BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

स्मार्टफ़ोन के फेक ऐप्स पहुंचा सकते हैं आपको आर्थिक हानि!

Saturday - October 26, 2019 10:25 am , Category : WTN HINDI
डिजिटल ट्रांजैक्शन के समय बरतें सावधानी
डिजिटल ट्रांजैक्शन के समय बरतें सावधानी

नुकसानदायक साबित हो सकते हैं स्मार्टफ़ोन में डाउनलोड किये गये फ़ालतू के ऐप्स

OCT 26 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है, इसलिए समय के साथ-साथ इंसान की ज़रूरतें भी परिवर्तित होती रहती हैं। और ज़रूरतों के बदलने पर उन ज़रूरतों को पूरा करने के नये-नये तरीक़े भी निजात होते रहते हैं। आज से चंद सालों पहले बैंक से सम्बन्धित किसी भी काम के लिए आपको बैंक जाना पड़ता था और वहां लाइन में काफ़ी समय बर्बाद करने के बाद आपका काम हो पाता था। लेकिन समय के साथ अब इस परेशानी से आपको निजात मिल गई है। डिजिटाइजेशन होने के बाद आप बैंक सम्बन्धित काम अपने कम्प्यूटर या स्मार्टफ़ोन पर ही कर सकते हैं और आपको बैंक जाने की भी ज़रूरत नहीं है।

डिजिटाइजेशन होने के बाद से डिजिटल ट्रांजैक्शन में भी काफ़ी वृद्धि हुई है। नोटबंदी और मोबाइल इंटरनेट क्रान्ति होने के बाद भारत में डिजिटिल ट्रांजैक्शन के प्रति लोगों का रुझान काफ़ी बढ़ा है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट और कई तरह के पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन के लिए किया जा रहा है। एक जानकारी के मुताबिक़, भारत में लोग कैश लेनदेन से ज़्यादा डिजिटल तरीक़े से लेनदेन करना ज़्यादा पसंद करने लगे हैं। मोदी सरकार भी डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए कई तरह की छूट और सुविधाएं भी दे रही है।

डिटिजल ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल है तो बहुत आसान, लेकिन यदि आपने इसके इस्तेमाल में लापरवाही बरती या फ़िर ग़लती की तो आपके साथ फ्रॉड भी हो सकता है। दरअसल, जिस तरह पहले रुपयों की चोरी, लूट और डकैती होती थी, अब रुपयों की डिजिटल तरीक़े से लूट होती है। आप सोच रहे होंगे कि डिजिटल तरीक़े से लूट कैसे होती है, तो आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं। यदि आपने डिजिटल ट्रांजैक्शन करना अभी-अभी शुरू किया है तो आपको इसके बारे में जानने की काफ़ी ज़रूरत है, जिससे आप किसी भी तरह के फ्रॉड से बच सकें।

सबसे पहले तो अपने स्मार्टफ़ोन को हमेशा लॉक रखें। वहीं अपने स्मार्टफ़ोन में डिजिटल पेमेंट के लिए जिस भी ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं उस ऐप को भी हमेशा लॉक रखें। एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि अपने स्मार्टफ़ोन में कभी भी किसी भी अनावश्यक ऐप को डाउनलोड ना करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि आपके स्मार्टफ़ोन में मौजूद ऐप्स की मदद से ही हैकर्स आपके फ़ोन को हैक कर सकते हैं और आपकी निजी और बैंक सम्बन्धित जानकारी चुरा सकते हैं। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि हमेशा ऐप स्टोर से ही किसी भी ऐप को डाउनलोड करें और फ़ालतू  के ऐप्स को अपने स्मार्टफ़ोन से अनइन्सटॉल कर दें।

जब भी कभी बड़ी रक़म का ट्रांजैक्शन करें तो उस समय काफ़ी सावधानी बरतें। साथ ही किसी शॉपिंग, बिलिंग या वित्तीय कम्पनी को पेमेंट करते समय पूरा ध्यान रखें कि जिस सोर्स को आप पेमेंट कर रहे हैं वो सही और विश्वसनीय है कि नहीं। ऑनलाइन शॉपिंग के पेमेंट के समय तो इस बार का सबसे ज़्यादा ध्यान रखना ज़रूरी है।

डिजिटल ट्रांजैक्शन के समय हमेशा याद रखें कि अपना ओटीपी कभी भी किसी के भी साथ शेयर ना करें। साथ ही याद रखें कि फ़ोन कॉल, मैसेज या ई-मेल के ज़रिये कभी भी अपनी निजी और बैंक अकाउण्ट सम्बन्धित जानकारी किसी के भी साथ शेयर ना करें। याद रखिए कि कभी भी फ़ोन, मैसेज या ई-मेल के ज़रिये कोई भी बैंक आपसे आपकी निजी जानकारी नहीं मागती है और ना ही कोई बैंककर्मी ओटीपी के बारे में पूछता है।

जब भी डिजिटल ट्रांजैक्शन करें, तो यह याद रखें इस वक़्त या तो ख़ुद के मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करें या फ़िर घर के इंटरनेट कनेक्शन का। कभी भी डिजिटल ट्रांजैक्शन करते समय पब्लिक वाई-फाई, हॉटस्पॉट या फ़िर ऑफिस और नेट कैफे के कम्प्यूटर का प्रयोग ना करें। क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो आप हैकिंग का शिकार हो सकते हैं। वहीं नेटबैंकिंग समेत अन्य पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें और इन्हें किसी के भी साथ शेयर ना करें।

मैसेज या ई-मेल पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक कभी भी ना करें, क्योंकि यदि आपने ऐसा किया तो हो सकता है कि हैकर्स आपके स्मार्टफ़ोन को हैक कर लें। वहीं आप अपने जिस बैंक अकाउण्ट के ज़रिये डिजिटल ट्रांजैक्शन करते हैं, उसमें कम से कम रक़म ही रखें। क्योंकि यदि आप किसी भी कारण से डिजिटल फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो आपके बैंक अकाउण्ट में कम रक़म होने से आपको ज़्यादा आर्थिक हानि नहीं होगी।