अब डाटा के आधार पर कारोबारियों को 1 करोड़ रुपये तक का लोन देगी मोदी सरकार
Friday - September 27, 2019 3:52 pm ,
Category : WTN HINDI
सिर्फ़ 59 मिनिट में लोन वाली योजना जल्द हो सकती है चालू
ईमानदार कारोबारियों को सिर्फ़ 59 मिनिट में बिना किसी डॉक्युमेंट के लोन देगी मोदी सरकार
SEP 27 (WTN) – भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में कारोबर करने के बहुत से मौक़े हैं, लेकिन वहीं कारोबार में प्रतिस्पर्धा भी बहुत है। नोटबंदी होने के बाद से और जीएसटी लागू होने के बाद से बेईमानी से कारोबार करने वालों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ईमानदारी से कारोबार करने वालों के लिए मोदी सरकार नई-नई योजनाएं ला रही है। इसी कडी में मोदी सरकार छोटे कारोबारियों के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन बिना किसी डॉक्युमेन्ट के देने की तैयारी में है, वो भी सिर्फ़ 59 मिनिट में।
जीहां देश के छोटे कारोबारियों के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन अब बिना किसी दस्तावेज़ के देने की तैयारी मोदी सरकार ने कर ली है। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, नियमों का पालन करने वाले छोटे कारोबारियों को सिर्फ़ 59 मिनिट में ही 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकेगा।
लेकिन मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार की इस योजना का लाभ सिर्फ़ उन्हीं कारोबारियों को मिलेगा जो लगातार ईमानदार से जीएसटी रिटर्न फाइल कर रहे हैं। ऐसे ईमानदार कारोबारियों को अब बिना कोई दस्तावेज़ दिखाए ही सिर्फ़ 59 मिनिट में 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन आसानी से मिल जाएगा।
दरअसल, कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार वित्त मंत्रालय से जीएसटी एक्सप्रेस लोन योजना को मन्जूरी दे दी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काफ़ी समय पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना को शुरू करने के बारे में जानकारी दी थी। तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जल्द ही उनकी सरकार छोटे कारोबारियों को सिर्फ 59 मिनिट में लोन देने की तैयारी में है, वो भी बिना कोई डॉक्युमेन्ट को दिखाए।
यानी कि यदि आप कारोबारी हैं और नियमित रूप से अपना जीएसटी भरते हैं, तो आपको कोई भी दस्तावेज़ दिखाए बिना ही बैंक से 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन स्वीकृत हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की कारोबारियों के हित में लाए जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का नाम जीएसटी एक्सप्रेस लोन स्कीम है।
जानकारी के मुताबिक़, वित्त मंत्रालय की ओर से जीएसटी रिटर्न पर लोन देने के प्रस्ताव को मन्जूरी मिल चुकी है। बैंकों से लोन लेने में कारोबारियों को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना ना करना पड़े, इसके लिए सरकारी बैंकों में इस तरह की योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत व्यापारी, प्रोफेशनल्स, कम्पनी, फर्म और सहकारी संस्थाएं बिना किसी फाइनेंशियल दस्तावेज़ के सिर्फ़ 59 मिनिट की कार्रवाई में 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकेंगी।
यदि कारोबारी ईमानदारी से जीएसटी रिटर्न भर रहा है तो मोदी सरकार उसको कई तरह की और अन्य सहुलियतें भी देने जा रही है। इसी कड़ी में कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न के आधार पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीएसटी रिटर्न भरने वाले व्यापारी की लोन की रक़म सलाना टर्नओवर, सेल्स और collateral के आधार पर तय होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एफडी, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र या अचल सम्पत्ति को ही collateral या सहायक पूंजी माना जाता है।
दरअसल, अब आधुनिक जमाने में लोन लेने और देने का तरीक़ा भी बदल रहा है। अब लोन लेने के लिए सम्पत्ति को गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं है बल्कि इसके लिए डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। जीएसटी एक्सप्रेस लोन योजना के तहत व्यापारियों को जो लोन दिया जाएगा, वो उनके जीएसटी रिटर्न के डाटा के आधार पर दिया जाएगा और इस लोन को देने में डाटा का इस्तेमाल होगा, वो सम्पत्ति का डाटा नहीं होगा।
इस योजना के तहत दिया जाने वाला लोन कोलेटरल (collateral) यानी कि गिरवी आधारित लेंडिंग नहीं है बल्कि यह फ्लो बेस्ड लेंडिंग है। जैसा कि आप जानते हैं कि अभी भी छोटे कारोबारी, जिनके पास अपनी कोई एसेट नहीं होती है, वे लोन लेने के लिए अभी भी अपनी पूंजी प्रवाह का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब छोटे कारोबारियों को लोन के लिए किसी भी तरह की परेशानी उठाने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अब छोटे कारोबारी सिर्फ़ डाटा के आधार पर लोन हासिल कर सकेंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कारोबारियों को जो लोन सेंशन होगा उस पर रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) के तहत ही ब्याज दर हो सकती है। वहीं एक साल की अवधि वाले इस तरह के लोन को हर साल रिन्यू कराया जा सकेगा। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही OBC बैंक यानी कि ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स और कई अन्य सरकारी बैंकों में शुरू हो सकता है। तो यदि आप कारोबारी हैं और ईमानदारी से अपना जीएसटी रिटर्न भर रहे हैं, तो आप अपनी कारोबार की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आसानी से बिना किसी डॉक्युमेंट को दिखाए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकते हैं वो भी सिर्फ़ 59 मिनिट में।
