क्या व्हाट्सएप पर से लोगों का विश्वास कम होता जा रहा है?
Thursday - November 7, 2019 10:55 am ,
Category : WTN HINDI
व्हाट्सएप को टेलीग्राम और सिग्नल ऐप्स से मिल रही कड़ी टक्कर
जासूसी केस के बाद व्हाट्सएप के सामने कई चुनौतियां
NOV 07 (WTN) – व्हाट्सएप यानी कि एक ऐसा ऐप जो कि लोकप्रियता के मामले में पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। इन्स्टैंट मैसेजिंग ऐप के रूप में व्हाट्सएप की लोकप्रियता किसी से भी छिपी हुई नहीं है। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ही व्हाट्सएप के क़रीब 40 करोड़ यूज़र्स हैं। व्हाट्सएप के सिक्योरिटी फ़ीचर्स ही उसकी लोकप्रियता के सबसे बड़े कारण हैं। फेसबुक के मालिकाना हक़ वाली कम्पनी व्हाट्सएप का दावा है कि उसका एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन फ़ीचर सेण्डर और रिसीवर के बीच के कन्वर्सेशन को सेफ और सिक्योर रखता है।
व्हाट्सएप के ऐसे ही कई शानदार फ़ीचर्स के कारण ही इन्स्टैंट मैसेजिंग के मामले में व्हाट्सएप पूरी दुनिया में फि़सहाल सबसे ज़्यादा लोकप्रिय ऐप है। लेकिन पिछले दिनों दुनिया भर के क़रीब 1400 व्हाट्सएप अकाउण्ट के हैक होने और डेटा ब्रीच की घटना सामने आने के बाद से व्हाट्सएप के सेफ और सिक्योर कन्वर्सेशन के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। देखा गया है कि व्हाट्सएप की सिक्योरिटी पर सवाल उठने के बाद इसका फ़ायदा दो अन्य मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप्स को मिल रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप को अब टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) जैसे ऐप्स की तरफ़ से कड़ी चुनौती मिल रही है। व्हाट्सएप सिक्योरिटी विवाद के बाद इन दोनों ही ऐप्स को कई लोगों ने डाउनलोड किया है। जानकारों के मुताबिक़, आने वाले समय में इन दोनों ही ऐप्स के यूज़र्स की तादात बढ़ सकती है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, व्हाट्सएप डेटा ब्रीच मामले के बाद भारत में सिग्नल नाम के ऐप को यूज़र्स ने बड़ी तादात में डाउनलोड किया है।
सिग्नल नाम का ऐप भारत में iOS स्टोर पर 105वें नम्बर से सीधे 39वें नम्बर पर आ गया है। वहीं गूगल प्ले स्टोर पर सिग्नल ऐप कम्युनिकेशन ऐप कैटेगरी में 255वें स्थान से 31वें स्थान पर आ गया है। व्हाट्सएप की लोकप्रियता पर डेटा ब्रीच विवाद ने ख़ासा असर डाला है। जानकारी के मुताबिक़, गूगल प्ले स्टोर पर Most Downloaded Apps की कैटेगरी में व्हाट्सएप पहले नम्बर से चौथे नम्बर पर आ गया है।
जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप का हमेशा से ही यह दावा रहा है कि उसकी चैटिंग सिक्योरिटी सबसे बेहतरीन है। लेकिन व्हाट्सएप सिक्टोरिटी विवाद के बाद व्हाट्सएप की चैटिंग सिक्योरिटी पर से लोगों का विश्वास कम होता जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप को इस समय कड़ी प्रतिस्पर्धा टेलीग्राम ऐप दे रहा है। जानकारों का मानना है कि टेलीग्राम पर चैटिंग की सिक्योरिटी व्हाट्सएप से बेहतर है।
जानकारों के मुताबिक़, टेलीग्राम जैसे ऐप MT Protocol का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें भेजे गये और प्राप्त किये गये हर तरह के मैसेज को कई बार चेक किया जाता है। व्हाट्सएप के एण्ड-टू-एण्ड इनक्रिप्शन के अलावा टेलीग्राम में एक ऐसा फ़ीचर है जो मैसेज की length को चेक करता है। यानी कि यदि टेलीग्राम पर किसी यूज़र ने दूसरे यूज़र को 40 अक्षरों का मैसेज भेजा है तो टेलीग्राम यह सुनिश्चित करता है कि रिसीवर को भी 40 अक्षरों का मैसेज मिला है कि नहीं।
