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जानिए क्यों बदल रहा है ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का प्रारूप?

Tuesday - October 1, 2019 10:48 am , Category : WTN HINDI
पूरे देश में एक से प्रारूप के होंगे ड्राइविंग लाइसेंस
पूरे देश में एक से प्रारूप के होंगे ड्राइविंग लाइसेंस

ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में लगेगा क्यूआर कोड, तुरन्त पता लगेगी ड्राइवर और वाहन की पूरी जानकारी
 
OCT 01 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन होने के बाद से पूरे देश में ट्रैफिक नियमों में कई सारे बदलाव हुए हैं। इन्हीं बदलावों में एक नया बदलाव अब ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में भी होने जा रहा है। यदि आपको पास पुराना ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी है, तो उसे आपको नये प्रारूप में बनवाना होगा। आख़िर पुराने ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की जगह पर नये प्रारूप का ड्राइविंग लाइसेंस क्यों बन रहा है, आइये इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक अक्टूबर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियम में बदलाव हो गया है। वहीं यदि आपके पास पुराना ड्राइविंग लाइसेंस है तो इसे आपको नये प्रारूप में बनवाना होगा। हालांकि, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसे नये प्रारूप में परिवर्तित करवाने में आपको परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
 
आप सोच रहे होंगे कि आख़िर ऐसा किया क्यों जा रहा है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नये नियम के बाद से पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) एक ही रंग का हो जाएगा। इतना ही नहीं नये प्रारूप के ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में माइक्रोचिप के अलावा क्यूआर कोड भी दिए जाएंगे। दरअसल, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में क्यूआर कोड होने के कारण अब ड्राइवर और गाड़ी का मालिक कोई भी अपना पिछला रिकॉर्ड छुपा नहीं सकेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में क्यूआर कोड को रीड करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हैंडी ट्रैकिंग डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी। दरअसल, इन नए बदलावों के चलते सरकार अब से वाहनों और ड्राइवरों का ऑनलाइन डाटाबेस भी तैयार कर सकेगी, जिससे भविष्य में सरकार को योजनाएं बनाने में इस डेटा का उपयोग किया जा सके।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक जो नियम था उसके मुताबिक़, देश के हर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का प्रारूप अलग-अलग होता है। लेकिन अब नये नियम के आने से पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का प्रारूप और रंग एक जैसा हो जाएगा। यानी कि अब पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की रंग, प्रारूप और सिक्योरिटी फ़ीचर्स एक समान होने जा रहे हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में माइक्रोचिप और क्यूआर कोड फ़ीचर लगाने के पीछे सरकार का मक़सद है कि इसकी मदद से केन्द्रीय डेटा बेस से ड्राइवर या वाहन के बारे में पूरा रिकॉर्ड निकाला जा सकेगा। वहींं हर चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के पीछे एक इमरजेंसी नम्बर भी लिखा रहेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या कोई अन्य व्यक्ति इस नम्बर पर सम्पर्क कर सकेगा।

कहा जा सकता है कि सरकार की इस पहल से पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी एक ही प्रारूप में होंगे। वहीं नये सिक्टोरिटी फ़ीचर्स से वाहन चालक को भी सुविधा होगी साथ ही इससे सरकार के पास वाहन चालक और वाहन का पूरा डेटा उपलब्ध हो सकेगा। वहीं आपात स्थिति में वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी पर लिखे इमरजेंसी नम्बर की सहायता से उसके परिजनों से सम्पर्क किया जा सकेगा।