बस अब सिर्फ़ एक कॉल पर ब्लॉक होगा गुमा या चोरी हुआ मोबाइल!
Friday - September 13, 2019 11:58 am ,
Category : WTN HINDI
करोड़ों मोबाइल का IMEI आधारित डेटाबस तैयार
मोदी सरकार की नई पहल से आसानी से ब्लॉक होगा गुमा या चोरी हुआ मोबाइल
SEP 13 (WTN) – देश में संचार क्रान्ति के बाद करोड़ों लोगों के पास मोबाइल फोन है। वहीं इंटरनेट क्रान्ति के बाद देश में स्मार्टफोन यूज़र्स की तादात भी बहुत तेज़ी से बढ़ी है। एक सर्वे के मुताबिक़, एक आम भारतीय व्यक्ति अपना काफ़ी समय मोबाइल फोन के साथ बिताता है। कई ऐसे काम, जिन्हें करने के लिए आपको पहले लाइन में लगना पड़ता था अब वे ही काम बड़ी आसानी से स्मार्टफोन पर हो जाते हैं।
कई कामों को स्मार्टफोन पर ही निपटाने के लिए स्मार्टफोन यूज़र्स अपने ज़रूरी दस्तावेज़ स्मार्टफोन में अपलोड करके रखते हैं। वहीं बैंकिंग सम्बन्धित काम भी स्मार्टफोन यूज़र्स अपने स्मार्टफोन में ही कर लेते हैं। लेकिन आम इंसान की एक बहुत बड़ी ज़रूरत बन गया स्मार्टफोन जब गुम हो जाता है या फ़िर चोरी हो जाता है, तो डर रहता है कि स्मार्टफोन के गुम होने से उसमें अपलोडेड ज़रूरी दस्तावेज़ किसी ग़लत इंसान के हाथ लग सकते हैं। वहीं स्मार्टफोन का ग़लत उपयोग कर कोई बैंकिंग सम्बन्धित फ्राड कर सकता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उसे ढूंढना काफ़ी मुश्किल होता है। हजारों में कुछ एक ही ख़ुशनसीब होते हैं जिन्हें उनका खोया हुआ मोबाइल फोन सुरक्षित मिल पाता है। देश में हर रोज हज़ारों की तादात में मोबाइल फोन गुम होते हैं या फ़िर चोरी होते हैं। मोबाइल फोन यूज़र्स को उनके गुम या चोरी हुए फोन जल्द से जल्द मिल सकें, इसके लिए केन्द्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा क़दम उठाया है।
दरअसल, देश में उपयोग में लाये जा रहे सभी मोबाइल का डेटाबेस रखने वाला Central Equipment Identity Register (CEIR) बनकर तैयार हो गया है। अब मोबाइल फोन गुम होने या फ़िर चोरी होने की दशा में इसकी शिकायत सीधे टोल फ्री नम्बर पर की जा सकेगी। Central Equipment Identity Register को C-DoT ने तैयार किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहसे इसकी शुरूआत महाराष्ट्र सर्किल में की गई है और इसका ट्रायल यहां पर पूरी तरह से सफ़ल रहा है।
गुम हुए या फ़िर चोरी हुए मोबाइल को लोग आसानी से ब्लॉक करा सकें, सरकार ने इसके एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया है। इस नये सिस्टम के मुताबिक़, फोन गुम या चोरी होने की शिकायत सबसे पहले पुलिस स्टेशन में कराना होगी और एक एफआईआर दर्ज कराना होगी। एफआईआर दर्ज कराने के बाद इसकी जानकारी ‘14422’ नम्बर पर देना होगी। शिकायत के बाद IMEI (International Mobile Equipment Identity) नम्बर के ज़रिये मोबाइल नम्बर ऑपरेटर्स मोबाइल के नेटवर्क को ब्लॉक कर सकेंगे। वहीं IMEI बदलने पर दूसरे IMEI से मैच करने पर भी मोबाइल ब्लॉक हो जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IMEI नम्बर बदलने पर तीन साल की सजा का प्रावधान भी किया गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Central Equipment Identity Register (CEIR) को बनाने का काम दूरसंचार विभाग की ओर से साल 2017 से हो रहा है। CEIR का पूरे डेटाबेस मोबाइल के 15 अंकों के IMEI नम्बर पर आधारित है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर जैसे ही CEIR में शिकायत दर्ज कराई जाएगी, दूरसंचार विभाग सम्बन्धित मोबाइल कम्पनी के साथ मिलकर मोबाइल के IMEI नम्बर को ब्लैकलिस्ट कर देगा, जिसके कारण भविष्य में इस हैण्डसेट पर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर पाएगा। CEIR मोबाइल कम्पनियों और मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों के साथ मिलकर गुमे या चोरी हुए मोबाइल को इस स्थिति में ला देगा कि उसका उपयोग नहीं हो सकेगा।
वहीं CEIR की GSMA के वैश्विक IMEI डेटाबेस तक भी पहुंच होगी, जिससे नकली हैण्डसेट की पहचान करने के लिए IMEI नम्बर की तुलना की जा सकेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि GSMA एक वैश्विक निकाय है, जो टेलीकॉम इकोसिस्टम में अन्य संस्थाओं के बीच सेलुलर ऑपरेटर्स, गियर निर्माताओं, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट कम्पनियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह हैण्डसेट चोरी के मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करेगा।