इतना ही नहीं, टेलीग्राम ऐप पर जब भी कोई मैसेज भेजता है तो टेलीग्राम हर एक मैसेज पर एक यूनीक सिक्वेंस नम्बर लगाता है। मैसेज सेण्ड करने के बाद जब यह मैसेज रिसीवर को मिलता है तो इसके बाद टेलीग्राम पूरी तरह से चेक करता है कि भेजा गया मैसेज सिक्वेंस में है कि नहीं। टेलीग्राम का दावा है कि इस तरह के सिक्योरिटी और प्रोटेक्शन लेवल को वे हर मैसेज के दौरान अपनाते हैं, जिससे मैसेज सेण्डर और रिसीवर के बीच ही गुप्त रहता है। इतना ही नहीं, टेलीग्राम अपने यूज़र्स को सेल्फ डिस्ट्रक्ट जैसा फ़ीचर भी देता है। इस फ़ीचर में यूज़र 15 या 30 सेकेण्ड का समय चुन सकते हैं, और इस चुने गये इस समय के बाद मैसेज अपने आप डिलीट हो जाता है।
टेलीग्राम के अलावा यूज़र्स अब सिग्नल ऐप को भी भारी तादात में डाउनलोड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि सिग्नल ऐप के सिक्योरिटी फ़ीचर्स भी काफ़ी अच्छे हैं जो कि यूज़र्स को आकर्षित कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिग्नल ऐप की ख़ास बात यह है कि यह वीडियो कॉलिंग के लिए भी काफ़ी बेहतर सिक्योरिटी देता है।
व्हाट्सएप से डेट्रा ब्रीच होने के आरोपों के बाद व्हाट्सएप ने अपनी सफ़ाई में काफ़ी कुछ कहा है। व्हाट्सएप जासूसी मामले में व्हाट्सएप ने इज़राइल की एक कम्पनी पर इसका आरोप लगाया है। वहीं सिक्टोरिटी लैप्स के तमाम आरोपों के बीच, व्हाट्सएप का कहना है कि एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन के मामले में व्हाट्सएप दुनिया की पहले नम्बर की कम्पनी है। हमेशा की तरह एक बार फ़िर से व्हाट्सएप ने दोहराया है कि यूज़र्स की प्राइवेसी उनके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
सिक्टोरिटी को लेकर इन दिनों व्हाट्सएप और टेलीग्राम के फ़ीचर्स की तुलना हो रही है। इस बारे में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि व्हाट्सएप का सारा डेटा यूज़र के फ़ोन में सेव होता है। लेकिन टेलीग्राम में मैसेज, फ़ोटो और डॉक्युमेण्ट्स क्लाउड पर स्टोर होते हैं और इसके लिए किसी भी तरह के बैकअप की ज़रूरत नहीं होती है। वहीं टेलीग्राम ऐप पर यूज़र्स हर साइज़ की फाइल भेज सकते हैं, लेकिन व्हाट्सएप में ऐसा करना फ़िलहाल सम्भव नहीं है।
जैसा कि हमने आपको बताया कि व्हाट्सएप के भारत में क़रीब 40 करोड़ यूज़र्स हैं और इस समय भारत में सबसे ज़्यादा पॉपुलर इन्स्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप ही है। माना कि टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स व्हाट्सएप को चुनौती दे रहे हैं, लेकिन फ़िलहाल यह दोनों ही ऐप्स शुरूआत स्टेज पर हैं और व्हाट्सएप के विशाल यूज़रबेस को शिप्ट करना इन दोनों के लिए काफ़ी मुश्किल साबित होगा।
भारत में सिग्नल ऐप से यूज़र्स की संख्या कुछ लाखों में है तो वहीं टेलीग्राम के भी अभी सिर्फ़ 3 से 4 करोड़ यूज़र्स ही हैं। ऐसे में व्हाट्सएप के विशाल यूज़रबेस को चुनौती देने में और उस यूज़रबेस को हासिल करने में सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ऐप्स को और भी ज़्यादा यूनिक फ़ीचर्स लॉन्च करने होंगे। लेकिन व्हाट्सएप भी बाक़ी ऐप्स से मिलने वाली चुनौतियों को हल्के में नहीं ले रहा होगा, और व्हाट्सएप भी अपने सिक्टोरियी फ़ीचर्स में और भी सुधार करने की कोशिशों में लगा होगा।
