जानिए फास्टैग के बारे में वो सब जो आपको जानना ज़रूरी है!
Wednesday - October 16, 2019 3:55 pm ,
Category : WTN HINDI
टोल टैक्स भुगतान की आधुनिक तकनीक है फास्टैग
आज ही अपनी गाड़ी में लगवाएं फास्टैग, टोल प्लाज़ा पर रुकने के झंझट से मिलने मुक्ति
OCT 16 (WTN) – हाइवे पर सफ़र करते हुए टोल प्लाज़ा से आप कई बार निकले ही होंगे। आपने देखा होगा कि टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स भुगतान करने के बाद ही आपकी गाड़ी आगे जा सकती है। लेकिन कई बार आपको टोल प्लाज़ा पर भीड़ के कारण देरी भी हुई होगी, तो कई बार खुल्ले पैसों की कमी के कारण आपको परेशानी का सामना भी करना पड़ा होगा। पर यदि हम आपसे कहें कि अब आपको टोल प्लाज़ा पर भीड़ के कारण इंतज़ार नहीं करना होगा, और ना ही खुल्ले पैसों के लिए आपका टोल बैरियर पर झगड़ा होगा तो आप सोच में पड़ गये होंगे कि आख़िर ऐसा क्या होने जा रहा है?
जी हां अब टोल प्लाज़ा पर आपको गाड़ियों की भीड़ से राहत मिलने वाली है, और आपकी गाड़ी बिना रुके टोल प्लाज़ा से निकल जाएगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि 1 दिसम्बर से पूरे देश में टोल भुगतान के लिए फास्टैग का इस्तेमाल होने जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर यह फास्टैग होता क्या है? दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम या फास्टैग स्कीम भारत में सबसे पहले साल 2014 में शुरू की गई थी। जिसे धीरे-धीरे पूरे देश के टोल प्लाज़ाओं पर लागू किया जा रहा है।
फास्टैग की मदद से आप टोल प्लाज़ा में बिना रूके अपने टोल प्लाज़ा टैक्स का भुगतान ऑनलाइन तरीक़े से कर सकेंगे। दरअसल, फास्टैग आपकी गाड़ी की विंडस्क्रीन में लगाया जाता है और इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) लगा होता है। जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाज़ा के पास आती है, तो टोल प्लाज़ा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के सम्पर्क में आ जाता है। जिसके बाद ऑटोमैटिक तरीक़े से आपके फास्टैग अकाउण्ट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाले शुल्क का भुगतान हो जाता है। यानी कि अब आप बिना टोल प्लाज़ा पर रूके अपना टोल टैक्स चुका सकते हैं।
आपकी गाड़ी में लगा ये फास्टैग, आपके प्रीपेड खाते के एक्टिवेट होते ही अपना काम शुरू कर देता है। फास्टैग वाली गाड़ी जैसे ही किसी टोल प्लाज़ा को क्रास करेगी, तो फास्टैग अकाउण्ट से टोल टैक्स का भुगतान अपने हो जाएगा और इससे सम्बन्धित एक मैसेज आपके मोबाइल पर आएगा। लेकिन जैसे ही फास्टैग अकाउण्ट में पैसे खत्म हो जाएंगे, तो आपको उसे फ़िर से रिचार्ज करवाना पड़ेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग की वैधता सिर्फ पांच साल के लिए होगी, उसके बाद आपको फिर एक नया फास्टैग अपनी गाड़ी पर लगवाना होगा।
