यात्रियों को अब ट्रेनों में मिलेगा मनपसंद खाना!
Tuesday - September 10, 2019 11:49 am ,
Category : WTN HINDI
रेलवे ला रहा है नई कैटरिंग पॉलिसी
ई-कैटरिंग सर्विस से यात्रियों को अब ट्रेन में मिलेगी खाने की बेहतर सुविधा
SEP 10 (WTN) – भारतीय रेलवे की ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी से कई यात्रियों को हमेशा से ही शिकायत रही है। आईआरसीटीसी द्वारा ट्रेनों में ठेके पर चलाई जा रही कैन्टीन द्वारा मुहैया कराई जा रही खाने की सर्विस की हर दिन सैकड़ों शिकायतों होती हैं। खाने की क्वालिटी, खाना बनाने के दौरान गंदगी और खाने के ज़्यादा पैसे लेने के मामले आए दिन देखने, सुनने और पढ़ने को मिल जाते हैं। ऐसा नहीं है कि खाने की शिकायतें मिलने के बाद रेलवे इनके निराकरण के लिए कोई क़दम नहीं उठाता, या फ़िर खाने की क्वालिटी में सुधार नहीं करता है। इसी कड़ी में रेलवे यात्रियों को खाने की बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा क़दम उठाने जा रहा है।
दरअसल, यात्रियों को खाने की पहले से बेहतरीन सुविधा देने के लिए भारतीय रेलवे, ट्रेन में मिलने वाले खाने की नीति में बदलाव करने की तैयारी में है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बहुत जल्द ही नई कैटरिंग पॉलिसी लाने जा रहा है। रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी के तहत ट्रेन में ई-कैटरिंग सुविधा के साथ-साथ हर क्लास के हिसाब से अलग-अलग खाना मिलेगा। रेलवे अपनी नई कैटरिंग पॉलिसी में कॉम्बो मील्स को भी शामिल करने जा रहा है। वहीं इसके अलावा खाने के रेट 40 रुपये से लेकर 250 रुपये तक तय करने की भी तैयारी चल रही है।
दरअसल, यात्रियों की काफ़ी समय से मांग थी कि रेलवे की तरफ़ से ट्रेन में सिर्फ़ थाली का खाना ही मुहैया कराया जाता है, जबकि कई बार यात्रियों को कुछ हल्का खाने की इच्छा होती है या फ़िर उनका बजट कम होता है। ऐसे में सिर्फ़ पूरी-सब्जी या छोले-भटूरे जैसे खाने के आइटम भी मेनू लिस्ट में शामिल किये जाना चाहिए। यात्रियों की मांग, सर्वे और अध्ययन के बाद रेलवे ने फ़ैसला लिया है कि जल्द ही एक नई कैटरिंग पॉलिसी को अमल में लाया जाएगा। इस पॉलिसी के अंतर्गत अगर किसी यात्री को 40 से 50 रुपये में कुछ खाना है, तो उसे पूरी-सब्जी, छोले-भठूरे, राजमा-चावल या कढ़ी-चावल के विकल्प दिये जाएंगे।
वहीं यदि यात्रियों को खाने में ज़्यादा आइटम चाहिए यानी कि पूरी थाली चाहिए तो उसके लिए भी उनके पास विकल्प रहेगा। ऐसे में यात्रियों से खाने की पूरी थाली के लिए 200 से 250 रुपये लिये जाएंगे। इस थाली में यात्रियों को भरपूर भोजन मिलेगा। यानी कि यात्री अब अपनी पसंद और बजट के हिसाब से खाने के आइटम का ऑर्डर कर सकेंगे।
वैसे रेलवे का दावा है कि दोनों ही तरह के खानों में क्वॉलिटी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी का मक़सद है कि लोगों को उनकी खाने की पसंद और बजट के हिसाब से खाना मुहैया कराया जाए। रेलवे के मुताबिक़, कम पैसों में बहुत सारी वैरायटी देना सम्भव नहीं है। ऐसे में जिन्हें कम खाना है या फ़िर जिनका बजट कम हैं, उनके लिए 40 से 50 रूपये में खाना उपलब्ध रहेगा। वहीं जिन्हें ज़्यादा और वैरायटी वाला खाने खाना है उनके लिए 200 से 250 रुपये तक की थाली उपलब्ध रहेगी।
रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी में ई-कैटरिंग और फ़ूड ऑन ऑर्डर सिस्टम पर ज़्यादा फ़ोकस किया जा रहा है। धीरे-धीरे रेलवे ई-कैटरिंग के विस्तार पर ज़्यादा ध्यान दे रहा है और उसके विस्तार के लिए क़दम बढ़ा रहा है। रेलवे का मानना है कि ई-कैटरिंग सुविधा के कारण यात्रियों को खाने में वैरायटी के साथ-साथ खाने में अच्छी क्वालिटी भी मिलेगी। वहीं ई-कैटरिंग से हर स्टेशन और हर ट्रेन तक यात्रियों की खाने की सुविधा मिल सकेगी।
कहा जा सकता है कि रेलवे का यह प्रयास सराहनीय है। ट्रेन में आईआरसीटीसी द्वारा ठेके पर दी गई कैन्टीन में बन रहे खाने की क्वालिटी और वैरायटी से यात्रियों को बहुत ही कम संतुष्ट होते देखा है। ऐसे में ट्रेन में खाने की अलग-अलग वैरायटी की सुविधा मिलने और ई-कैटरिंग सुविधा का विस्तार होने से यात्रियों को काफ़ी फ़ायदा मिलेगा। अब देखना होगा कि रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी पर कब तक अमल होता है, और रेलवे की यह नई पॉलिसी लोगों को पसन्द आती है कि नहीं।