NOV 07 (WTN) – व्हाट्सएप यानी कि एक ऐसा ऐप जो कि लोकप्रियता के मामले में पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। इन्स्टैंट मैसेजिंग ऐप के रूप में व्हाट्सएप की लोकप्रियता किसी से भी छिपी हुई नहीं है। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ही व्हाट्सएप के क़रीब 40 करोड़ यूज़र्स हैं। व्हाट्सएप के सिक्योरिटी फ़ीचर्स ही उसकी लोकप्रियता के सबसे बड़े कारण हैं। फेसबुक के मालिकाना हक़ वाली कम्पनी व्हाट्सएप का दावा है कि उसका एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन फ़ीचर सेण्डर और रिसीवर के बीच के कन्वर्सेशन को सेफ और सिक्योर रखता है।
व्हाट्सएप के ऐसे ही कई शानदार फ़ीचर्स के कारण ही इन्स्टैंट मैसेजिंग के मामले में व्हाट्सएप पूरी दुनिया में फि़सहाल सबसे ज़्यादा लोकप्रिय ऐप है। लेकिन पिछले दिनों दुनिया भर के क़रीब 1400 व्हाट्सएप अकाउण्ट के हैक होने और डेटा ब्रीच की घटना सामने आने के बाद से व्हाट्सएप के सेफ और सिक्योर कन्वर्सेशन के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। देखा गया है कि व्हाट्सएप की सिक्योरिटी पर सवाल उठने के बाद इसका फ़ायदा दो अन्य मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप्स को मिल रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप को अब टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) जैसे ऐप्स की तरफ़ से कड़ी चुनौती मिल रही है। व्हाट्सएप सिक्योरिटी विवाद के बाद इन दोनों ही ऐप्स को कई लोगों ने डाउनलोड किया है। जानकारों के मुताबिक़, आने वाले समय में इन दोनों ही ऐप्स के यूज़र्स की तादात बढ़ सकती है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, व्हाट्सएप डेटा ब्रीच मामले के बाद भारत में सिग्नल नाम के ऐप को यूज़र्स ने बड़ी तादात में डाउनलोड किया है।
सिग्नल नाम का ऐप भारत में iOS स्टोर पर 105वें नम्बर से सीधे 39वें नम्बर पर आ गया है। वहीं गूगल प्ले स्टोर पर सिग्नल ऐप कम्युनिकेशन ऐप कैटेगरी में 255वें स्थान से 31वें स्थान पर आ गया है। व्हाट्सएप की लोकप्रियता पर डेटा ब्रीच विवाद ने ख़ासा असर डाला है। जानकारी के मुताबिक़, गूगल प्ले स्टोर पर Most Downloaded Apps की कैटेगरी में व्हाट्सएप पहले नम्बर से चौथे नम्बर पर आ गया है।
जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप का हमेशा से ही यह दावा रहा है कि उसकी चैटिंग सिक्योरिटी सबसे बेहतरीन है। लेकिन व्हाट्सएप सिक्टोरिटी विवाद के बाद व्हाट्सएप की चैटिंग सिक्योरिटी पर से लोगों का विश्वास कम होता जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप को इस समय कड़ी प्रतिस्पर्धा टेलीग्राम ऐप दे रहा है। जानकारों का मानना है कि टेलीग्राम पर चैटिंग की सिक्योरिटी व्हाट्सएप से बेहतर है।
जानकारों के मुताबिक़, टेलीग्राम जैसे ऐप MT Protocol का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें भेजे गये और प्राप्त किये गये हर तरह के मैसेज को कई बार चेक किया जाता है। व्हाट्सएप के एण्ड-टू-एण्ड इनक्रिप्शन के अलावा टेलीग्राम में एक ऐसा फ़ीचर है जो मैसेज की length को चेक करता है। यानी कि यदि टेलीग्राम पर किसी यूज़र ने दूसरे यूज़र को 40 अक्षरों का मैसेज भेजा है तो टेलीग्राम यह सुनिश्चित करता है कि रिसीवर को भी 40 अक्षरों का मैसेज मिला है कि नहीं।
