आपके बहुत काम के हैं गूगल के नये टूल्स
Friday - October 4, 2019 1:49 pm ,
Category : WTN HINDI
समय-समय पर गूगल लॉन्च करता रहता है नये-नये टूल्स
गूगल टूल्स फ़ीचर्स इंटरनेट पर आपको रखेंगे पहले से ज़्यादा सुरक्षित
OCT 04 (WTN) – यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो निसंदेह आप गूगल का इस्तेमाल तो कर ही रहे होंगे। सर्च इंजन गूगल समय-समय पर अपने यूज़र्स की सुविधा और सुरक्षा के लिए नये-नये फ़ीचर्स लॉन्च करता रहता है। इसी कड़ी में गूगल ने यूज़र्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए नये टूल्स जारी किए हैं। क्या हैं यह नये टूल्स और यह टूल्स किस तरह से आपके लिए उपयोगी हैं, आइये इसकी जानकारी आपको देते हैं।
दरअसल, गूगल के इन नये टूल्स फ़ीचर्स की मदद से यूज़र्स गूगल से जुड़ी हुई ऐप्स और वेबसाइट्स पर अपनी डेटा हिस्ट्री को नियंत्रित कर पाएंगे। गूगल का दावा है कि नये टूल्स की मदद से यूज़र्स के डेटा को पहले की तुलना में बेहतर तरीक़े से सुरक्षित रखा जा सकेगा। तो आइये जानते हैं गूगल के इन टूल्स के बारे में विस्तार से।
सबसे पहले आपको बताते हैं गूगल के पासवर्ड चेकअप टूल के बारे में। गूगल का पासवर्ड चेक अप टूल गूगल क्रोम (Chrome) में सेव किए गए सभी पासवर्ड्स को अपने आप ऑडिट करेगा। गूगल का दावा है कि पासवर्ड चेकअप टूल का इस्तेमाल करने से यूज़र्स को यह मालूम चल जाएगा कि उनके अकाउण्ट को कोई और तो इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
इतना ही नहीं, गूगल का दावा है कि पासवर्ड चेकअप टूल यूज़र्स के लिए काफ़ी मददगार साबित होगा। गूगल का कहना है कि यदि यूज़र का कोई भी पासवर्ड ब्रेक होगा, तो इसकी जानकारी यूज़र को तुरन्त ही मिल जाएगी। वैसे एक रिपोर्ट के मुताबिक़, हर वो व्यक्ति जो इंटरनेट का इस्तेमाल कम्प्यूटर या स्मार्टफोन में करता है, उसके पास कम से कम 27 अकाउण्ट होते हैं और इन सभी अकाउण्ट के पासवर्ड का वो समय-समय पर इस्तेमाल करता है।
गूगल के मुताबिक़ यदि किसी यूज़र के सभी अकाउण्ट के पासवर्ड्स गूगल क्रोम (Chrome) में सेव हैं तो यूज़र सिर्फ़ एक क्लिक में ही उनकी सुरक्षा को चेक कर सकता है। वैसे गूगल ने अपने सभी यूज़र्स को सलाह है कि वे अपने अकाउण्ट्स के लिए अलग-अलग पासवर्ड ही रखें। पासवर्ड चेक अप टूल के अलावा गूगल अपने प्लेटफॉर्म को इंटरनेट पर पहले से और भी ज़्यादा सुरक्षित रखने के लिए तीन और नये टूल लॉन्च करने जा रहा है। क्या हैं यह तीन नये टूल्स, आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
अब गूगल असिस्टेंट यूज़र्स को अपनी सब डेटा हिस्ट्री क्लियर करने का मौक़ा मिलेगा। इतना ही नहीं गूगल असिस्टेंट के यूज़र्स सात दिन पहले की अपनी डेटा की हिस्ट्री भी क्लियर कर सकते हैं। हालांकि, गूगल के इस नये फ़ीचर के लिए यूज़र्स को कुछ दिन इंतज़ार करना होगा। जैसे ही गूगल का यह नया टूल लॉन्च होगा, गूगल My Activity के पेज पर यूज़र्स को इस नये फ़ीचर को इस्तेमाल करने की पूरी जानकारी दी जाएगी।
गूगल के एक और टूल की बात करें तो अब यूज़र्स के लिए गूगल मेप्स पर कम्पनी यूट्यूब और क्रोम (Chrome) की तरह Incognito मोड देने जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Incognito मोड मिल जाने के बाद यूज़र्स के पास गूगल मेप्स पर अपने एक्टिविटी को टर्न ऑफ़ करने का ऑप्शन रहेगा, यानी कि जो भी यूज़र्स यह नहीं चाहते हैं कि गूगल को उनकी एक्टिविटी का डेटा नहीं मिले वह Incognito मोड को ऑन कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि एण्ड्रॉइड यूज़र्स को गूगल का यह नया टूल जल्द ही मिल सकता है।
अब आपको बताते हैं गूगल के एक और नये टूल के बारे में। गूगल का एक नया फ़ीचर यूज़र्स को अपनी लोकेशन, डेटा, ब्राउजिंग हिस्ट्री और ऐप्स की एक्टिविटी को अपने आप डिलीट करने का विकल्प देगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल का यह नया फ़ीचर पहले एण्ड्रॉयड के यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर काम करेगा। वहीं इसमें डेटा हिस्ट्री को डिलीट करने के लिए यूज़र्स एक निश्चित समय को सेट भी कर सकते हैं।