SEP 10 (WTN) – भारतीय रेलवे की ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी से कई यात्रियों को हमेशा से ही शिकायत रही है। आईआरसीटीसी द्वारा ट्रेनों में ठेके पर चलाई जा रही कैन्टीन द्वारा मुहैया कराई जा रही खाने की सर्विस की हर दिन सैकड़ों शिकायतों होती हैं। खाने की क्वालिटी, खाना बनाने के दौरान गंदगी और खाने के ज़्यादा पैसे लेने के मामले आए दिन देखने, सुनने और पढ़ने को मिल जाते हैं। ऐसा नहीं है कि खाने की शिकायतें मिलने के बाद रेलवे इनके निराकरण के लिए कोई क़दम नहीं उठाता, या फ़िर खाने की क्वालिटी में सुधार नहीं करता है। इसी कड़ी में रेलवे यात्रियों को खाने की बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा क़दम उठाने जा रहा है।
दरअसल, यात्रियों को खाने की पहले से बेहतरीन सुविधा देने के लिए भारतीय रेलवे, ट्रेन में मिलने वाले खाने की नीति में बदलाव करने की तैयारी में है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बहुत जल्द ही नई कैटरिंग पॉलिसी लाने जा रहा है। रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी के तहत ट्रेन में ई-कैटरिंग सुविधा के साथ-साथ हर क्लास के हिसाब से अलग-अलग खाना मिलेगा। रेलवे अपनी नई कैटरिंग पॉलिसी में कॉम्बो मील्स को भी शामिल करने जा रहा है। वहीं इसके अलावा खाने के रेट 40 रुपये से लेकर 250 रुपये तक तय करने की भी तैयारी चल रही है।
दरअसल, यात्रियों की काफ़ी समय से मांग थी कि रेलवे की तरफ़ से ट्रेन में सिर्फ़ थाली का खाना ही मुहैया कराया जाता है, जबकि कई बार यात्रियों को कुछ हल्का खाने की इच्छा होती है या फ़िर उनका बजट कम होता है। ऐसे में सिर्फ़ पूरी-सब्जी या छोले-भटूरे जैसे खाने के आइटम भी मेनू लिस्ट में शामिल किये जाना चाहिए। यात्रियों की मांग, सर्वे और अध्ययन के बाद रेलवे ने फ़ैसला लिया है कि जल्द ही एक नई कैटरिंग पॉलिसी को अमल में लाया जाएगा। इस पॉलिसी के अंतर्गत अगर किसी यात्री को 40 से 50 रुपये में कुछ खाना है, तो उसे पूरी-सब्जी, छोले-भठूरे, राजमा-चावल या कढ़ी-चावल के विकल्प दिये जाएंगे।
वहीं यदि यात्रियों को खाने में ज़्यादा आइटम चाहिए यानी कि पूरी थाली चाहिए तो उसके लिए भी उनके पास विकल्प रहेगा। ऐसे में यात्रियों से खाने की पूरी थाली के लिए 200 से 250 रुपये लिये जाएंगे। इस थाली में यात्रियों को भरपूर भोजन मिलेगा। यानी कि यात्री अब अपनी पसंद और बजट के हिसाब से खाने के आइटम का ऑर्डर कर सकेंगे।
वैसे रेलवे का दावा है कि दोनों ही तरह के खानों में क्वॉलिटी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी का मक़सद है कि लोगों को उनकी खाने की पसंद और बजट के हिसाब से खाना मुहैया कराया जाए। रेलवे के मुताबिक़, कम पैसों में बहुत सारी वैरायटी देना सम्भव नहीं है। ऐसे में जिन्हें कम खाना है या फ़िर जिनका बजट कम हैं, उनके लिए 40 से 50 रूपये में खाना उपलब्ध रहेगा। वहीं जिन्हें ज़्यादा और वैरायटी वाला खाने खाना है उनके लिए 200 से 250 रुपये तक की थाली उपलब्ध रहेगी।
रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी में ई-कैटरिंग और फ़ूड ऑन ऑर्डर सिस्टम पर ज़्यादा फ़ोकस किया जा रहा है। धीरे-धीरे रेलवे ई-कैटरिंग के विस्तार पर ज़्यादा ध्यान दे रहा है और उसके विस्तार के लिए क़दम बढ़ा रहा है। रेलवे का मानना है कि ई-कैटरिंग सुविधा के कारण यात्रियों को खाने में वैरायटी के साथ-साथ खाने में अच्छी क्वालिटी भी मिलेगी। वहीं ई-कैटरिंग से हर स्टेशन और हर ट्रेन तक यात्रियों की खाने की सुविधा मिल सकेगी।
कहा जा सकता है कि रेलवे का यह प्रयास सराहनीय है। ट्रेन में आईआरसीटीसी द्वारा ठेके पर दी गई कैन्टीन में बन रहे खाने की क्वालिटी और वैरायटी से यात्रियों को बहुत ही कम संतुष्ट होते देखा है। ऐसे में ट्रेन में खाने की अलग-अलग वैरायटी की सुविधा मिलने और ई-कैटरिंग सुविधा का विस्तार होने से यात्रियों को काफ़ी फ़ायदा मिलेगा। अब देखना होगा कि रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी पर कब तक अमल होता है, और रेलवे की यह नई पॉलिसी लोगों को पसन्द आती है कि नहीं।