SEP 27 (WTN) – भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में कारोबर करने के बहुत से मौक़े हैं, लेकिन वहीं कारोबार में प्रतिस्पर्धा भी बहुत है। नोटबंदी होने के बाद से और जीएसटी लागू होने के बाद से बेईमानी से कारोबार करने वालों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं ईमानदारी से कारोबार करने वालों के लिए मोदी सरकार नई-नई योजनाएं ला रही है। इसी कडी में मोदी सरकार छोटे कारोबारियों के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन बिना किसी डॉक्युमेन्ट के देने की तैयारी में है, वो भी सिर्फ़ 59 मिनिट में।
जीहां देश के छोटे कारोबारियों के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन अब बिना किसी दस्तावेज़ के देने की तैयारी मोदी सरकार ने कर ली है। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, नियमों का पालन करने वाले छोटे कारोबारियों को सिर्फ़ 59 मिनिट में ही 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकेगा।
लेकिन मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, मोदी सरकार की इस योजना का लाभ सिर्फ़ उन्हीं कारोबारियों को मिलेगा जो लगातार ईमानदार से जीएसटी रिटर्न फाइल कर रहे हैं। ऐसे ईमानदार कारोबारियों को अब बिना कोई दस्तावेज़ दिखाए ही सिर्फ़ 59 मिनिट में 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन आसानी से मिल जाएगा।
दरअसल, कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार वित्त मंत्रालय से जीएसटी एक्सप्रेस लोन योजना को मन्जूरी दे दी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काफ़ी समय पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना को शुरू करने के बारे में जानकारी दी थी। तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जल्द ही उनकी सरकार छोटे कारोबारियों को सिर्फ 59 मिनिट में लोन देने की तैयारी में है, वो भी बिना कोई डॉक्युमेन्ट को दिखाए।
यानी कि यदि आप कारोबारी हैं और नियमित रूप से अपना जीएसटी भरते हैं, तो आपको कोई भी दस्तावेज़ दिखाए बिना ही बैंक से 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन स्वीकृत हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की कारोबारियों के हित में लाए जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का नाम जीएसटी एक्सप्रेस लोन स्कीम है।
जानकारी के मुताबिक़, वित्त मंत्रालय की ओर से जीएसटी रिटर्न पर लोन देने के प्रस्ताव को मन्जूरी मिल चुकी है। बैंकों से लोन लेने में कारोबारियों को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना ना करना पड़े, इसके लिए सरकारी बैंकों में इस तरह की योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत व्यापारी, प्रोफेशनल्स, कम्पनी, फर्म और सहकारी संस्थाएं बिना किसी फाइनेंशियल दस्तावेज़ के सिर्फ़ 59 मिनिट की कार्रवाई में 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकेंगी।
यदि कारोबारी ईमानदारी से जीएसटी रिटर्न भर रहा है तो मोदी सरकार उसको कई तरह की और अन्य सहुलियतें भी देने जा रही है। इसी कड़ी में कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न के आधार पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीएसटी रिटर्न भरने वाले व्यापारी की लोन की रक़म सलाना टर्नओवर, सेल्स और collateral के आधार पर तय होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एफडी, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र या अचल सम्पत्ति को ही collateral या सहायक पूंजी माना जाता है।
दरअसल, अब आधुनिक जमाने में लोन लेने और देने का तरीक़ा भी बदल रहा है। अब लोन लेने के लिए सम्पत्ति को गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं है बल्कि इसके लिए डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। जीएसटी एक्सप्रेस लोन योजना के तहत व्यापारियों को जो लोन दिया जाएगा, वो उनके जीएसटी रिटर्न के डाटा के आधार पर दिया जाएगा और इस लोन को देने में डाटा का इस्तेमाल होगा, वो सम्पत्ति का डाटा नहीं होगा।
इस योजना के तहत दिया जाने वाला लोन कोलेटरल (collateral) यानी कि गिरवी आधारित लेंडिंग नहीं है बल्कि यह फ्लो बेस्ड लेंडिंग है। जैसा कि आप जानते हैं कि अभी भी छोटे कारोबारी, जिनके पास अपनी कोई एसेट नहीं होती है, वे लोन लेने के लिए अभी भी अपनी पूंजी प्रवाह का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब छोटे कारोबारियों को लोन के लिए किसी भी तरह की परेशानी उठाने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अब छोटे कारोबारी सिर्फ़ डाटा के आधार पर लोन हासिल कर सकेंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कारोबारियों को जो लोन सेंशन होगा उस पर रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) के तहत ही ब्याज दर हो सकती है। वहीं एक साल की अवधि वाले इस तरह के लोन को हर साल रिन्यू कराया जा सकेगा। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही OBC बैंक यानी कि ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स और कई अन्य सरकारी बैंकों में शुरू हो सकता है। तो यदि आप कारोबारी हैं और ईमानदारी से अपना जीएसटी रिटर्न भर रहे हैं, तो आप अपनी कारोबार की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आसानी से बिना किसी डॉक्युमेंट को दिखाए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकते हैं वो भी सिर्फ़ 59 मिनिट में।