जानकारी के मुताबिक़, फ़िलहाल देश में नेशनल हाइवे पर कुल 527 टोल प्लाज़ा हैं, जिनमें से 380 टोल प्लाज़ा के सभी लेन फास्टैग से लैस हो गए हैं। बाकी लेनों को भी फास्टैग से लैस किया जा रहा है। केन्द्र सरकार का दावा है कि 1 दिसम्बर से देश के सभी टोल प्लाज़ा पर फास्टैग की व्यवस्था हो जाएगी।
ज़ाहिर है कि गाड़ी में लगे फास्टैग की मदद से आपके समय की बचत तो होगी ही साथ ही टोल प्लाज़ा पर रुकने के कारण होने वाली ईंधन की बर्बादी भी रुकेगी। चुंकि फास्टैग एक पारदर्शी व्यवस्था है, तो इससे यह भी पता चल जाएगा कि किस वाहन में कौन बैठा है। इससे गृह मंत्रालय को भी अपराध नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और पुलिस आसानी से अराजक तत्वों तक पहुंच सकेगी।
वहीं सरकार का तर्क है कि टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स चुकाने के लिए गाड़ियों को रुकना पड़ता है, जिससे एक तो लोगों का समय ख़राब होता है वहीं टोल प्लाज़ा पर गाड़ियों के रुकने के कारण उनसे निकलने वाले धुएं से प्रदूषण फैलाता है। लेकिन टोल प्लाज़ा पर फास्टैग सुविधा शुरू होने से गाड़ियों को टोल टैक्स के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे हर रोज़ करोड़ों रुपये का डीज़ल बचेगा और प्रदूषण भी नहीं फैलेगा।
यही नहीं, अब तो फास्टैग को जीएसटी नेटवर्क से भी जोड़ दिया गया है। यानी कि यह आपके गाड़ी के आधार कार्ड की तरह काम करेगा, क्योंकि इसमें आपकी और आपके वाहन की पूरी जानकारी समाहित होगी। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग के लिए जब अधिसूचना जारी की गई थी, तब टोल प्लाज़ा पर कम से कम एक लेन पर कैशलेस टोल स्वीकारने की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया था। अब जब हाइवे पर सभी लेन फास्टैग वाली हो जाएंगी तो सिर्फ़ एक ही लेन पर नक़दी स्वीकार की जाएगी। तो हमारी आपको सलाह है कि आप भी जल्द से जल्द अपनी गाड़ी में फास्टैग लगा लें और टोल प्लाज़ा पर रुकने की झंझट से मुक्ति पाएं।
OCT 16 (WTN) – हाइवे पर सफ़र करते हुए टोल प्लाज़ा से आप कई बार निकले ही होंगे। आपने देखा होगा कि टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स भुगतान करने के बाद ही आपकी गाड़ी आगे जा सकती है। लेकिन कई बार आपको टोल प्लाज़ा पर भीड़ के कारण देरी भी हुई होगी, तो कई बार खुल्ले पैसों की कमी के कारण आपको परेशानी का सामना भी करना पड़ा होगा। पर यदि हम आपसे कहें कि अब आपको टोल प्लाज़ा पर भीड़ के कारण इंतज़ार नहीं करना होगा, और ना ही खुल्ले पैसों के लिए आपका टोल बैरियर पर झगड़ा होगा तो आप सोच में पड़ गये होंगे कि आख़िर ऐसा क्या होने जा रहा है?
