मीलशियस ऐप्स से रहें सावधान, कर सकते हैं आपके स्मार्टफोन को ख़राब
Saturday - September 28, 2019 3:57 pm ,
Category : WTN HINDI
सोच समझकर कर करें किसी भी ऐप को डाउनलोड
झूठे दावों पर विश्वास कर इन्स्टाल ना करें कोई भी ऐप, पड़ सकता है महंगा
SEP 28 (WTN) - यदि आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए समय-समय पर अपने स्मार्टफोन की साइबर सुरक्षा करना काफ़ी ज़रूरी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि यदि आपने स्मार्टफोन के इस्तेमाल में लापरवाही बरती तो हो सकता है कि आपका स्मार्टफोन वायरस, मैलवेयर या हैकिंग का शिकार हो जाए। वहीं समय-समय पर आपको अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड किये गये ऐप्स को अपडेट रखना भी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हो सकता है कि आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड किये गये ऐप्स में मैलवेयर का अटैक हो गया हो।
दरअसल, हम यह सब आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि क्विक हील सिक्युरिटी (Quick Heal Security) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, गूगल प्ले स्टोर में 29 मीलशियस ऐप्स (Malicious Apps) को खोजा गया है। आपकी जनकारी के लिए बता दें कि यह ऐप्स इतने पॉपुलर हैं कि इन्हें एक करोड़ से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। हालांकि, इन ऐप्स में मीलशियस ऐप्स आने की बात सामने आने पर गूगल ने इन सभी 29 ऐप्स को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन 29 ऐप्स में से एक ऐप का नाम multi app multiple accounts simultaneously है। इस ऐप को क़रीब 50 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। वहीं इन 29 मीलशियस ऐप्स में से 24 ऐप्स 'HiddAd' कैटेगरी के हैं, जो कि इन्स्टॉल होने के साथ ही आईकन को छिपा देते हैं और होमपेज पर एक शार्टकट बना देते हैं। क्विकहील सिक्युरिटी के अनुसार इनका ऐसा करने का मकसद होता है कि इनको ड्रैग करके अनइन्स्टॉल न किया जा सके।
इन 29 मीलशियस ऐप्स में से बाक़ी के 5 'Adware' कैटेगरी के ऐप्स हैं जो कि विज्ञापन के ज़रिये आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई बार तो यह ऐप्स इस तरह के फ़ीचर्स देने का दावा करते हैं, जो कि आमतौर पर सम्भव नहीं है और यूज़र्स इन्हीं दावों पर विश्वास पर इन्हें इन्स्टॉल कर लेता है। जैसे कि कई ऐप्स तो एक्स-रे स्कैनिंग का दावा करते हैं। यूज़र्स को झूठे दावे करने वाले इस तरह के कई ऐप्स 10 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड हो चुके हैं।
वहीं इनमें से कई ऐप्स तो मैग्नीफाइंग व्यू को दिखाने तक का दावा करते हैं, लेकिन हक़ीक़त में यह सिर्फ़ विज्ञापन ही दिखाते हैं, और इसके कारण यूज़र्स के स्मार्टफोन की बैटरी पूरी तरह से ड्रेन हो जाती है। इतना ही नहीं, इस तरह के ऐप्स कई बार तो ऐसे विज्ञापन भी दिखाते हैं जो कि पूरे स्क्रीन पर फैल जाते हैं और इसे कट करने का विकल्प भी यूज़र्स के पास नहीं होता है, जिसके कारण मज़बूरी में यूज़र्स को पूरा विज्ञापन देखना पड़ता है।
तो हमारी आपको सलाह है कि यदि आपके स्मार्टफोन में झूठे दावे करने वाले इस तरह के ऐप्स हैं तो उन्हें फौरन अनइन्स्टाल कर दें, क्योंकि ऐसे ऐप आपको स्मार्टफोन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। याद रखिए, स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते समय आप जितने सतर्क रहेंगे उतना ही आप स्मार्टफोन में होने वाले वायरस अटैक से बच सकेंगे।
SEP 28 (WTN) - यदि आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए समय-समय पर अपने स्मार्टफोन की साइबर सुरक्षा करना काफ़ी ज़रूरी है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि यदि आपने स्मार्टफोन के इस्तेमाल में लापरवाही बरती तो हो सकता है कि आपका स्मार्टफोन वायरस, मैलवेयर या हैकिंग का शिकार हो जाए। वहीं समय-समय पर आपको अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड किये गये ऐप्स को अपडेट रखना भी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि हो सकता है कि आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड किये गये ऐप्स में मैलवेयर का अटैक हो गया हो।
दरअसल, हम यह सब आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि क्विक हील सिक्युरिटी (Quick Heal Security) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, गूगल प्ले स्टोर में 29 मीलशियस ऐप्स (Malicious Apps) को खोजा गया है। आपकी जनकारी के लिए बता दें कि यह ऐप्स इतने पॉपुलर हैं कि इन्हें एक करोड़ से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। हालांकि, इन ऐप्स में मीलशियस ऐप्स आने की बात सामने आने पर गूगल ने इन सभी 29 ऐप्स को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन 29 ऐप्स में से एक ऐप का नाम multi app multiple accounts simultaneously है। इस ऐप को क़रीब 50 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। वहीं इन 29 मीलशियस ऐप्स में से 24 ऐप्स 'HiddAd' कैटेगरी के हैं, जो कि इन्स्टॉल होने के साथ ही आईकन को छिपा देते हैं और होमपेज पर एक शार्टकट बना देते हैं। क्विकहील सिक्युरिटी के अनुसार इनका ऐसा करने का मकसद होता है कि इनको ड्रैग करके अनइन्स्टॉल न किया जा सके।
इन 29 मीलशियस ऐप्स में से बाक़ी के 5 'Adware' कैटेगरी के ऐप्स हैं जो कि विज्ञापन के ज़रिये आपके स्मार्टफोन में डाउनलोड हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई बार तो यह ऐप्स इस तरह के फ़ीचर्स देने का दावा करते हैं, जो कि आमतौर पर सम्भव नहीं है और यूज़र्स इन्हीं दावों पर विश्वास पर इन्हें इन्स्टॉल कर लेता है। जैसे कि कई ऐप्स तो एक्स-रे स्कैनिंग का दावा करते हैं। यूज़र्स को झूठे दावे करने वाले इस तरह के कई ऐप्स 10 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड हो चुके हैं।
वहीं इनमें से कई ऐप्स तो मैग्नीफाइंग व्यू को दिखाने तक का दावा करते हैं, लेकिन हक़ीक़त में यह सिर्फ़ विज्ञापन ही दिखाते हैं, और इसके कारण यूज़र्स के स्मार्टफोन की बैटरी पूरी तरह से ड्रेन हो जाती है। इतना ही नहीं, इस तरह के ऐप्स कई बार तो ऐसे विज्ञापन भी दिखाते हैं जो कि पूरे स्क्रीन पर फैल जाते हैं और इसे कट करने का विकल्प भी यूज़र्स के पास नहीं होता है, जिसके कारण मज़बूरी में यूज़र्स को पूरा विज्ञापन देखना पड़ता है।
तो हमारी आपको सलाह है कि यदि आपके स्मार्टफोन में झूठे दावे करने वाले इस तरह के ऐप्स हैं तो उन्हें फौरन अनइन्स्टाल कर दें, क्योंकि ऐसे ऐप आपको स्मार्टफोन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। याद रखिए, स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते समय आप जितने सतर्क रहेंगे उतना ही आप स्मार्टफोन में होने वाले वायरस अटैक से बच सकेंगे।