SEP 13 (WTN) – देश में संचार क्रान्ति के बाद करोड़ों लोगों के पास मोबाइल फोन है। वहीं इंटरनेट क्रान्ति के बाद देश में स्मार्टफोन यूज़र्स की तादात भी बहुत तेज़ी से बढ़ी है। एक सर्वे के मुताबिक़, एक आम भारतीय व्यक्ति अपना काफ़ी समय मोबाइल फोन के साथ बिताता है। कई ऐसे काम, जिन्हें करने के लिए आपको पहले लाइन में लगना पड़ता था अब वे ही काम बड़ी आसानी से स्मार्टफोन पर हो जाते हैं।
कई कामों को स्मार्टफोन पर ही निपटाने के लिए स्मार्टफोन यूज़र्स अपने ज़रूरी दस्तावेज़ स्मार्टफोन में अपलोड करके रखते हैं। वहीं बैंकिंग सम्बन्धित काम भी स्मार्टफोन यूज़र्स अपने स्मार्टफोन में ही कर लेते हैं। लेकिन आम इंसान की एक बहुत बड़ी ज़रूरत बन गया स्मार्टफोन जब गुम हो जाता है या फ़िर चोरी हो जाता है, तो डर रहता है कि स्मार्टफोन के गुम होने से उसमें अपलोडेड ज़रूरी दस्तावेज़ किसी ग़लत इंसान के हाथ लग सकते हैं। वहीं स्मार्टफोन का ग़लत उपयोग कर कोई बैंकिंग सम्बन्धित फ्राड कर सकता है।
जैसा कि आप जानते हैं कि मोबाइल फोन चोरी होने के बाद उसे ढूंढना काफ़ी मुश्किल होता है। हजारों में कुछ एक ही ख़ुशनसीब होते हैं जिन्हें उनका खोया हुआ मोबाइल फोन सुरक्षित मिल पाता है। देश में हर रोज हज़ारों की तादात में मोबाइल फोन गुम होते हैं या फ़िर चोरी होते हैं। मोबाइल फोन यूज़र्स को उनके गुम या चोरी हुए फोन जल्द से जल्द मिल सकें, इसके लिए केन्द्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा क़दम उठाया है।
दरअसल, देश में उपयोग में लाये जा रहे सभी मोबाइल का डेटाबेस रखने वाला Central Equipment Identity Register (CEIR) बनकर तैयार हो गया है। अब मोबाइल फोन गुम होने या फ़िर चोरी होने की दशा में इसकी शिकायत सीधे टोल फ्री नम्बर पर की जा सकेगी। Central Equipment Identity Register को C-DoT ने तैयार किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहसे इसकी शुरूआत महाराष्ट्र सर्किल में की गई है और इसका ट्रायल यहां पर पूरी तरह से सफ़ल रहा है।
गुम हुए या फ़िर चोरी हुए मोबाइल को लोग आसानी से ब्लॉक करा सकें, सरकार ने इसके एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया है। इस नये सिस्टम के मुताबिक़, फोन गुम या चोरी होने की शिकायत सबसे पहले पुलिस स्टेशन में कराना होगी और एक एफआईआर दर्ज कराना होगी। एफआईआर दर्ज कराने के बाद इसकी जानकारी ‘14422’ नम्बर पर देना होगी। शिकायत के बाद IMEI (International Mobile Equipment Identity) नम्बर के ज़रिये मोबाइल नम्बर ऑपरेटर्स मोबाइल के नेटवर्क को ब्लॉक कर सकेंगे। वहीं IMEI बदलने पर दूसरे IMEI से मैच करने पर भी मोबाइल ब्लॉक हो जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IMEI नम्बर बदलने पर तीन साल की सजा का प्रावधान भी किया गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Central Equipment Identity Register (CEIR) को बनाने का काम दूरसंचार विभाग की ओर से साल 2017 से हो रहा है। CEIR का पूरे डेटाबेस मोबाइल के 15 अंकों के IMEI नम्बर पर आधारित है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर जैसे ही CEIR में शिकायत दर्ज कराई जाएगी, दूरसंचार विभाग सम्बन्धित मोबाइल कम्पनी के साथ मिलकर मोबाइल के IMEI नम्बर को ब्लैकलिस्ट कर देगा, जिसके कारण भविष्य में इस हैण्डसेट पर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर पाएगा। CEIR मोबाइल कम्पनियों और मोबाइल नेटवर्क कम्पनियों के साथ मिलकर गुमे या चोरी हुए मोबाइल को इस स्थिति में ला देगा कि उसका उपयोग नहीं हो सकेगा।
वहीं CEIR की GSMA के वैश्विक IMEI डेटाबेस तक भी पहुंच होगी, जिससे नकली हैण्डसेट की पहचान करने के लिए IMEI नम्बर की तुलना की जा सकेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि GSMA एक वैश्विक निकाय है, जो टेलीकॉम इकोसिस्टम में अन्य संस्थाओं के बीच सेलुलर ऑपरेटर्स, गियर निर्माताओं, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट कम्पनियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह हैण्डसेट चोरी के मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करेगा।