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जानिए कैसे बचें साइबर क्राइम से और कैसे करें साइबर क्राइम की शिकायत?

Tuesday - October 22, 2019 1:45 pm , Category : WTN HINDI
आप भी हो सकते हैं साइबर क्राइम का शिकार!
आप भी हो सकते हैं साइबर क्राइम का शिकार!

घर बैठे ही हो सकती है साइबर क्राइम की शिकायत!

OCT 22 (WTN) – दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत में मोबाइल इंटरनेट क्रान्ति आने के बाद से इंटरनेट का इस्तेमाल बहुतायत में हो रहा है। लेकिन यदि आप कम्प्यूटर या फ़िर मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंटरनेट पर हैकर्स और फ्रॉड करने वाले आपकी ग़लती का फ़ायदा उठाने के लिए तैयार ही बैठे हैं। जी हां यदि आपने कोई भी ग़लती की तो आप इंटरनेट पर साइबर क्राइम का शिकार हो सकते हैं।

स्वाभाविक है कि आपके पास स्मार्टफ़ोन तो होगा ही और आप इसमें इंटरनेट का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। लेकिन यदि आपने इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्कता नहीं बरती, तो हो सकता है कि आप साइबर क्राइम का शिकार बन जाएं और आपको मानसिक परेशानी के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक क्षति उठानी पड़े।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया के ज़रिए साइबर ठगी या अन्य तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। इंटरनेट के ज़रिये आपके साथ ठगी और धोखाधड़ी हो सकती है। वहीं कोई आपको धमकी भी दे सकता है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड की क्लोनिंग के अलावा आपसे डिजिटल छेड़छाड़ हो सकती है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के ज़रिये कोई आपके साथ आपत्तिजनक कंटेंट भी शेयर कर सकता है।

लेकिन देखा गया है कि कई लोगों को पता ही नहीं रहता है कि उनके साथ साइबर क्राइम हो गया है। या फ़िर साइबर क्राइम हो गया है इसकी जानकारी होने के बाद भी वे इसकी शिकायत नहीं करते हैं। दरअसल, साइबर क्राइम पीड़ितों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती है कि वे इसकी शिकायत कहां पर करें। यदि आप नहीं जानते हैं कि साइबर क्राइम होने पर क्या करना चाहिए और शिकायत कहां पर दर्ज करना चाहिए, तो आइये इसके बारे में पूरी जानकारी हम आपको देते हैं।

यदि आपके साथ सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की ग़लत हरकत होती है या फ़िर आप धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो ऐसे में आप सम्बन्धित पेज का स्क्रीन शॉट, लिंक, डेट और टाइम आदि को सुरक्षित रखें। ऐसा करने से आप शिकायत के वक़्त सम्बन्धित अथॉरिटी को इसे सबूत के तौर पर दिखा सकते हैं।

यदि आपके साथ बैंकिंग सम्बन्धित धोखाधड़ी हुई है तो इसकी सूचना तुरन्त ही बैंक के कस्टमर केयर को दें और अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराएं। कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फ़िर बैंक अकाउण्ट सम्बन्धित जानकारी किसी को भी फ़ोन कॉल, मैसेज या ई-मेल के ज़रिये ना दें। वहीं कभी भी मैसेज या ई-मेल में भेजे गये किसी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें। यदि आप सावधानी बरतने के बाद भी बैंक सम्बन्धित धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो इसकी शिकायत जल्द से जल्द अपने पास के पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएं।

वहीं आप अपने साथ हुए किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड की शिकायत पुलिस की साइबर सेल से करें। हर राज्य की साइबर क्राइम सेल का अलग-अलग नम्बर है। अपने राज्य की साइबर सेल का टोल फ्री नम्बर आप अपने मोबाइल फ़ोन में सेव करके रखें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपको साइबर क्राइम की शिकायत करने के लिए किसी कार्यालय में जाने की ज़रूरत भी नहीं है। आप अपने साथ हुए साइबर क्राइम की शिकायत ऑनलाइन भी कर सकते हैं।

साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने www.cybercrime.gov.in नाम की एक वेबसाइट शुरू की है। साइबर धोखाधड़ी होने के बाद आप इस वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जैसे ही आप साइबर क्राइम की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराते हैं, मामला सम्बन्धित राज्य की पुलिस के पास भेज दिया जाएगा। इस पोर्टल में महिलाएं अपने साथ हुए साइबर अपराध की गुमनाम शिकायत भी दर्ज करा सकती हैं।
 
कहा जाता है कि सावधानी में ही सुरक्षा है। यदि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो याद रखिए कि यदि आपने सावधानी नहीं बरती तो आपका क्रेडिट कार्ड हैक हो सकता है। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि अपने क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग या नक़द निकासी की सीमा 25 हज़ार रुपये से ज़्यादा ना रखें। ऐसा करने से यह फ़ायदा होगा कि यदि आप क्रेडिट कार्ड के ज़रिये फ्रॉड का शिकार हुए तो आपको कम से कम नुकसान होगा।

याद रखिए कि हैकिंग और डाटा चोरी की ज़्यादातर घटनाएं वायरस के ज़रिए ही अंजाम दी जाती हैं। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि आप अपने कम्यूटर और स्मार्टफ़ोन में एंटी वायरस का प्रयोग करें। कभी भी बैंक सम्बन्धित काम नेट कैफे या फ़िर ऑफिस के इंटरनेट कनेक्शन से ना करें। वहीं बैंक सम्बन्धित कामों के लिए पब्लिक वाईफाई का प्रयोग भी ना करें।

इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और सोशल मीडिया अकाउण्ट के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें। साथ ही अपने स्मार्टफ़ोन को हमेशा लॉक रखें, जिससे कोई भी आपके स्मार्टफ़ोन का दुरुपयोग ना कर सके। यदि आपने सावधानी नहीं बरती और ग़लतियां की तो आप साइबर क्राइम का शिकार हो सकते हैं। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि कम्प्यूटर और स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते समय पूरी सावधानी बरतें, जिससे आप साइबर क्राइम की धोखाधड़ी से बच सकें।