ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भरना पड़ सकता है गाड़ी का ज़्यादा इंश्योरेंस प्रीमियम!
Monday - September 9, 2019 11:30 am ,
Category : WTN HINDI
गाड़ियों की इंश्योरेंस प्रीमियम नीति में होगा बदलाव
दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने ट्रैफिक नियमों को और भी सख्त करने जा रही है मोदी सरकार!
SEP 09 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की रक़म काफ़ी बढ़ा दी गई है। साफ़ ज़ाहिर है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद अब ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों की ख़ैर नहीं है।
वैसे यदि आपको लगता है कि लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन कराने और ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए मोदी सरकार यही रूक जाएगी, तो आपका सोचना ग़लत है। दरअसल, मोदी सरकार जल्द ही ट्रैफिक नियमों को और भी ज़्यादा सख़्त करने जा रही है, जिससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम से कम किया जा सके।
दरअसल, अब कोई भी वाहन चालक जब-जब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेगा तब-तब उसके खाते में कुछ प्वाइंट्स जुड़ जाएंगे। आप सोच रहे होंगे कि इन प्वाइंट्स से वाहन चालक को क्या नुकसान हो सकता है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाहन चालक के खाते में जुड़े यही प्वाइंट्स तय करेंगे कि वाहन चालक की गाड़ी के इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना महंगा होगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले मौतों के मामले में भारत दुनिया के टॉप देशों में शामिल है। सड़क दुर्घटनाओं और उससे होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाने के लिए मोदी सरकार ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को काफ़ी बढ़ा दिया है।
लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूकता लाने और उसके उल्लंघन करने पर डर पैदा करने के लिए इंश्योरेंस रेग्युलेटर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) को नये नियम बनाने के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश मोदी सरकार द्वारा दिया गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोदी सरकार द्वारा गठित इस वर्कफोर्स में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, इरडा, इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ़ इण्डिया और प्राइवेट सेक्टर की कई कम्पनियों के अधिकारी शामिल हैं। इस वर्कफोर्स के सदस्य विचार विमर्श करने के बाद दो महीनों में यह बताएंगे कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम से जोड़ने का तरीक़ा क्या होगा।
इसमें इरडा की नौ सदस्यीय कार्यसमिति मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक उल्लंघन के साथ जोड़ने के तौर-तरीक़े ढूंढेगी और इसके बारे में अपनी सिफारिश देगी। वहीं वर्किंग कमेटी यह भी पता करेगी कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को किस तरह यातायात नियमों के उल्लंघन से जोड़ा जा सकता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि वर्तमान में देश में मोटर व्हीकल का इंश्योरेंस प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि मोटर व्हीकल किस टाइप की है और उसकी इंजन क्षमता कितनी है। वहीं वर्तमान नियमों के मुताबिक़; यदि गाड़ी के मालिक ने पिछले वर्ष इंश्योरेंस क्लेम नहीं किया है, तो अगली बार प्रीमियम पर उसे कुछ छूट मिल जाती है।
लेकिन अब हो सकता है कि गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम की रक़म इस बात निर्भर होगी कि वाहन चालक ने नियमों का कितना बारी उल्लंघन किया है। वाहन चालक जितनी बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेगा, उतनी बार उसके खाते में कुछ प्वाइंट्स जुड़ते जाएंगे। इन्हीं प्वाइंट्स के आधार पर अगले साल वाहन चालक के वाहन के इंश्योरेंस प्रीमियम की रक़म निर्धारित होगी।
यानी कि साफ़ है कि यदि यह नया नियम लागू हुआ, तो इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर दोहरी मार पड़ेगी। एक तो उन्हें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर अब पहले से ज़्यादा पेनाल्टी देना पड़ेगी, वहीं ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर उसकी गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम की रक़म भी बढ़ जाएगी।
SEP 09 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की रक़म काफ़ी बढ़ा दी गई है। साफ़ ज़ाहिर है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद अब ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों की ख़ैर नहीं है।
वैसे यदि आपको लगता है कि लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन कराने और ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए मोदी सरकार यही रूक जाएगी, तो आपका सोचना ग़लत है। दरअसल, मोदी सरकार जल्द ही ट्रैफिक नियमों को और भी ज़्यादा सख़्त करने जा रही है, जिससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम से कम किया जा सके।
दरअसल, अब कोई भी वाहन चालक जब-जब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेगा तब-तब उसके खाते में कुछ प्वाइंट्स जुड़ जाएंगे। आप सोच रहे होंगे कि इन प्वाइंट्स से वाहन चालक को क्या नुकसान हो सकता है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाहन चालक के खाते में जुड़े यही प्वाइंट्स तय करेंगे कि वाहन चालक की गाड़ी के इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना महंगा होगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले मौतों के मामले में भारत दुनिया के टॉप देशों में शामिल है। सड़क दुर्घटनाओं और उससे होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाने के लिए मोदी सरकार ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को काफ़ी बढ़ा दिया है।
लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूकता लाने और उसके उल्लंघन करने पर डर पैदा करने के लिए इंश्योरेंस रेग्युलेटर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) को नये नियम बनाने के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश मोदी सरकार द्वारा दिया गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोदी सरकार द्वारा गठित इस वर्कफोर्स में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, इरडा, इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ़ इण्डिया और प्राइवेट सेक्टर की कई कम्पनियों के अधिकारी शामिल हैं। इस वर्कफोर्स के सदस्य विचार विमर्श करने के बाद दो महीनों में यह बताएंगे कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम से जोड़ने का तरीक़ा क्या होगा।
इसमें इरडा की नौ सदस्यीय कार्यसमिति मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक उल्लंघन के साथ जोड़ने के तौर-तरीक़े ढूंढेगी और इसके बारे में अपनी सिफारिश देगी। वहीं वर्किंग कमेटी यह भी पता करेगी कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को किस तरह यातायात नियमों के उल्लंघन से जोड़ा जा सकता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि वर्तमान में देश में मोटर व्हीकल का इंश्योरेंस प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि मोटर व्हीकल किस टाइप की है और उसकी इंजन क्षमता कितनी है। वहीं वर्तमान नियमों के मुताबिक़; यदि गाड़ी के मालिक ने पिछले वर्ष इंश्योरेंस क्लेम नहीं किया है, तो अगली बार प्रीमियम पर उसे कुछ छूट मिल जाती है।
लेकिन अब हो सकता है कि गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम की रक़म इस बात निर्भर होगी कि वाहन चालक ने नियमों का कितना बारी उल्लंघन किया है। वाहन चालक जितनी बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेगा, उतनी बार उसके खाते में कुछ प्वाइंट्स जुड़ते जाएंगे। इन्हीं प्वाइंट्स के आधार पर अगले साल वाहन चालक के वाहन के इंश्योरेंस प्रीमियम की रक़म निर्धारित होगी।
यानी कि साफ़ है कि यदि यह नया नियम लागू हुआ, तो इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर दोहरी मार पड़ेगी। एक तो उन्हें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर अब पहले से ज़्यादा पेनाल्टी देना पड़ेगी, वहीं ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर उसकी गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम की रक़म भी बढ़ जाएगी।