‘इन’ तरीक़ों को अपनाकर बचें ऑनलाइन फ्रॉड से
Wednesday - September 25, 2019 4:04 pm ,
Category : WTN HINDI
बढ़ रहे हैं ऑनलाइन फ्रॉड के मामले
कई तरीक़ों से आपको फंसाने के चक्कर में हैं हैकर्स, आप हो सकते हैं फ्रॉड का शिकार
SEP 25 (WTN) – भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में इंटरनेट का इस्तेमाल अब सामान्य सी बात है। आजकल ज़्यादातर लोग अपने ज़रूरत के काम ऑनलाइन ही निपटा रहे हैं। पहले जिन कामों के लिए आपको घण्टों लाइन में लगना पड़ता था, आजकल वही काम चंद सेकेण्ड में कम्प्यूटर या मोबाइल पर हो जाते हैं। लेकिन इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय यूज़र की लापरवाही और जल्दबाज़ी उसे ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बना सकती है और उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानि भी हो सकती है। आज हम आपको बताते हैं कि आप किन तरीक़ों को अपनाकर ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं।
जब भी बैंकिंग या वित्त सम्बन्धित कोई भी काम ऑनलाइन करें तो देख लें कि सम्बन्धित वेबसाइट हमेशा https (Hypertext Transfer Protocol Secure) से ही शुरू होना चाहिए। वहीं इसके शुरू में लॉक यानी कि ताले का निशान बना होना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी वेबसाइट की शुरूआत यदि https से हो रही है तो इसका मतलब है कि सम्बन्धित वेबसाइट पूरी तरह से सुरक्षित है। तो अब जब भी वित्त या बैंकिंग सम्बन्धित कोई भी काम करें, ज़रूर पहले यह चेक कर लें कि वेबसाइट https से शुरू हो रही है कि नहीं?
जब भी ऑनलाइन कोई भी काम करें, किसी भी तरह के पॉप अप विण्डो, विज्ञापन और वॉर्निंग से सचेत रहें। ऐसा इसलिए, क्योकि इन्हीं के ज़रिये हैकर्स फ्रॉड करने की कोशिश करते हैं। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी अपनी निजी जानकारियों को पॉप अप में साझा ना करें, क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो आपकी निजी जानकारी चुराकर हैकर्स आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ऐसा नहीं है कि हैकर्स सिर्फ़ वेबसाइट के ज़रिये ही आपको फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं। याद रखिए, हैकर्स कॉल करके या फ़िर ई-मेल के ज़रिये भी आपको फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी फोन कॉल पर या फ़िर ई-मेल के ज़रिये अपनी व्यक्तिगत जानकारियां, बैंक डिटेल्स, ओटीपी और बैंक पासवर्ड किसी से भी शेयर ना करें।
कई बार आपको आपके मोबाइल पर अनजान नम्बर से कोई मैसेज आता है, इस मैसेज में कई बार कोई लिंक दी गई होती है। लिंक वाले मैसेज में आपसे मैसेज में दी गई लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है। हमारी आपको सलाह है कि इस तरह के लिंक पर कभी भी क्लिक ना करें, क्योंकि यदि आप इन लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपके मोबाइल में वायरस इंटर कर करता है और ये वायरस आपकी निजी जानकारियां और बैंकिंग सम्बन्धित डिटेल्स चुरा सकता है।
हर व्यक्ति में दया की भावना होना चाहिए और ज़रूरतमंद लोगों की मदद करना एक इन्सान का कर्तव्य है। लेकिन देखा गया है कि फ्रॉड करने वाले, लोगों की इसी भावना का फ़ायदा उठाकर उनसे पैसे जुटा लेते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झूठी बीमारी और कोई अन्य मनगढ़ंत मानवीय समस्याओं के जरिये कुछ लोग ऑनलाइन तरीक़े से पैसा जुगाड़ने की कोशिश करते हैं। दरअसल, से लोग क्राउड फण्डिंग का सहारा लेते हैं, जिसका शिकार बहुत से लोग हो जाते हैं। यदि आप किसी ज़रूरतमंद की ऑनलाइन वित्तीय सहायता करना चाहते हैं, तो सावधान रहें और पूरी तहकीकात करने के बाद ही किसी की ऑनलाइन वित्तीय मदद करें।