इतना ही नहीं, टेलीग्राम ऐप पर जब भी कोई मैसेज भेजता है तो टेलीग्राम हर एक मैसेज पर एक यूनीक सिक्वेंस नम्बर लगाता है। मैसेज सेण्ड करने के बाद जब यह मैसेज रिसीवर को मिलता है तो इसके बाद टेलीग्राम पूरी तरह से चेक करता है कि भेजा गया मैसेज सिक्वेंस में है कि नहीं। टेलीग्राम का दावा है कि इस तरह के सिक्योरिटी और प्रोटेक्शन लेवल को वे हर मैसेज के दौरान अपनाते हैं, जिससे मैसेज सेण्डर और रिसीवर के बीच ही गुप्त रहता है। इतना ही नहीं, टेलीग्राम अपने यूज़र्स को सेल्फ डिस्ट्रक्ट जैसा फ़ीचर भी देता है। इस फ़ीचर में यूज़र 15 या 30 सेकेण्ड का समय चुन सकते हैं, और इस चुने गये इस समय के बाद मैसेज अपने आप डिलीट हो जाता है।
टेलीग्राम के अलावा यूज़र्स अब सिग्नल ऐप को भी भारी तादात में डाउनलोड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि सिग्नल ऐप के सिक्योरिटी फ़ीचर्स भी काफ़ी अच्छे हैं जो कि यूज़र्स को आकर्षित कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिग्नल ऐप की ख़ास बात यह है कि यह वीडियो कॉलिंग के लिए भी काफ़ी बेहतर सिक्योरिटी देता है।
व्हाट्सएप से डेट्रा ब्रीच होने के आरोपों के बाद व्हाट्सएप ने अपनी सफ़ाई में काफ़ी कुछ कहा है। व्हाट्सएप जासूसी मामले में व्हाट्सएप ने इज़राइल की एक कम्पनी पर इसका आरोप लगाया है। वहीं सिक्टोरिटी लैप्स के तमाम आरोपों के बीच, व्हाट्सएप का कहना है कि एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन के मामले में व्हाट्सएप दुनिया की पहले नम्बर की कम्पनी है। हमेशा की तरह एक बार फ़िर से व्हाट्सएप ने दोहराया है कि यूज़र्स की प्राइवेसी उनके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
सिक्टोरिटी को लेकर इन दिनों व्हाट्सएप और टेलीग्राम के फ़ीचर्स की तुलना हो रही है। इस बारे में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि व्हाट्सएप का सारा डेटा यूज़र के फ़ोन में सेव होता है। लेकिन टेलीग्राम में मैसेज, फ़ोटो और डॉक्युमेण्ट्स क्लाउड पर स्टोर होते हैं और इसके लिए किसी भी तरह के बैकअप की ज़रूरत नहीं होती है। वहीं टेलीग्राम ऐप पर यूज़र्स हर साइज़ की फाइल भेज सकते हैं, लेकिन व्हाट्सएप में ऐसा करना फ़िलहाल सम्भव नहीं है।
जैसा कि हमने आपको बताया कि व्हाट्सएप के भारत में क़रीब 40 करोड़ यूज़र्स हैं और इस समय भारत में सबसे ज़्यादा पॉपुलर इन्स्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप ही है। माना कि टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स व्हाट्सएप को चुनौती दे रहे हैं, लेकिन फ़िलहाल यह दोनों ही ऐप्स शुरूआत स्टेज पर हैं और व्हाट्सएप के विशाल यूज़रबेस को शिप्ट करना इन दोनों के लिए काफ़ी मुश्किल साबित होगा।
भारत में सिग्नल ऐप से यूज़र्स की संख्या कुछ लाखों में है तो वहीं टेलीग्राम के भी अभी सिर्फ़ 3 से 4 करोड़ यूज़र्स ही हैं। ऐसे में व्हाट्सएप के विशाल यूज़रबेस को चुनौती देने में और उस यूज़रबेस को हासिल करने में सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ऐप्स को और भी ज़्यादा यूनिक फ़ीचर्स लॉन्च करने होंगे। लेकिन व्हाट्सएप भी बाक़ी ऐप्स से मिलने वाली चुनौतियों को हल्के में नहीं ले रहा होगा, और व्हाट्सएप भी अपने सिक्टोरियी फ़ीचर्स में और भी सुधार करने की कोशिशों में लगा होगा।