जी हां अब टोल प्लाज़ा पर आपको गाड़ियों की भीड़ से राहत मिलने वाली है, और आपकी गाड़ी बिना रुके टोल प्लाज़ा से निकल जाएगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि 1 दिसम्बर से पूरे देश में टोल भुगतान के लिए फास्टैग का इस्तेमाल होने जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर यह फास्टैग होता क्या है? दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम या फास्टैग स्कीम भारत में सबसे पहले साल 2014 में शुरू की गई थी। जिसे धीरे-धीरे पूरे देश के टोल प्लाज़ाओं पर लागू किया जा रहा है।
फास्टैग की मदद से आप टोल प्लाज़ा में बिना रूके अपने टोल प्लाज़ा टैक्स का भुगतान ऑनलाइन तरीक़े से कर सकेंगे। दरअसल, फास्टैग आपकी गाड़ी की विंडस्क्रीन में लगाया जाता है और इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) लगा होता है। जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाज़ा के पास आती है, तो टोल प्लाज़ा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन में लगे फास्टैग के सम्पर्क में आ जाता है। जिसके बाद ऑटोमैटिक तरीक़े से आपके फास्टैग अकाउण्ट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाले शुल्क का भुगतान हो जाता है। यानी कि अब आप बिना टोल प्लाज़ा पर रूके अपना टोल टैक्स चुका सकते हैं।
आपकी गाड़ी में लगा ये फास्टैग, आपके प्रीपेड खाते के एक्टिवेट होते ही अपना काम शुरू कर देता है। फास्टैग वाली गाड़ी जैसे ही किसी टोल प्लाज़ा को क्रास करेगी, तो फास्टैग अकाउण्ट से टोल टैक्स का भुगतान अपने हो जाएगा और इससे सम्बन्धित एक मैसेज आपके मोबाइल पर आएगा। लेकिन जैसे ही फास्टैग अकाउण्ट में पैसे खत्म हो जाएंगे, तो आपको उसे फ़िर से रिचार्ज करवाना पड़ेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग की वैधता सिर्फ पांच साल के लिए होगी, उसके बाद आपको फिर एक नया फास्टैग अपनी गाड़ी पर लगवाना होगा।
जानकारी के मुताबिक़, फ़िलहाल देश में नेशनल हाइवे पर कुल 527 टोल प्लाज़ा हैं, जिनमें से 380 टोल प्लाज़ा के सभी लेन फास्टैग से लैस हो गए हैं। बाकी लेनों को भी फास्टैग से लैस किया जा रहा है। केन्द्र सरकार का दावा है कि 1 दिसम्बर से देश के सभी टोल प्लाज़ा पर फास्टैग की व्यवस्था हो जाएगी।
ज़ाहिर है कि गाड़ी में लगे फास्टैग की मदद से आपके समय की बचत तो होगी ही साथ ही टोल प्लाज़ा पर रुकने के कारण होने वाली ईंधन की बर्बादी भी रुकेगी। चुंकि फास्टैग एक पारदर्शी व्यवस्था है, तो इससे यह भी पता चल जाएगा कि किस वाहन में कौन बैठा है। इससे गृह मंत्रालय को भी अपराध नियंत्रण करने में मदद मिलेगी और पुलिस आसानी से अराजक तत्वों तक पहुंच सकेगी।
वहीं सरकार का तर्क है कि टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स चुकाने के लिए गाड़ियों को रुकना पड़ता है, जिससे एक तो लोगों का समय ख़राब होता है वहीं टोल प्लाज़ा पर गाड़ियों के रुकने के कारण उनसे निकलने वाले धुएं से प्रदूषण फैलाता है। लेकिन टोल प्लाज़ा पर फास्टैग सुविधा शुरू होने से गाड़ियों को टोल टैक्स के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे हर रोज़ करोड़ों रुपये का डीज़ल बचेगा और प्रदूषण भी नहीं फैलेगा।
यही नहीं, अब तो फास्टैग को जीएसटी नेटवर्क से भी जोड़ दिया गया है। यानी कि यह आपके गाड़ी के आधार कार्ड की तरह काम करेगा, क्योंकि इसमें आपकी और आपके वाहन की पूरी जानकारी समाहित होगी। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फास्टैग के लिए जब अधिसूचना जारी की गई थी, तब टोल प्लाज़ा पर कम से कम एक लेन पर कैशलेस टोल स्वीकारने की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया था। अब जब हाइवे पर सभी लेन फास्टैग वाली हो जाएंगी तो सिर्फ़ एक ही लेन पर नक़दी स्वीकार की जाएगी। तो हमारी आपको सलाह है कि आप भी जल्द से जल्द अपनी गाड़ी में फास्टैग लगा लें और टोल प्लाज़ा पर रुकने की झंझट से मुक्ति पाएं।