SEP 25 (WTN) – भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में इंटरनेट का इस्तेमाल अब सामान्य सी बात है। आजकल ज़्यादातर लोग अपने ज़रूरत के काम ऑनलाइन ही निपटा रहे हैं। पहले जिन कामों के लिए आपको घण्टों लाइन में लगना पड़ता था, आजकल वही काम चंद सेकेण्ड में कम्प्यूटर या मोबाइल पर हो जाते हैं। लेकिन इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय यूज़र की लापरवाही और जल्दबाज़ी उसे ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बना सकती है और उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानि भी हो सकती है। आज हम आपको बताते हैं कि आप किन तरीक़ों को अपनाकर ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं।
जब भी बैंकिंग या वित्त सम्बन्धित कोई भी काम ऑनलाइन करें तो देख लें कि सम्बन्धित वेबसाइट हमेशा https (Hypertext Transfer Protocol Secure) से ही शुरू होना चाहिए। वहीं इसके शुरू में लॉक यानी कि ताले का निशान बना होना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी वेबसाइट की शुरूआत यदि https से हो रही है तो इसका मतलब है कि सम्बन्धित वेबसाइट पूरी तरह से सुरक्षित है। तो अब जब भी वित्त या बैंकिंग सम्बन्धित कोई भी काम करें, ज़रूर पहले यह चेक कर लें कि वेबसाइट https से शुरू हो रही है कि नहीं?
जब भी ऑनलाइन कोई भी काम करें, किसी भी तरह के पॉप अप विण्डो, विज्ञापन और वॉर्निंग से सचेत रहें। ऐसा इसलिए, क्योकि इन्हीं के ज़रिये हैकर्स फ्रॉड करने की कोशिश करते हैं। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी अपनी निजी जानकारियों को पॉप अप में साझा ना करें, क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो आपकी निजी जानकारी चुराकर हैकर्स आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ऐसा नहीं है कि हैकर्स सिर्फ़ वेबसाइट के ज़रिये ही आपको फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं। याद रखिए, हैकर्स कॉल करके या फ़िर ई-मेल के ज़रिये भी आपको फ्रॉड का शिकार बना सकते हैं। हमारी आपको सलाह है कि कभी भी फोन कॉल पर या फ़िर ई-मेल के ज़रिये अपनी व्यक्तिगत जानकारियां, बैंक डिटेल्स, ओटीपी और बैंक पासवर्ड किसी से भी शेयर ना करें।
कई बार आपको आपके मोबाइल पर अनजान नम्बर से कोई मैसेज आता है, इस मैसेज में कई बार कोई लिंक दी गई होती है। लिंक वाले मैसेज में आपसे मैसेज में दी गई लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है। हमारी आपको सलाह है कि इस तरह के लिंक पर कभी भी क्लिक ना करें, क्योंकि यदि आप इन लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपके मोबाइल में वायरस इंटर कर करता है और ये वायरस आपकी निजी जानकारियां और बैंकिंग सम्बन्धित डिटेल्स चुरा सकता है।
हर व्यक्ति में दया की भावना होना चाहिए और ज़रूरतमंद लोगों की मदद करना एक इन्सान का कर्तव्य है। लेकिन देखा गया है कि फ्रॉड करने वाले, लोगों की इसी भावना का फ़ायदा उठाकर उनसे पैसे जुटा लेते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झूठी बीमारी और कोई अन्य मनगढ़ंत मानवीय समस्याओं के जरिये कुछ लोग ऑनलाइन तरीक़े से पैसा जुगाड़ने की कोशिश करते हैं। दरअसल, से लोग क्राउड फण्डिंग का सहारा लेते हैं, जिसका शिकार बहुत से लोग हो जाते हैं। यदि आप किसी ज़रूरतमंद की ऑनलाइन वित्तीय सहायता करना चाहते हैं, तो सावधान रहें और पूरी तहकीकात करने के बाद ही किसी की ऑनलाइन वित्तीय मदद करें।