जानिए वाहन चालकों के क्या हैं अधिकार?
Tuesday - September 10, 2019 3:04 pm ,
Category : WTN HINDI
ट्रैफिक पुलिस पर लग रहे बदसलूकी करने के आरोप
बदसलूकी और गाड़ी की चाबी निकालने का नहीं है ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अधिकार!
SEP 10 (WTN) – जब से देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ है, तभी से इसको लेकर वाहन चालकों में कही डर है तो कहीं पर असमंजस है। देखा गया है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ट्रैफिक पुलिस चालान बनाने के लिए पहले की तुलना में बहुत ज़्यादा सक्रिय हो गई है। जैसा कि आप जानते हैं कि नये मोटर व्हीकल एक्ट में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान राशि काफ़ी बढ़ा दी गई है, ऐसे में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां पर वाहन चालकों और ट्रैफिक पुलिस के बीच चालान को लेकर कहासुनी हो गई। इस तरह की घटनाओं के बाद वाहन चालकों ने ट्रैफिक पुलिस पर बदसलूकी करने के आरोप लगाए हैं।
कई वाहन चालकों का आरोप है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट जब से लागू हुआ है, तभी से इसका पालन करवाने के नाम पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वाहन चालकों से बदसलूकी कर रहे हैं। वाहन चालकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस से चालान के बारे में सवाल करने पर, या नियमों के बारे में पूछने पर पुलिसकर्मी उनके साथ बदसलूकी करने लगते हैं। दरअसल, देखा गया है कि वाहन और उससे सम्बन्धित दस्तावेज़ों की चैकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस आमतौर पर वाहन की चाबी निकाल लेती है, या फ़िर ज़्यादा विवाद होने की स्थिति में वाहन के पहियों की हवा निकाल देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने का ट्रैफिक पुलिस को कोई भी अधिकार नहीं है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट ट्रैफिक पुलिस को ना ही वाहन की चाबी निकालने का अधिकार देता है और न ही वाहन के पहियों की हवा निकालने का अधिकार देता है। नये मोटर व्हीकल एक्ट में भी इस तरह का ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है। वहीं ट्रैफिक पुलिस को वाहन चालक के साथ किसी भी तरह की बदतमीजी, बदसलूकी, मारपीट और गाली देने का कोई भी अधिकार नहीं है।
मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के मुताबिक़, ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी यदि आपको वाहन चलाते समय रुकने का इशारा करता है तो उसके इशारे पर आपको रूकना होगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मी को अधिकार है कि वो चैकिंग के दौरान वाहन चालक से ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के तमाम दस्तावेज़ दिखाने मांग सकता है। वहीं ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन चालक के हैलमेट नहीं पहनने या फ़िर सीट बैल्ट नहीं पहने होने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर चालान काट सकता है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन की चाबी नहीं निकाल सकता है, और ना ही वाहन के पहियों से हवा निकाल सकता है। यदि ट्रैफिक पुलिसकर्मी ऐसा करता है, तो वाहन चालक को इसका वीडियो बनाने का पूरा अधिकार है।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा वाहन की चाबी निकालने या फ़िर वाहन के पहियों से हवा निकालने का वीडियो बनाकर वाहन चालक सबूत के तौर पर इसे प्रस्तुत कर पुलिस के उच्चाधिकारियों को इसकी लिखित में शिकायत कर सकता है, जिसके बाद उस पर विभागीय कार्रवाई करने की ज़िम्मेदारी उच्चाधिकारियों की रहेगी। वहीं यदि वाहन चालक का पक्ष सही है, लेकिन उसके बाद भी उच्चाधिकारी उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो वाहन चालक इस मामले को हाईकोर्ट में ले जा सकता है।
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के लिए यदि वाहन चालक ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाला है यानी कि बीपीएल हैं, महिला या विकलांग है तो उसको मुफ़्त क़ानूनी सहायता मिलेगी। वाहन चालक को यदि लगता है कि उसके मानव अधिकार का उल्लंघन हुआ है, तो वो इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग में भी कर सकता है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होने पर यदि वाहन चालक का पक्ष सही साबित हुआ, तो दोषी ट्रैफिक पुलिसकर्मी को निलम्बित किया जा सकता है और उस पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं करने वाले उच्चाधिकारियों से भी इस मामले में सवाल किया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मारपीट करने, गाली देने, वाहन की चाबी निकालने और वाहन के पहियों की हवा निकालने का अधिकार नहीं देता है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ट्रैफिक पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पाये जाने पर वाहन चालक का चालान काट सकता है और वाहन जब्त कर सकता है। तो हमारी आपको सलाह है कि आप ट्रैफिक नियमों का सही से पालन करें। वहीं यदि आप ट्रैफिक नियमों का पालन सही तरीक़े से कर रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी आपके साथ बदसलूकी करता है या फ़िर वाहन की चाबी निकालता है, या वाहन के पहियों की हवा निकालता है तो आपको इसकी शिकायत करने का पूरा अधिकार है।