OCT 04 (WTN) – यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो निसंदेह आप गूगल का इस्तेमाल तो कर ही रहे होंगे। सर्च इंजन गूगल समय-समय पर अपने यूज़र्स की सुविधा और सुरक्षा के लिए नये-नये फ़ीचर्स लॉन्च करता रहता है। इसी कड़ी में गूगल ने यूज़र्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए नये टूल्स जारी किए हैं। क्या हैं यह नये टूल्स और यह टूल्स किस तरह से आपके लिए उपयोगी हैं, आइये इसकी जानकारी आपको देते हैं।
दरअसल, गूगल के इन नये टूल्स फ़ीचर्स की मदद से यूज़र्स गूगल से जुड़ी हुई ऐप्स और वेबसाइट्स पर अपनी डेटा हिस्ट्री को नियंत्रित कर पाएंगे। गूगल का दावा है कि नये टूल्स की मदद से यूज़र्स के डेटा को पहले की तुलना में बेहतर तरीक़े से सुरक्षित रखा जा सकेगा। तो आइये जानते हैं गूगल के इन टूल्स के बारे में विस्तार से।
सबसे पहले आपको बताते हैं गूगल के पासवर्ड चेकअप टूल के बारे में। गूगल का पासवर्ड चेक अप टूल गूगल क्रोम (Chrome) में सेव किए गए सभी पासवर्ड्स को अपने आप ऑडिट करेगा। गूगल का दावा है कि पासवर्ड चेकअप टूल का इस्तेमाल करने से यूज़र्स को यह मालूम चल जाएगा कि उनके अकाउण्ट को कोई और तो इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
इतना ही नहीं, गूगल का दावा है कि पासवर्ड चेकअप टूल यूज़र्स के लिए काफ़ी मददगार साबित होगा। गूगल का कहना है कि यदि यूज़र का कोई भी पासवर्ड ब्रेक होगा, तो इसकी जानकारी यूज़र को तुरन्त ही मिल जाएगी। वैसे एक रिपोर्ट के मुताबिक़, हर वो व्यक्ति जो इंटरनेट का इस्तेमाल कम्प्यूटर या स्मार्टफोन में करता है, उसके पास कम से कम 27 अकाउण्ट होते हैं और इन सभी अकाउण्ट के पासवर्ड का वो समय-समय पर इस्तेमाल करता है।
गूगल के मुताबिक़ यदि किसी यूज़र के सभी अकाउण्ट के पासवर्ड्स गूगल क्रोम (Chrome) में सेव हैं तो यूज़र सिर्फ़ एक क्लिक में ही उनकी सुरक्षा को चेक कर सकता है। वैसे गूगल ने अपने सभी यूज़र्स को सलाह है कि वे अपने अकाउण्ट्स के लिए अलग-अलग पासवर्ड ही रखें। पासवर्ड चेक अप टूल के अलावा गूगल अपने प्लेटफॉर्म को इंटरनेट पर पहले से और भी ज़्यादा सुरक्षित रखने के लिए तीन और नये टूल लॉन्च करने जा रहा है। क्या हैं यह तीन नये टूल्स, आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
अब गूगल असिस्टेंट यूज़र्स को अपनी सब डेटा हिस्ट्री क्लियर करने का मौक़ा मिलेगा। इतना ही नहीं गूगल असिस्टेंट के यूज़र्स सात दिन पहले की अपनी डेटा की हिस्ट्री भी क्लियर कर सकते हैं। हालांकि, गूगल के इस नये फ़ीचर के लिए यूज़र्स को कुछ दिन इंतज़ार करना होगा। जैसे ही गूगल का यह नया टूल लॉन्च होगा, गूगल My Activity के पेज पर यूज़र्स को इस नये फ़ीचर को इस्तेमाल करने की पूरी जानकारी दी जाएगी।
गूगल के एक और टूल की बात करें तो अब यूज़र्स के लिए गूगल मेप्स पर कम्पनी यूट्यूब और क्रोम (Chrome) की तरह Incognito मोड देने जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Incognito मोड मिल जाने के बाद यूज़र्स के पास गूगल मेप्स पर अपने एक्टिविटी को टर्न ऑफ़ करने का ऑप्शन रहेगा, यानी कि जो भी यूज़र्स यह नहीं चाहते हैं कि गूगल को उनकी एक्टिविटी का डेटा नहीं मिले वह Incognito मोड को ऑन कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि एण्ड्रॉइड यूज़र्स को गूगल का यह नया टूल जल्द ही मिल सकता है।
अब आपको बताते हैं गूगल के एक और नये टूल के बारे में। गूगल का एक नया फ़ीचर यूज़र्स को अपनी लोकेशन, डेटा, ब्राउजिंग हिस्ट्री और ऐप्स की एक्टिविटी को अपने आप डिलीट करने का विकल्प देगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल का यह नया फ़ीचर पहले एण्ड्रॉयड के यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर काम करेगा। वहीं इसमें डेटा हिस्ट्री को डिलीट करने के लिए यूज़र्स एक निश्चित समय को सेट भी कर सकते हैं।