़े?
जी हां ऐसा ही कुछ आने वाले दिनों में हो सकता है। दरअसल, पेमेण्ट के नये विकल्प के रूप में अब हाथों को स्कैन करके पेमेण्ट किया जा सकेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ई-कॉमर्स कम्पनी अमेज़न (Amazon) एक ऐसी टेस्टिंग कर रही है जिससे उसके स्टोर पर सामान ख़रीदने के बाद ग्राहक बॉयोमेट्रिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पेमेण्ट कर पाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेज़न अपने सारे फूड्स और सुपर मार्केट स्टोर्स के लिए इस पेमेण्ट सिस्टम को अगले साल तक लागू कर सकता है।
आपकी जाकारी के लिए बता दें कि हाथों की स्कैनिंग की यह तकनीक मोबाइल फोन फिंगर प्रिंट स्कैनर से अलग होगी। कहा जा रहा है कि इस तकनीक के ज़रिये पेमेण्ट करने के लिए किसी भी डिवाइस को फिज़िकली टच नहीं करना होगा। इस तकनीक के जरिये दूर से ही हथेलियों की स्कैनिंग हो जाएगी औऱ पेमेण्ट हो जाएगा।
दरअसल, जब ग्राहक इस तरीक़े से पेमेण्ट करेगा तो इस तकनीक में उसके हथेलियों की डिटेल के साथ लिंक किए गए कार्ड से पैसों का भुगतान हो जाएगा। वैसे अभी यह सिस्टम टेस्टिंग मोड में है और इसे और भी ज़्यादा सटीक बनाने पर काम हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इससे पेमेण्ट लेने में काफ़ी आसनी होगी, क्योंकि इससे पेमेंट लेने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा।
इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि कार्ड से पेमेण्ट करने पर जहां 3 से 4 सेकेण्ड लगते हैं, वहीं इस तकनीक से पेमेण्ट करने से 300 मिलीसेकेंड्स में पेमेंट हो जाएगा। इस तरीक़े से पेमेण्ट करने के लिए ग्राहक को साथ में मोबाइल फोन भी ले जाने की ज़रूरत नहीं है।
लेकिन इस तकनीक के शुरू होने से पहले ही ग्राहक की निजता और उसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस तकनीक के ज़रिये पेमेण्ट करने के लिए लोगों को अपना बॉयोमेट्रिक डेटा देना पड़ेगा, जिसके दुरूपयोग होेने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहीं आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसके ज़रिये फ्रॉड भी हो सकता है। अब देखना होगा कि अमेज़न द्वारा शुरू की जाने वाली इस तकनीक को ग्राहक अपनाकर अपनी बॉयोमेट्रिक डिटेल देते हैं कि नहीं?