SEP 10 (WTN) – जब से देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ है, तभी से इसको लेकर वाहन चालकों में कही डर है तो कहीं पर असमंजस है। देखा गया है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से ट्रैफिक पुलिस चालान बनाने के लिए पहले की तुलना में बहुत ज़्यादा सक्रिय हो गई है। जैसा कि आप जानते हैं कि नये मोटर व्हीकल एक्ट में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान राशि काफ़ी बढ़ा दी गई है, ऐसे में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां पर वाहन चालकों और ट्रैफिक पुलिस के बीच चालान को लेकर कहासुनी हो गई। इस तरह की घटनाओं के बाद वाहन चालकों ने ट्रैफिक पुलिस पर बदसलूकी करने के आरोप लगाए हैं।
कई वाहन चालकों का आरोप है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट जब से लागू हुआ है, तभी से इसका पालन करवाने के नाम पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वाहन चालकों से बदसलूकी कर रहे हैं। वाहन चालकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस से चालान के बारे में सवाल करने पर, या नियमों के बारे में पूछने पर पुलिसकर्मी उनके साथ बदसलूकी करने लगते हैं। दरअसल, देखा गया है कि वाहन और उससे सम्बन्धित दस्तावेज़ों की चैकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस आमतौर पर वाहन की चाबी निकाल लेती है, या फ़िर ज़्यादा विवाद होने की स्थिति में वाहन के पहियों की हवा निकाल देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने का ट्रैफिक पुलिस को कोई भी अधिकार नहीं है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट ट्रैफिक पुलिस को ना ही वाहन की चाबी निकालने का अधिकार देता है और न ही वाहन के पहियों की हवा निकालने का अधिकार देता है। नये मोटर व्हीकल एक्ट में भी इस तरह का ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है। वहीं ट्रैफिक पुलिस को वाहन चालक के साथ किसी भी तरह की बदतमीजी, बदसलूकी, मारपीट और गाली देने का कोई भी अधिकार नहीं है।
मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के मुताबिक़, ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी यदि आपको वाहन चलाते समय रुकने का इशारा करता है तो उसके इशारे पर आपको रूकना होगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मी को अधिकार है कि वो चैकिंग के दौरान वाहन चालक से ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के तमाम दस्तावेज़ दिखाने मांग सकता है। वहीं ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन चालक के हैलमेट नहीं पहनने या फ़िर सीट बैल्ट नहीं पहने होने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर चालान काट सकता है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन की चाबी नहीं निकाल सकता है, और ना ही वाहन के पहियों से हवा निकाल सकता है। यदि ट्रैफिक पुलिसकर्मी ऐसा करता है, तो वाहन चालक को इसका वीडियो बनाने का पूरा अधिकार है।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा वाहन की चाबी निकालने या फ़िर वाहन के पहियों से हवा निकालने का वीडियो बनाकर वाहन चालक सबूत के तौर पर इसे प्रस्तुत कर पुलिस के उच्चाधिकारियों को इसकी लिखित में शिकायत कर सकता है, जिसके बाद उस पर विभागीय कार्रवाई करने की ज़िम्मेदारी उच्चाधिकारियों की रहेगी। वहीं यदि वाहन चालक का पक्ष सही है, लेकिन उसके बाद भी उच्चाधिकारी उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो वाहन चालक इस मामले को हाईकोर्ट में ले जा सकता है।
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के लिए यदि वाहन चालक ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाला है यानी कि बीपीएल हैं, महिला या विकलांग है तो उसको मुफ़्त क़ानूनी सहायता मिलेगी। वाहन चालक को यदि लगता है कि उसके मानव अधिकार का उल्लंघन हुआ है, तो वो इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग में भी कर सकता है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होने पर यदि वाहन चालक का पक्ष सही साबित हुआ, तो दोषी ट्रैफिक पुलिसकर्मी को निलम्बित किया जा सकता है और उस पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं करने वाले उच्चाधिकारियों से भी इस मामले में सवाल किया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मारपीट करने, गाली देने, वाहन की चाबी निकालने और वाहन के पहियों की हवा निकालने का अधिकार नहीं देता है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ट्रैफिक पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते पाये जाने पर वाहन चालक का चालान काट सकता है और वाहन जब्त कर सकता है। तो हमारी आपको सलाह है कि आप ट्रैफिक नियमों का सही से पालन करें। वहीं यदि आप ट्रैफिक नियमों का पालन सही तरीक़े से कर रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी आपके साथ बदसलूकी करता है या फ़िर वाहन की चाबी निकालता है, या वाहन के पहियों की हवा निकालता है तो आपको इसकी शिकायत करने का पूरा अधिकार है।